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“10वी की छात्रा की कुँवारी चुत”

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम दीपक है और में एक बार फिर से आप सभी अन्तर्वासना पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेनें वालो की सेवा में अपनी एक चुदाई की सच्ची घटना लेकर आया हूँ जिसमें मैंनें अपनी एक गर्लफ्रेंड की बड़ी मस्त चुदाई के मज़े लिए| दोस्तों यह कहानी मेरी पहली बार सेक्स करनें के बारे में है और उस समय में अपनी 10th क्लास के पेपर की तैयारी कर रहा था और वो जनवरी का महिना था इसलिए ठंड उन दिनों कुछ ज्यादा ही पड़ रही थी| में हर दिन जल्दी सुबह के समय अपनी एक ट्यूशन के लिए जाता था और हमारी उस क्लास में बहुत सारी लड़कियाँ भी पढ़नें आती थी| दोस्तों उन सभी लड़कियों में से एक लड़की का नाम संगीता था, वो दिखनें में बहुत सुंदर तो थी, लेकिन उसके वो गोरे एकदम गोलमटोल बूब्स हमारी उस क्लास और स्कूल में भी सबसे अच्छे थे और उस समय में भी पढ़नें वहीं जानें लगा था| दोस्तों मेरा शरीर भी बहुत अच्छा गठीला भी बहुत था इसलिए हर एक लड़की मेरे से आकर्षित हुआ करती थी और वैसे उस समय बहुत ही कम लड़के कसरत करनें जाते थे इसलिए मेरा बदन सबसे अलग हटकर था और वैसे में पढ़ाई करनें में भी अपनें पूरी क्लास में टॉपर में से एक था|
दोस्तों वो लड़की मेरी तरफ बहुत ज्यादा हर बार मुड़कर देखा करती थी और वैसे में भी उसके साथ दोस्ती करना चाहता था, लेकिन में आगे होकर उसको यह बात बोल नहीं सकता था इसलिए में बहुत दिनों तक चुप ही रहा| अब वो हर कभी मुझे देखकर मुस्कुरानें पलट पलटकर देखनें और मुझसे बातें करनें के कोई ना कोई मौके देखनें लगी थी और में उसके मन की उस बात को समझकर खुश होनें लगा था, इसलिए अब कभी कभी हमारे बीच बातें हंसी मजाक भी होना शुरू हो गया था| फिर एक दिन मेरे सर नें तीन तीन छात्रों के ग्रुप बना दिए| दोस्तों क्योंकि में अपनें सर का सबसे अच्छा प्यारा छात्र था, इसलिए मेरे सर नें मेरे उस ग्रुप में दोनों लड़कियों को डाल दिया| अब हम तीनों एक साथ बैठकर पढ़ाई से ज्यादा बातें हंसी करनें लगे थे| उसी में एक लड़की का नाम सुमन था| दोस्तों शायद संगीता नें सुमन को मेरे बारे में कुछ बोल दिया था इसलिए सुमन हमेशा संगीता की बहुत तारीफ और उसी के बारे में मेरे सामनें ज्यादा बातें करती थी| अब सही मौका मिलनें पर संगीता और में एक साथ बैठकर बातें मजाक भी करते थे, इसलिए हमारी दोस्ती धीरे धीरे गहरी होकर प्यार में बदलती जा रही थी|
