loading...

“मैंनेअपने जेठ से किया हुआ वादा पूरा किया”

मेरे पति की नौकरी लग चुकी थी और कंपनी नें एक घर भी दे दिया था रहनें के लिए| सब बहुत खुश थे! मैं भी बहुत खुश थी क्योंकि जेठ से किया गया मेरा वादा भी टूटनें से बच गया| तभी मेरे पति को नौकरी ज्वाइन करनें के लिए १० दिन का समय मिला और उन्होंनें कहा कि मैं मुंबई में ही रुक जाऊं और वह लखनऊ जाकर अपना सामान ले आए|| मैंनें हां कर दिया|

अगले दिन वह सुबह की ट्रेन से लखनऊ के लिए निकल गए! फिर मैं नहानें चली गई और एक नेंट वाली स्टाइलिश ब्रा और पैंटी पहनें उसके ऊपर से एक नाइटी डाल दी जो स्लीवलेस थी| थोड़ी सी टाइट और डीप नेंक| मैं जैसे ही बहार निकली मेरी जेठानी निशा नहानें के लिए जा रही थी और कहा कि अनिता तुम तो निखर गई हो|

मैं उनको स्माइल दे कर आगे बढ़ गई और रूम में जाकर थोड़ा मेकअप करनें लगी तभी मेरे जेठ अंदर आ गए और मुझे पीछे से पकड़ लिया! मैंनें कहा कि भाई साहब छोड़ दीजिए| दीदी अभी आ जाएगी|| तो वह बोले कि उसको नहानें में आज टाइम लगेगा! मैं समझ पाती तभी उन्होंनें मेरी नाइटी की आगे वाली डोरी खोल दी और अपना मोटा तगड़ा लंड निकाल लिया और मुझसे चूसनें को बोला||

मैं बेड पर बैठ गई और उनका लंड चूसनें लगी! लंड चूसते हुए बोला कि भाई साहब आज निशा दीदी को इतना टाइम नहानें में क्यों लगेगा? तो उन्होंनें मेरी चूची दबाते हुए कहा कि आज उसका वेक्स और शेविंग करनी है! मैंनें पूछा था वह क्यों?

तो वह बोले कि बाद में बताऊंगा| मैं अपना सर हिला कर बोली ठीक है! और फिर से लंड चूसनें लगी| मेरे गालो में दर्द होनें लगा था और मैंनें कहा कि भाई साहब बस कीजिए अब तो राजू को आनें में टाइम है! आप रात में चोद लीजिए| वह हंसनें लगे और कहा कि अनिता तुम ३० साल की हो और मैं ३७ साल का लेकिन तुम को चोदकर मुझे बहुत अच्छा लगा| मैंनें भी उनका लंड हाथ से हीलाते हुए कहा कि भाई साहब आपनें भी तो मुझे कुंवारी से औरत बनाया है! ३ दिन हो गए और मेरी चूत का पानी अभी भी आप के लंड से भीगनें को बेताब है|

फिर मैंनें हाथ से हिला उनका पानी निकाला! जो पिचकारी की तरह उछल कर मेरी चुचियों पर गिर चुका था! फिर उन्होंनें मुझे कहा कि अनिता मेरे लंड का पानी थोड़ा टेस्ट करके देख लो! पहले मैं थोड़ा जीजक रही थी! फिर उंगली से थोड़ा सा लंड का पानी  चूची से उठाया और चाटा! थोड़ा सा नमकीन और बटर जैसा था|

मुझे अच्छा लगा फिर निशा दीदी नहा कर बाहर आ गई और जेठ भी बाहर थे अब|| मैंनें अपनी चूची साफ़  की और नाइटी में दुपट्टा डाल कर किचन में नाश्ता बनानें चली गई|

फिर जेठ अपनें ऑफिस चले गए और मैं और मेरी जेठानी लिविंग रूम में बैठ गए! फिर जेठानी नें कहा कि अनिता चलो हम पार्लर चलते हैं मसाज करवाते हैं! फिर जो फ्लेट हमें मिला था उसको भी देख आते हैं| तो मैंनें कहा कि कैसा मसाज होता है?

