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“दीदी की चुदाई खेत में कर के बच्चा पैदा किया”

​नमस्कार दोस्तो

 मैं आपका दोस्त अजय मेरा असली नाम अजय नहीं है.. यह तो बस एक अजय है। लेकिन दोस्तों मेरी कहानी बिल्कुल सच्ची है, इसमें कोई अजय नहीं है।
बात उस समय की है.. जब मैं गांव में रहता था। तब मेरी उम्र 19 साल थी उस समय मैं इण्टरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा था। मेरा रंग सांवला है.. लम्बाई 5″8 फुट है।
यह घटना मेरी दीदी के साथ घटी.. वो कैसे.. मैं अभी बता रहा हूँ, एक झलक मेरी दीदी की भी देख लीजियेगा।
मेरी दीदी बिल्कुल गोरी हैं.. उनकी लम्बाई 5.4फुट है.. उम्र 40साल लेकिन लगती 30 साल की हैं। उनका शरीर बहुत ही धांसू है और सबसे धांसू तो उनके उठे हुए बुरड़ और उन बुरड़ों में मटकती गाण्ड है। आप कहेंगे कि कहानी में सब ऐसे ही लिखते हैं लेकिन विश्वास कीजिए.. अगर आप भी मेरी दीदी को देखेंगे तो दो-चार बार मुठ तो जरूर मारेंगे।
चलिए हम अपनी असली कहानी पर चलते हैं।

यह कहानी आप अन्तर्वासना पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर पढेंगे

एक दिन की बात है.. जाड़े का मौसम था और मुझे दोपहर को टट्टी लग आई। मेरे घर के सामने थोड़ी दूर पर ईख का खेत था। मैं डिब्बा में पानी लेकर ईख के खेत में टट्टी करने घुस गया और जैसे ही ईख के खेत में घुसा.. तो मैंने जो देखा उससे मेरी आँखें खुली की खुली रह गईं।

मैंने देखा कि मेरी दीदी एक मोटे डंडे में कुछ कपड़े लपेट कर उसके ऊपर एक पोलिथिन की पन्नी लगा कर एक मोटा लण्ड जैसा बना कर उससे अपनी बुर को चोद रही थीं। दीदी पूरे जोश में थीं.. जिससे वो केवल अपनी बुर को चोदे जा रही थीं।
करीब 7 मिनट बाद दीदी की नजर मेरे ऊपर पड़ी.. तो उन्होंने झट से अपनी खुली हुई बुर और गाण्ड को ढक लिया और मुझे डांटकर बोलीं- तू यहाँ क्या कर रहा है?

मैं डर गया और बोला- दीदी मैं तो टट्टी करने आया था।

वो डांटकर बोलीं- ठीक है.. उधर जाकर कर लो।


मैं खड़ा रहा तो बोलीं- जाओ न..

तो मैंने बोला- दीदी.. जो अभी मैंने देखा है.. उसको सही से करवा लो.. मैं किसी से नहीं बताऊँगा.
मेरा लण्ड पूरा खड़ा था.. मैं अपने लण्ड को हाथ में लेकर मसलने लगा, जिसे देख कर दीदी का भी जोश भड़क उठा।

तब दीदी डांट कर बोलीं- किसी को पता नहीं चलना चाहिए।

मैं बोला- किसी को नहीं पता चलेगा।

इतना कहते हुए मैं दीदी के पास पहुँच गया।
दीदी उठकर खड़ी हो गईं.. मैंने दीदी को अपनी बाँहों में पकड़ लिया और उनका चुम्मा लेने लगा।

दीदी भी मेरे लण्ड को सहलाने लगीं, मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था, मेरा जी कर रहा था कि दीदी ऐसे ही सहलाती रहें।
फिर दीदी ने मेरे दोनों हाथों को पकड़ कर एक हाथ अपनी छाती पर रख कर तथा दूसरा हाथ अपनी बुर पर रखवा कर बोलीं- जैसे मैं तेरा सहला रही हूँ.. वैसे ही तुम मेरे ‘पुपु’ और बुर को सहलाओ।

मैं पहली बार सेक्स करने जा रहा था इसलिए मुझे मालूम नहीं था कि क्या-क्या करते हैं।
दोस्तो, आप कहेंगे कि मैं 19 साल का हो गया हूँ और मुझे पेलना नहीं आता.. लेकिन ऐसी ही बात है.. मैं तो बुर में लण्ड डालकर बस हिलाना जानता था। इसलिए दीदी को भी यह एहसास हुआ कि मुझे पेलने का तरीका नहीं मालूम है। इसलिए वो मेरा हाथ अपने पुपु और बुर पर रखकर सहलाने के लिए बोलीं।
थोड़ी देर सहलाने और सहलवाने के बाद दीदी ने नीचे बैठकर मेरे लण्ड को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगीं।

उनके चूसने से मुझे गुदगुदी होने लगी, मैंने दीदी से बोला- दीदी मेरे लण्ड में गुदगुदी हो रही है।
तो उन्होंने कुछ जबाब नहीं दिया और चूसती रहीं।

कुछ ही देर में मेरे लण्ड से गर्म पानी दीदी के मुँह में गिर गया, दीदी पूरा पानी चाटकर पी गईं।
इसके बाद दीदी ने अपना पेटीकोट ऊपर सरकाया और मेरे सर को पकड़कर अपनी बुर में धकेल कर बोलीं- जैसे मैंने तेरा लण्ड चूसा है.. ठीक वैसे ही अब तुम मेरी बुर चूसो।
फिर मैं दीदी की बुर में अपनी जीभ डालकर चूसने लगा, कुछ देर चूसने के बाद दीदी के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं, दीदी जोर-जोर से कह रही थी- आह.. आह.. चूस ले.. भोसड़ी के.. अपनी दीदी की बुर का रस चाट ले.. आह्ह्ह.. अपनी दीदी की बुर का घी.. पी ले..
और मैं चूसता रहा.. कुछ ही देर बाद दीदी की बुर से घी के समान कुछ निकला.. जिसको मैंने घी समझ कर चाट डाला, उसका स्वाद कुछ नमकीन जैसा था।
यह कहानी आप अन्तर्वासना पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
दीदी ने अपना सारा पानी मेरे मुँह में गिरा दिया, वे मेरे शरीर से लिपटी रहीं।