एक बार मेरा हाथ उसके हाथ से छू गया और उसनें नाराज ना होकर थोड़ा सा मुस्कुरा दिया, लेकिन में अचानक हुई इस घटना की वजह से बहुत डर रहा था, लेकिन दोस्तों उसकी तरफ से कोई भी विरोध ना देखकर मेरी हिम्मत अब धीरे धीरे बढ़नें लगी थी| फिर धीरे धीरे मेरे पैर भी उसके पैर को छूनें लगे थे, लेकिन अब भी उसकी तरफ से विरोध ना पाकर में अब जानबूझ कर उसके साथ वो सभी हरकते करनें लगा और वो भी मेरे साथ मज़े मस्ती करनें लगी थी जिसकी वजह से अब हर दिन मेरा लंड खड़ा हो जाता था| फिर एक दिन ट्यूशन में हम दोनों सबसे पहले पहुंच गये और एक दूसरे को अकेले में पाकर मन ही मन खुश होकर साथ में बैठकर बातें करनें लगे| अब उसनें मुझसे कहा कि तुम हर कभी मेरे पैर पर अपनें पैर को क्यों लगाते हो, में बहुत अच्छी तरह से जानती हूँ कि तुम ऐसा जानबूझ कर करते हो और तुम्हारे मन में क्या चल रहा है उसके बारे में भी में बहुत अच्छी तरह से समझती हूँ| दोस्तों में उसके मुहं से इतना सब सुनकर बहुत डर गया और चिंता की वजह से मेरे माथे से पसीना बहनें लगा था| अब वो मेरी उस हालत को देखकर एकदम से हंसनें लगी और फिर उसी समय वो ज़ोर से हंसते हुए मुझसे कहनें लगी कि कोई बात नहीं, मुझे तुम्हारा यह सब करना अच्छा लगता है|
दोस्तों बस फिर क्या था? मैंनें उसको खुलकर कह दिया कि मुझे भी तुम्हारे साथ मस्ती करना बहुत अच्छा लगता है और तुम भी मुझे बहुत अच्छी लगती हो| अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर दोबारा पागल की तरह हंसनें लगी थी और वो मुझसे बोली कि धीरे बोलो वरना कोई तीसरा भी यह बात सुन लेगा| फिर मैंनें खुश होकर कहा कि हाँ तुम आज सबको यह बात सुननें दो और तभी सुमन भी आ गई| फिर हम साथ में बैठकर पढ़ाई करनें लगे और अब मेरा वो डर भी कुछ कम हो गया था| फिर मैंनें उसी क्लास में मौका देखकर तुरंत ही उसका एक हाथ पकड़ लिया, लेकिन उसनें मुझसे कुछ नहीं बोला और उसी समय मैंनें उसको कहा कि तुम हर दिन ऐसे ही जल्दी आ जाया करो| अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर ज़ोर से हंसनें लगी और फिर बिना कुछ बोले वो अपनी पढ़ाई करनें लगी और कुछ घंटे हमारे साथ पढ़नें के बाद वो उस दिन बहुत खुश होकर अपनें घर चली भी गयी| दोस्तों हमारी उस पहली घटना के बाद में भी मन ही मन बहुत खुश था, क्योंकि अब मुझे उसको पानें का सही समय पास आता नजर आनें लगा था और में पूरी रात उसके विचारों को लिए सोचता ही रहा|

फिर में दूसरे दिन हमारी अगली क्लास में सबसे पहले चला गया और थोड़ी देर के बाद वो भी आ गयी| अब में उसको देखकर बहुत खुश था और उसके आते ही मैंनें उसका एक हाथ पकड़ लिया और छूकर महसूस किया कि वो बहुत ही मुलायम था| अब उसको मैंनें अपनी तरफ खींच लिया, उसनें तभी मेरे हाथ को अच्छी तरह से कसकर पकड़ लिया और थोड़ी देर तक हम दोनों ऐसे ही बातें करते रहे| अब आगे बढ़कर उसनें मेरे गाल पर पहला वो किस किया, जिसके बाद मेरी ख़ुशी और हिम्मत अब इतनी बढ़ चुकी थी कि में अब उसके साथ कुछ भी करनें से पीछे नहीं हटनें वाला था| अब में भी उसके चेहरे को अपनें दोनों हाथों से पकड़कर, उसके नरम होंठो को चूसनें लगा था और ऐसा करनें में हम दोनों को बड़ा मज़ा आ रहा था और हमारा वो चूमना पांच मिनट चला| फिर उसके बाद सभी के आ जानें के बाद हम पढ़ाई करनें लगे थे| दोस्तों अब हम दोनों इतना पास आ चुके थे कि हम दोनों अब