उन्होंनें कहा कि अगर तुम्हें शर्म ना आए तो वहां केरल के मर्द होते हैं जो बॉडी मसाज देते हैं लेकिन कपड़े पूरे उतारनें होंगे और सच कुछ भी गलत नहीं होगा|

मैंनें कहा कि पक्का कुछ करेंगे तो नहीं? तो वह हंसी और बोली थी जेठ जी उनको खुद लेकर गए थे और वह भी घबरा रही थी| लेकिन वह एक मसाज सेंटर है जिसमें फुल मसाज करते हैं और कुछ गलत नहीं होता! मैंनें हां कर दिया और तैयार होनें चली गई| मैंनें एक लेगी और ऊपर एक टॉप पहना था! जेठानी नें सलवार सूट पहना और हम चल दिए|

उन्होंनें एक टैक्सी को कॉल किया! हम टेक्सी में बैठे और मसाज सेंटर पहुंचे| वहां एक लड़की रिसेप्शन पर थी और जेठानी को देखकर मुस्कुराई और बोली कि मैडम आज कई दिनों के बाद|| तो जेठानी बोली की हां बिजी हो गई थी|

फिर हम थोड़ी देर बैठे और एक लड़की आई और हमको अंदर चलनें को कहा| हम उठे और अंदर गए! तो वहां पर पार्टीशन बनें हुए थे फुल ऐसी|| मैंनें एक पार्ट में गई जो एक छोटे रूम की तरह था! और जेठानी दूसरे रूम में|| फिर एक मर्द आया और उसनें मुझे टॉवेल दिया और कहा कि मैडम आप कपड़े उतार कर यह टावेल लपेट लो| फिर वह चला गया और मैं नंगी हो गई और टटॉवेल को लपेटा! जो मेरी चूची पर से होते हुए गांड के थोड़ा सा नीचे था और मैं एक बेड पर पेट के बल लेट गई|

फिर वही आदमी आया जो एकदम काला पर मर्द जैसा दिख रहा था उसनें तेल उठाया और मेरी टांगों पर डालना शुरू किया अपनें हाथों को धीरे-धीरे तलवे पर डाला और उपर तक रगड़नें लगा| उसके हाथ मेरे जांघ तक जा रहे थे! फिर उसनें मेरे कंधों पर तेल डालकर मालिश की! उसके हाथ मेरे कंधे से होते हुए मेरे बगल में जा रहे थे और

फिर उसनें मुझे टॉवेल हटानें को बोला तो मैं शरमानें लगी! फिर उसनें कहा मैडम कुछ नहीं होगा और मैं अब नंगी लेटी थी! उसनें अपनें हाथ मेरी जांघ को लगा दीए और एक जबरदस्त मसाज किया! फिर मेरी पीठ पर अच्छी मालिश करनें के बाद मुझे सीधे लेटनें को बोला|

अब मेरी चूचियां और मेरी चूत उसके सामनें थी! और कमर पर केवल एक छोटी सी लुंगी पहनें मेरे सामनें था! उसका लंड खड़ा था! उसनें मेरी चूची पर तेल डाला और मेरी चूचियां की मालिश करनें लगा! चूची की मालिश करते समय मैंनें आंख खोली तो देखा कि उसका लंड मेरे चेहरे से केवल २ इंच की दूरी पर था| फिर वह धीरे-धीरे हाथों को ऊपर और फिर चूत के ऊपर ले आया और पूछा मैडम चूत की मसाज कर दू?

मैंनें सर हिलाया और फिर उसनें एक दूसरा तेल निकाला और मुझे कहा कि मैं टांग फैला कर लेटू| मैंनें वैसे ही किया और फिर उसनें तेल चूत के छेद पर डाला और अपनी ऊँगली से रगड़नें लगा! फिर एक मस्त तरीके से उसनें मेरी चूत के अंदर बाहर उंगली करके मेरा पानी निकाल दिया|

अब मेरे पूरे बदन की थकान दूर हो गई थी उसनें मुझे एक दूसरा टॉवेल दिया और बाथरूम की तरफ इशारा किया! मैं अभी थोड़ा देर रुकनें के बाद बाथरुम गई तो वहां पर जेठानी नंगी बैठी थी! उन्होंनें कहा कि अनिता पहले कभी किया? तो मैंनें ना बोला और उनके बगल में बैठ गई|

