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“मैंने अपनी सगी कुँवारी बुआ की चुदाई की”-2

इस भाग में आप पढ़ें कि कैसे मैंनें अपनी सगी बुआ को चोदा: या बुआ नें मुझे चोदा:

जब हम शादी में से वापस आए तो मैंनें सोचा कि अब मैंनें बुआ के साथ ऊपर का मजा ले लिया| फ़िर मुझे लगा कि यार ये सब ग़लत हो रहा है| रानी मेरी बहन लगती है उसके साथ किया| गौरी मेरी बहन लगती है उसको भी चोदा| और ये भी मेरी बुआ लगती है इसको भी ऊपर से चोद दिया| इसीलिए मैंनें सोचा के अब मैं रानी: गौरी और बुआ के साथ नहीं करूँगा| और मैंनें इनके बारे में ग़लत सोचना छोड़ दिया|
लेकिन: कुछ दिनों के बाद बुआ का फोन मम्मी के पास आया| मम्मी नें मुझे बताया के मुझको रात में बुआ के घर जाना है क्योंकि फूफा जी और उनका लड़का एक शादी में गये हैं| मैं फिर बुआ के घर चला गया|
मैं जब बुआ के घर में घुसा तो बुआ सामनें ही बैठी थी| उस ‍‍दिन उसनें काली साड़ी और काला ब्लाउज पहन रखा था| मैं सामान्य था क्योंकि बुआ: गौरी और रानी का ख्याल मन से निकाल चुका था| बुआ उठी और मेरे लिए खाना लेकर आई| हम खाना खानें बैठ गये| खाना खाते वक्त बुआ नें अपनी साड़ी को उपर किया और बुआ इस तरह से बैठ गई कि मुझे उसकी चूत दिखाई दे| पर मैंनें ध्यान नहीं दिया|

ख़ानें के बाद बुआ बोली:- रात के दस बज गये हैं: अब सो जाते हैं|
मैं बेड पर लेट गया और बुआ भी मेरे बराबर में आकर लेट गई| मैं सोनें की कोशिश कर रहा था| उस कमरे के बाहर की लाइट जल रही थी| जिससे कमरे में बहुत रोशनी हो रही थी कि सब साफ दिख रहा था| मैं आज चुपचाप लेटा हुआ था| मेरी आँख थोड़ी खुली थी थोड़ी बंद थी| एक दम मुझको झटका लगा| जब बुआ नें अपना पैर मेरे पैर से छुआ| पर मैंनें सोचा कि बुआ सो चुकी है| और मैंनें अपना पैर अलग कर लिया|
फिर थोड़ी देर बाद बुआ खड़ी हुई और उसनें अपनी साड़ी उतार दी| और वो पेटिकोट और ब्लाउज में लेट गई| उसनें सोचा कि मैं सो चुका हूँ| मुझको दोबारा झटका जब लगा जब उसनें अपनी गांड को मेरे लंड पर छुआ दिया| पर मैं चुप अपनें मन पर काबू करके पड़ा रहा|
बुआ इस हरकत से मुझको जगाना चाहती थी| पर मैंनें कोई हरकत नहीं की| बुआ को बुरा लगा और बैठ गई और बोली आज ‘बुआ चोद’ सो रहा है| जब मेरा मन आज चुदनें का कर रहा हैं तो आज ‘बुआ का लंड’ सो रहा है और उस दिन मेरे मना करनें पर भी खुद ही कर रहा था|
और फिर: बुआ नें अपनें ब्लाउज के हुक खोल दिए| आज बुआ नें कॉटन की काली ब्रा पहन रखी थी| फिर बुआ मेरी तरफ मुंह करके लेट गयी| और अपना एक हाथ मेरे अंडरवियर के उपर से मेरे लंड पर रख दिया| मुझको फिर झटका लगा और मैंनें उसका हाथ अपनें हाथ से हटा दिया|
फिर बुआ बोली:- मुझको आज तुझको चोदना पड़ेगा|

मैं तो उसकी बोली सुनकर दंग रह गया कि बुआ ऐसी बोली बोल रही है|
फिर उसनें अपनें एक हाथ से मेरे अंडरवियर से मेरा लंड निकाल लिया| अबकी बार मैंनें बुआ को कुछ नहीं कहा और बस सोचता रहा कि क्या करूँ? बुआ नें मेरे लंड को अपनें कोमल हाथ से सहलाना शूरु कर दिया| मैंनें अपनी आँख खोली तो बुआ बोली आज तेरा मन नहीं कर रहा है क्या?
तो मैंनें कहा:- तुम मेरी बुआ लगती हो|