हर दिन सबसे पहले पहुंचकर ऐसा ही करनें लगे थे और अब हम सेक्स की बातें भी करनें लगे थे, क्योंकि ऐसा करनें में हम दोनों को बहुत मज़ा आनें लगा था| फिर एक दिन उससे मुझसे क्लास में बोला कि आज मेरे घर पर कोई नहीं है मेरे घर वाले किसी काम से बाहर जा रहे है और वो मुझसे देर रात तक वापस आनें के लिए कहकर जा चुके होंगे इसलिए में आज पूरा दिन अपनें घर में अकेली ही रहूंगी| दोस्तों ये कहानी आप अन्तर्वासना पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर पड़ रहे है|
दोस्तों फिर क्या था? में उसका वो इशारा और इतना अच्छा मौका पाकर मन ही मन बहुत खुश था, क्योंकि अब मुझे उसके साथ चूमनें बाहों में भरनें से कुछ ज्यादा ही करनें का मौका जो मिल गया था| अब में मन ही मन उसके साथ चुदाई करनें में विचार बनाकर सपनें देखनें लगा था| दोस्तों वैसे हम दोनों नें ही अभी तक पहले कभी सेक्स नहीं किया था, लेकिन हमारे मन में उस काम को एक बार जरुर करनें की इच्छा थी| फिर में उसके बताए ठीक समय पर उसके घर चला गया और मैंनें जाकर देखा कि वो वहां पर मेरा इंतज़ार कर रही थी और बहुत ही सुंदर हॉट सेक्सी लग रही थी| फिर घर के अंदर जाते ही मैंनें तुरंत दरवाजा बंद करके उसको अपनी बाहों में भरकर चूमना प्यार करना शुरू कर दिया, मेरे उस काम को करनें में उसनें भी जोश में आकर मेरा पूरा साथ देकर मेरे मन को खुश कर दिया, इसलिए में उसके साथ अब पहले से ज्यादा खुश होकर बिना किसी डर के उसको चूमनें के साथ ही अब कपड़ो के ऊपर से उसके उभरे हुए गोल बूब्स जो अभी अभी जवान होकर अपना आकार बदलनें लगे थे, में उसके दोनों बूब्स को भी बारी बारी से दबा सहला रहा था|

दोस्तों करीब दस मिनट तक एक दूसरे से लिपटकर पागल हो जानें के बाद हम दोनों का जोश इतना बढ़ गया कि जोश में अपनें होश खोकर मैंनें बिना देर किए उसके सारे कपड़े एक एक करके उतार दिए| दोस्तों उसको जब पहली बार मैंनें बिना कपड़ो के एकदम नंगा देखा तो में उसकी सुंदरता को बहुत देर तक चकित होकर देखा ही रहा, क्योंकि वो अब बहुत ही सुंदर नजर आनें के साथ साथ कामदेवी की तरह लग रही थी| फिर मैंनें तुरंत ही अपनें भी कपड़े उतार दिए और मुझे अब अपनें सामनें उसका वो गोरा चिकना बदन छोटे आकार के उठे हुए बूब्स और नीचे की तरफ उसकी गोरी गदराई हुई जांघो के बीच में एकदम चिकनी कुंवारी चूत जो मुझे लगातार अपनी तरफ आकर्षित करनें लगी थी| दोस्तों में उसका वो सेक्स बदन देखकर पागल हुआ जा रहा था, इसलिए मैंनें उसके बूब्स को सहलाना शुरू कर दिया था और मौका देखकर में उसकी चूत को भी अपनें एक हाथ से सहलानें लगा था| अब मेरे उसके साथ यह सब करनें की वजह से उसके मुहं से सिसकियों की आवाज़ निकलनें लगी थी और उसी मैंनें उसके एक हाथ में मैंनें अपना लंड दे दिया जिसको वो भी सहलानें लगी थी|