मैं उनकी चूची और फिगर देख रही थी| मैंनें कहा कि दीदी आप की साइज क्या थी जब शादी हुई? तो वह बोली कि ३२ थी पर अब ३६ है और वह एक मस्त और सेक्सी औरत थी| फिर हमनें नहाया और कपड़े पहन के बाहर आ गए| मैं बहुत फ्रेश महसूस कर रही थी! फिर हम फ्लैट देखनें निकल पड़े जो जेठ के फ्लैट से २ किलोमीटर की दूरी पर ही था| हमें थोड़ा सा वोश करवाना था तो जेठानी नें कहां के जेठ जी करवा देंगे|

फिर हम एक रेस्टोरेंट गए खाना खाया और घर आ गए| शाम के ४:३० बज गए थे| मैंनें पूछा कि भाई साहब कब आएंगे? तो निशा दीदी हंसी और बोली कि क्यों कुछ काम था? मैं हंसनें लगी और मैंनें चेंज किया और कहां की दीदी आज क्या बनाएगी? तो बोली कि फोन कर लो अपनें जेठ को! मैन्नें फोन मिलाया तो उन्होंनें फोन नहीं उठाया थोड़ी देर बाद उनका फोन आया और पूछा क्या काम था? तो मैं बोली कि आज क्या खाएंगे? तो वह बोली कि आज बाहर चलेंगे खाना खानें|| मैंनें जेठानी से बोला कि आज बाहर चलनें को बोल रहे हैं|

फिर जेठानी बोली थी ठीक है! तभी मेरा भतीजा मतलब जेठ का लड़का उठा गया और जेठानी उसके पैर की मालिश करनें चली गई! मैं रूम में आ गई तो देखा कि फोन में ५ मिस काल थी जेठ जी की|| और एक मैसेज था की कोल करू?

loading...

मैंनें कॉल बैक किया तो वह बोले कि वह एक पॉकेट भिजवा रहे हैं! जिसमें एक पिंक ब्रा और पेंटी है साथ में एक नेंट वाली साड़ी और मेरे नाप का एक स्ट्रेप वाला ब्लाउज है| वह पहनकर में और जेठानी एक रेस्टोरेंट बताया वहां पर मिले

मैंनें कहा कि जेठानी को पता चला तो उन्होंनें कहा कि निशा फ्रेंक है! मैं तुम्हें गिफ्ट भेज रहा हूं कोई बात नहीं लेकिन तभी बेल बजी और निशा दीदी नें दरवाजा खोला और कहा कि विकास आओ अंदर आ जाओ|| यह क्या है? वह बोला कि सर नें भेजा है अनिता मैडम के लिए|| तो निशा दीदी नें कहा कि यह लो अनिता तुम्हारे जेठ जी नें गिफ्ट भेजा है! जाओ देखो क्या है?

मैं अपनें रूम में आ गई और निशा दीदी विकास से बात करनें लगी| मैंनें पेक खोला तो एक मस्त ब्रा और पेंटी साथ में साड़ी और ब्लाउज भी था! मैं तैयार होनें लगी ब्लाउज पीछे से बैकलेस था और आगे से थोड़ा सा क्लीवेज भी दीख रहा था! और साड़ी नेंट वाली होनें से पूरा बदन एक शीशे के महल सा था जिसमें रोशनी अंदर जा रही थी| मैंनें एक पिंक लिपस्टिक लगाई और बाहर आ गई|

निशा दीदी भी गजब की लग रही थी| हम बाहर आ गए जेठ नें अपनी कार भेज दी थी हम एक रेस्टोरेंट पहुंच गए! जेठ भी आ चुके थे और उन्होंनें मुझे कहा कि अनिता यह तो एकदम फिट हो गया तुम्हें|| मैंनें कहा कि हा भाई साहब और थैंक्यू| फिर हमनें एक कॉर्नर सीट ले ली और जेठ नें अपनें लिए एक बीयर ऑर्डर की| जेठानी नें ऑरेंज जूस  और मैंनें भी वही||