थोड़ी देर बाद दीदी मेरा लण्ड फिर से अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं, इस बार झड़ जाने के कारण लण्ड बिल्कुल सिकुड़ा हुआ था। जिससे दीदी उसे लालीपॅाप की तरह चूस रही थीं।
पांच मिनट में मेरा लौड़ा फिर से मोटा और लम्बा हो गया।

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लौड़े के मोटा होते ही दीदी लेट गईं और अपनी दोनों टाँगें ऊपर उठाकर बुर में पेलने को कहने लगीं।

मैंने अपना लण्ड दीदी की बुर के ऊपर रखकर एक जोर का झटका मारा और मेरा 7 इन्च लम्बा लण्ड एक ही बार में पूरा दीदी की बुर में घुस गया।


दीदी के मुँह से निकला- हाय मार डाला रे..

अगले ही पल उन्होंने हल्की मुस्कान दी और कहने लगीं- आह्ह मजा आ गया.. जोर से पेल मेरे लाल.. फाड़ दे अपनी दीदी की बुर को..

यह सुनकर मेरा जोश और बढ़ गया मैं और जोर-जोर झटके मारने लगा। मुझे बड़ा मजा आ रहा था।
करीब 20 मिनट के बाद झड़ने ही वाला था.. तो मैंने पूछा- दीदी मैं झड़ने वाला हूँ.. कहाँ गिराऊँ?

दीदी ने कहा- अन्दर ही गिरा दो।

मैंने कहा- दीदी अगर तुन्हें बच्चा हो गया तो?

दीदी ने जबाब दिया- अरे पगले मैं तेरे बच्चे की माँ बनाना चाहती हूँ

मैंने कहा- ठीक है
इतना सुनते ही मैंने एक जोरका झटका मारते हुए दीदी की बुर के अन्दर अपना सारा पानी गिरा दिया।

कुछ सेकेण्ड बाद दीदी ने मुझे कस कर पकड़ लिया।

मैंने पूछा- क्या हुआ?

दीदी ने कहा- मैं भी झड़ गई हूँ।
हम दोनों एक-दूसरे से 8-10 मिनट तक लिपट कर पड़े रहे।

फिर दीदी मेरा लण्ड सहलाने लगीं.. सहलाते-सहलाते मेरा लण्ड एक बार फिर से खड़ा हो गया। मैंने दीदी को पेलने तैयार हो गया।

दीदी ने मुझे रोका और घोड़ी बन गईं, फिर मुझसे पेलने को कहा.. मैंने दीदी की गाण्ड में पेलने के लिए अपना लण्ड घुसाने लगा.. तो दीदी ने कहा- गाण्ड में नहीं.. बुर में पेलते हैं।
फिर मैं दीदी की बुर में पेलने लगा। दीदी अपनी गाण्ड हिला-हिला कर मेरा लौड़ा पिलवा रही थीं। अचानक मेरा लण्ड दीदी की बुर से निकल कर उनकी गाण्ड में जाने लगा। दीदी की गाण्ड काफी टाइट थी.. जिससे लण्ड सिर्फ हल्का सा अन्दर जा पाया।
मैंने तुरन्त दीदी की कमर पकड़ कर एक जोर का झटका मारते हुए अपना आधा लण्ड दीदी की गाण्ड में उतार दिया। दीदी जोर से कराह उठीं और हमको गाली देने लगीं.. और धकेल कर अपने आपको छुड़ाने लगीं।
मैंने दीदी को कस कर पकड़ा और एक जोर का झटका दोबारा मारा और मेरा पूरा लण्ड दीदी की गाण्ड में घुस गया।

दीदी जोर-जोर से कराहने लगीं और निकालने के लिए कहने लगीं।

मैंने दीदी की गाण्ड से लण्ड नहीं निकाला और अपने हाथों से दीदी की दोनों जाँघों को सहलाने लगा।
थोड़ी देर बाद दीदी ने खुद अपनी गाण्ड को हिला-हिला कर पेलवाने लगीं। पूरे 17 मिनट गाण्ड मारने के बाद मैं झड़ गया।
दीदी ने तुरन्त पल्टी मारी और मुझे एक किस किया और अपनी बाँहों में भर कर बोलीं- ऐसी चुदाई तो आज तक किसी ने नहीं की.. तूने मेरी जिन्दगी सुधार दी.. आइ लव यू बेटा..

इसके बाद हम दोनों घर चले गए।

अब जब दीदी को चुदाने को जी करता है तो रात में जब सब सो जाते हैं तब अपने बिस्तर पर मुझे बुला कर चुदा लेती हैं और गाण्ड भी मरवा लेती हैं, कहीं बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

मेरी दीदी की बुर चौड़ी है.. पर मुझे बहुत अच्छी लगती है।

आई लव यू दीदी.. तेरी गाण्ड को मेरे लौड़े का सलाम।


अब दीदी का एक बच्चा भी जो की मेरा है


मेरी सच्ची कहानी कैसी लगी आपको आप मुझे ई-मेल जरूर करिएगा।

आपका अपना अजय

Antarvasna

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