तो उसनें कहा:- उस दिन तो तू मुझको रंडी समझ रहा था|
और वो बोलते बोलते मेरे लंड की मूठ मार रही थी| मेरा लंड भी अब खड़ा होनें लगा था| मैं भी एक मर्द हूँ| कब तक मैं मन पर काबू रखता| फिर भी मैंनें बुआ का हाथ पकड़ कर अपनें लंड से अलग कर दिया|
फिर बुआ बोली:- मुझको आज तुझसे हर हाल में चुदना है| क्योंकि आज मैंनें तेरे लिये ब्लू फिल्म देखी है|

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मैंनें उससे कहा:- तुम मेरी बुआ हो उस दिन जो हुआ वो ग़लत था| और जब तुमको सब पता था तो तुमनें मुझको रोका क्यों नहीं?
बुआ नें कहा:- मैं तेरे लंड को देख कर गरम हो गई थी| और तेरे लंड की दीवानी भी| क्योंकि आज तक मुझको इतना मोटा और लम्बा लंड कभी भी नहीं मिला हैं| क्योंकि तेरे फूफा के सिवाय मैं आज तक किसी और से नहीं चुदी हूँ| और उसका लंड तो बहुत छोटा और पतला हैं| और वो बस मुझको चोदता हैं और सो जाता है चाहे मैं झड़ूं या ना झड़ूं| उसका लंड ठीक से अन्दर नहीं जाता है जिससे मुझको सही मजा नहीं आता है और मैं हमेशा तड़पती रहती हूँ| और कभी उंगली से तो कभी लम्बे बैंगन से अपनी प्यास बुझाती हूँ| तूनें भी उस दिन खुद तो मजा ले लिया और अपनी बुआ को तड़पते हुए छोड़ दिया| पर आज सुबह जब तेरा फूफा मुझको चोद कर खुद ही झड़ कर चला गया और मुझे बिना झड़े छोड़ गया तो मैं ब्लू फिल्म देखनें लगी तो मुझको तेरा ख्याल आया कि तू भी तो मुझको चोदना चाहता हैं|
फिर उसनें अपनी ब्रा उपर की और मेरे मुंह में अपनी चूची का दाना देनें लगी| फिर मैंनें अपना मुंह बंद कर लिया|
उसनें कहा:- तू मुझको मत चोद पर जो मैं कर रही हूँ वो तो करनें दे| वरना मैं तेरी उस हरकत के बारे में सब को बता दूँगी|
और मैं डर गया| और मैंनें कहा जो करना है कर लो| और मैं चुपचाप पड़ा रहा| पर मैं आज सच्ची में बुआ के साथ नहीं करना चाहता था|
फिर बुआ नें मेरा अंडरवियर उतारा और मेरे लंड की खाल को आगे पीछे करनें लगी| यानी वो मेरी मूठ मार रही थी| और अपनें एक हाथ से अपनी चूत में उंगली कर रही थी| फिर बुआ नें मेरे लंड को अपनी चूची के बीच में फंसाया और अपनी चूची को मेरे लंड से चोदना शुरू कर दिया|
अब मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था| फिर मैंनें बुआ को अलग कर दिया| पर आज तो बुआ मुझसे अपनी चूत की प्यास बुझाना चाहती थी| फिर बुआ उठी और उसनें अपनें पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और उसे उतार दिया| बुआ नें नीचे मिनी स्कर्ट पहनी हुई थी| क्योंकि बुआ नर्स हैं| ‍इसी कारण वो अपनें घर पर पेटीकोट के नीचे स्कर्ट पहनती है| और बुआ अपनें घर पर ‍अधि‍कतर स्कर्ट और ब्रा में ही रहती हैं ताकी जब भी क्लीनिक पर जाना हो तो बस नर्स वाला गाऊन पहना और चल दी| जो उसनें अपनें घर के बाहर के कमरे में खोल रखा हैं|
बुआ नें अपनी स्कर्ट उठाई और मेरे लंड बैठनें लगी तो मैंनें उसको धक्का दिया और जानें लगा| पर बुआ तो आज एक मर्द की तरह हो रही थी| और उसनें मुझको अपनी तरफ खींचा और मेरे लंड के ऊपर चढ़ कर बैठ गयी| अब मैं अपनें आप को छुड़ानें की कोशिश करता रहा|
तो बुआ नें मुझे दो थप्पड़ मारे और बोली:- चोद अपनी बुआ को|
फिर उसनें अपनें हाथ से मेरे हाथ पीछे किए और अपनी साड़ी से बेड से बाँध दिए| फिर उसनें अपनी स्कर्ट ऊपर की और मेरे लंड पर अपनी चूत रगड़नें लगी| उसकी चूत से चिकना और गरम पानी निकल रहा था|
करीब दस मिनट बाद मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया| अब उसनें मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर सीधा खड़ा किया और अपनी चूत को मेरे लंड पर रख कर बैठ गयी| मेरा पूरा लंड उसकी चूत में बिना किसी रुकाबट के अंदर चला गया|
फिर बुआ हँसी और बोली:- बोल: बुआ लंड: आ रहा है मज़ा|
मैं चुप पड़ा रहा|
फिर वो बोली:- मैं तुझको बहुत मजा दूँगी| जब भी तेरा मन चूत मारनें का करे तो तू बता देना तेरी ये रंडी आ जायेगी| फिर बुआ मेरे लंड पर धक्के लगानें लगी| बुआ नें अपनी ब्रा से एक चूची को निकाली और मेरे मुंह में दे दी और बोली:- आज तू इस रंडी का दूध भी पी:
मैं उसकी चूची पी नहीं रहा था: तो बोली:- बुआ चोद: पी इसे:
मैं डरकर उसे पीनें लगा| बुआ की चूची एकदम सख़्त हो गई थी| अब बुआ को मजा आनें लगा था| फिर वो उठी और उसनें अपनी चूत को पौंछा| मैंनें सोचा कि वो झड़ चुकी है पर पता ही नहीं था कि वो अभी भी झड़ी नहीं है|
फिर उसनें मेरे लंड को अपनी ब्लाउज से पौंछा और बोली:- अब मैं अपनी चूत को सुखा लूं|
उसनें अपनी चूत को एक दम सुखा लिया| वो बोली:- ले अब सुखी चूत मार: अपनी बुआ की सूखी चूत मारनें में तुझको बहुत मजा आएगा|