फिर कुछ देर के बाद मैंनें उसके पूरे बदन को चूमना शुरू किया| में धीरे धीरे उसकी चूत के पास आकर अब वहां पर भी चूमनें प्यार करनें लगा था और वो जोश मस्ती में सिसकियाँ लेनें लगी थी| अब मैंनें उसका वो जोश देखकर अब उसको अपना लंड चूसनें के लिए कहा और फिर वो तुरंत ही पागलों की तरह मेरे लंड को चूसनें लगी थी| फिर कुछ देर के बाद हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गये और उसनें मेरा पूरा लंड अपनें मुहं में भरकर उसको अंदर बाहर करके चूसा बड़ा मज़ा लिया और मैंनें भी उसकी चूत को चूसनें चाटनें में कोई भी कसर नहीं छोड़ी| में अपनी जीभ से उसकी कुंवारी रसभरी चूत के दानें को चूसनें सहलानें लगा था और वो जोश में आकर मेरा सर अपनी चूत पर दबानें लगी| दोस्तों कुछ देर यह सब करनें के बाद मैंनें अपना लंड उसकी गीली चुदाई के लिए तैयार चूत के होंठो पर रख दिया और फिर में उसको अंदर की तरफ धक्का देकर डालनें लगा, लेकिन कुंवारी और आकार में छोटी होनें की वजह से लंड उसकी चूत के अंदर नहीं जा रहा था और में लगातार ज़ोर लगाता ही गया| अब वो दर्द की वजह से बहुत तेजी से चिल्लानें के साथ साथ छटपटानें लगी थी और में बिना उसके दर्द को देखे तेज तेज धक्के देता रहा|
अब मैंनें लगातार उसकी चूत को अपनें लंड के 15-20 तेज धक्के दिए जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड उसकी छोटी चूत के अंदर और उसकी चूत से बहुत सारा खून बाहर आनें लगा था| अब में उसका दर्द खून देखकर रुक चुका था और अब वो दर्द की वजह से रोनें लगी थी और फिर मैंनें उसका वो खून साफ किया| फिर मैंनें देखा कि मेरे लंड पर भी उसकी चूत का बहुत सारा खून लगा हुआ था, मैंनें उसको भी साफ किया और अब मैंनें उसको अपनी गोद में उठा लिया और में उसको सीधा बाथरूम में ले गया जहाँ पर हम दोनों नें एक साथ नहानें का मज़ा लिया|
दोस्तों मैंनें देखा कि वो तब भी रो रही थी और उसकी आँखों से लगातार आंसू आ रहे थे क्योंकि पहली चुदाई की वजह से उसकी चूत फट चुकी थी और उसको अपनी पहली चुदाई की वजह से बहुत तेज दर्द हो रहा था| अब वो मुझसे कहनें लगी थी, अगर तुमनें दोबारा मुझे चोदना शुरू किया तो में उस दर्द की वजह से मर ही जाउंगी, क्योंकि मुझे अभी भी बड़ा तेज दर्द हो रहा है| फिर कुछ देर नहानें के बाद हम दोनों बाथरूम से बाहर आ गए और मैंनें उसको दर्द कम होनें के लिए दवाई लाकर दे दी, जिसको उसनें तुरंत खा लिया| अब हम दोनों वैसे ही बिना कपड़ो के एक दूसरे से लिपटकर बातें करनें लगे|

फिर कुछ देर बाद में उसके बूब्स चूत से खेलनें लगा और उसनें मेरे लंड को अपनें हाथ में लेकर हिलाना शुरू किया जिसकी वजह से हम दोनों दोबारा गरम हो गए और करीब आधे घंटे के बाद मैंनें उसको दोबारा चुदाई के लिए तैयार किया में उससे बोला कि जब तुम्हे दर्द हो तुम मुझे बता देना में अपनें लंड को बाहर निकाल लूँगा, लेकिन यह सब पहली बार होनें की वजह से दर्द होना स्वभाविक है, इसलिए तुम्हे थोड़ा सा दर्द सहन भी करना होगा, ज्यादा होनें पर ही मुझे कहना| अब वो मेरी उस बात को पूरी सुनकर अच्छी तरह समझ गई और वैसे तो उसको अभी अपनी चूत की खुलजी को एक बार जमकर चुदाई करवाकर अपनी आग को शांत करना था, इसलिए वो तैयार हो गई| दोस्तों एक बार और मैंनें उसको नीचे लेटाकर उसकी चूत में अपनें लंड को एक बड़ी तेज धक्के के साथ पूरा अंदर डालकर उसके दर्द की तरफ बिल्कुल भी ध्यान ना देकर उसके साथ अपनी और उसकी भी पहली चुदाई करके बड़े मस्त सेक्स के मज़े लिए जिसमें कुछ देर बाद उसनें भी मेरा पूरा पूरा साथ दिया| फिर अपनें जोश को उसकी चूत के अंदर निकाल देनें के बाद मैंनें ठंडा होकर अपनें लंड को उसकी चूत से बाहर किया और उसी पल उसकी चूत से मेरे वीर्य के साथ उसकी चूत का खून भी बाहर आ गया|
अब में कुछ देर उसके पास लेटा रहा और उसके बाद हम दोनों नें कपड़े पहनें और में उसके साथ कुछ और रुकनें के बाद बड़ा खुश होकर अपनें घर चला आया और में पूरी रात बस उसके साथ उस चुदाई के बारे में सोच सोचकर खुश होता रहा| दोस्तों अगले दिन में समय से पहले अपनी ट्यूशन के लिए पहुंच गया, लेकिन बहुत देर इंतजार करनें के बाद भी वो नहीं आई| फिर मैंनें सुमन से कहा कि तुम संगीता के घर पर फोन से पता करो कि वो आज क्यों नहीं आई? उसकी तबियत कहीं खराब तो नहीं है? अब उसनें मेरी तरफ हंसकर देखते हुए कहा कि जब तुम दोनों एक साथ रहोगे तो एक दो दिन की छुट्टियाँ तो उसको लेनी ही पड़ेगी ना और उसनें मुझसे कहा कि मुझे सब पता है कि तुम दोनों नें कल पूरा दिन क्या क्या किया है? और वो मुझसे यह बात कहकर ज़ोर से हंसनें लगी| दोस्तों में भी तीन चार दिन जब तक वो नहीं आई तब तक सही से पढ़ाई नहीं कर सका और उसके आ जानें के बाद मेरा चेहरा अब खुशी से चमक गया और वो भी मुझसे मिलकर बड़ी खुश नजर आ रही थी| दोस्तों उसके बाद जब भी हमे कोई ऐसा ही मुका मिलता तो हम दोनों जमकर सेक्स करते, बहुत मज़े लेते और अब हर बार वो मेरा पूरा पूरा साथ देनें लगी थी| उसको अपनी पहली चुदाई के बाद से वैसा तेज दर्द अब नहीं होता था|
फिर एक बार उसकी चुदाई करते समय मैंनें धक्के देते हुए उसको कहा कि तुमनें ही मुझे सेक्स करना सिखाया है और तुमनें पहली बार मेरे साथ सेक्स किया था, तब तुमको यह सब कैसे करते है और यह सभी बातें किससे पता चली? फिर उसनें कहा कि सुमन नें मुझे यह सब बताया था और धीरे धीरे उसनें मुझे बताया कि सुमन नें मुझसे कहा था कि यह सब ऐसे करते है और चुदाई करवानें के बाद बहुत मस्त मज़े आते है| दोस्तों अब सुमन भी मुझसे बहुत खुलकर बातें करनें लगी थी और धीरे धीरे वो मेरे कुछ ज्यादा पास आनें लगी थी और मुझे बाद में पता चला कि उसका एक बॉयफ्रेंड था जो अब अपनी आगे की पढ़ाई करनें के लिए आगरा चला गया था| अब में सभी बातें बहुत अच्छी तरह से समझ गया था कि वो भी मेरे साथ सेक्स करना चाहती है, इसलिए वो मेरे पास आती जा रही है और में भी जानबूझ कर उसके पास आनें लगा था, क्योंकि अब मुझे पूरी उम्मीद थी कि में बड़े आराम से सुमन की भी चुदाई जरुर कर सकता हूँ |

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