और वो मेरे खड़े लंड पर बैठ गई: उसनें एक बार में ही पूरा लंड अपनी चूत में ले लिया और वो ज़ोर ज़ोर से धक्के लगानें लगी|
करीब दस मिनट बाद मैं झड़नें वाला था तो मैंनें कहा:- मैं झड़नें वाला हूँ|
तो बुआ रुक गई| फिर उसनें पाँच मिनट बाद धक्के मारनें शुरू किये| अब की बार बुआ पूरा लंड बाहर निकालकर जड़ तक लंड को पूरा अंदर कर रही थी| और धक्के भी ज़ोर से मार रही थी| बुआ की स्पीड बढ गई और वो मुझसे चिपक गई| मैं भी बुआ से अपनें आप चिपक गया| हम दोनों एक साथ झड़ चुके थे|

बुआ मेरे कान में बोली:- आया अपनी इस रंडी बुआ को चोदनें में मज़ा?
उस रात बुआ नें मुझे तीन बार चोदा और हम तीनों बार एक साथ ही झड़े| बुआ नें मेरा सारा पानी अपनी चूत में ही छुड़वाया था| फिर सुबह को बुआ नहाकर चाय बनाकर लाई और बोली:- रात कैसी रही? तीन बार अपनी बुआ को चोदा तूनें:
मैं बोला:- बुआ मैं तो अपनें मन से तुम्हारा ख्याल निकाल चुका हूँ: मैं बहुत शर्म महसूस कर रहा हूँ|

फिर बुआ बोली:- ठीक है| अब ऐसा दोबारा नहीं होगा| उस दिन तूनें बुआ को चोदा और आज मैंनें तुझको चोद दिया| हिसाब बराबर तुझको शर्म आती है तो ठीक है|

और बुआ वहाँ से अपनें क्लीनिक पर जानें के लिये तैयार होनें के लिये चली गई|

पर फिर मैंनें दिन में बुआ की गांड भी मार ली| ये अगली कहानी में|

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