तभी एक आदमी अंदर आया लगभग ४५ साल की उमर का था| हाथ में एक बीएमडब्ल्यू कार की चाबी उसनें जेठ जी को हाथ मिलाया और बोला कि सुभाष भाई कहां हो आजकल? कोई खबर नहीं|| तो जेठजी उठे और बोला कि नहीं सर बस ऐसे ही||

फिर उन्होंनें मुझे मिलाया निशा दीदी तो उनसे ऐसे बात कर रही थी जैसे बहुत क्लोज हो|

फिर वह आदमी एक सीट पर बैठा और एक ड्रिंक ऑर्डर करके किसी का इंतजार करनें लगा| फिर एक औरत भाई जिसकी उम्र ४० के आसपास थी वह दोनों थोड़ी देर बैठे और फिर चले गए| जेठ नें बताया कि अनिता यह हमारे परमानेंंट क्लाइंट है हमनें खाना खाया और घर आ गए|

मैंनें रूम में देखा तो मेरे फोन में मैसेज पडे थे जेठ जी के|| उसमें लिखा था कि मेरी चूचियां गजब की लग रही है|| और पीठ पर सब मर्द देख रहे हैं| मैंनें कपड़े उतार कर थोड़ी देर नंगी होकर बेड पर लेटी रही| फिर एक नाइटी पहनी और बाहर आई तो जेठ जी लेट गए थे|

और जेठानी मेरे रूम में आ रही थी| हम अंदर आए और लेट गए| तब जेठानी नें कहा कि अनिता कुछ बात बतानी है| मेनें कहा की जि दीदी बताइए| तो वह बोली की अनिता यहाँ एकदम फ्रेंक हो कर रहना! मेनें कहा की जि तभी तो ऐसा ब्लाउज पहन के जेठ के सामनें आई|

वह बोली कि हां और फिर उन्होंनें कहा कि जो आदमी रेस्टोरेंट में आया था वह पहला मर्द था जिसके साथ उन्होंनें चूदवाया था! उसनें एक तीन लाख का ट्रेवलिंग ऑर्डर दिया था और बदले में मुझे एक रात के लिए उनके साथ चोदनें के लिए कहा|| मैंनें पूछा कि आपको थोड़ा तो संकोच हुआ होगा? तो वह बोली की हुआ तो था और धीरे-धीरे सब नॉर्मल हो जाता है! और फिर अपनी बातें बताई कैसे गोवा जाकर जेठ नें उनको एक गोरे से चूदवाया|

मैंनें कहा कि दीदी आप तो काफी मजे ले चुकी है| तो वह बोली कि अनिता अभी भी लेती हूं पर थोड़ा एक्सीडेंट की वजह से सुभाष डिस्टर्ब हो गए थे| मैंनें कहा कि हां| फिर मैंनें कहा कि दीदी राजू को यह सब ठीक लगेगा?

तो वह बोली कि अगर मैं ठीक हूं इस सबसे तो वह भी इसी में ढल जाएगा! तभी जेठानी नें कहा कि अनिता कल हमें घूमनें जाना है एक रिसॉर्ट पर और चली गई| अगले दिन सुबह जेठानी आई और बोली कि अनिता जल्दी से अपनी स्विमसूट और मोडर्न कपड़े पैक करो! हम घूमनें जा रहे हैं| मैंनें जल्दी-जल्दी सब पैक किया मैं जेठ और जेठानी निकल पड़े|

लगभग ८० किलोमीटर चलनें के बाद एक सुनसान जगह पर एक रिसॉर्ट आया हम गाड़ी से उतरे और सामान लेकर अंदर गए! जेठ नें एक डुप्लेक्स बुक किया था जिसमें मैं अलग रख सकूं और रूम एक था! जेठानी नें कहा कि अनिता जल्दी से स्विमसूट पहन लो हम नहानें चलेंगे पूल में| मैं २ पिस सूट में जेठानी के साथ बाहर आई और जेठ जी के सामनें थी|

तीनों  पूल में आ गये! गेम भी खेलनें लगे! बीच-बीच में जेठ मेरे चूची भी छू लेते थे| फिर मस्ती करनें के बाद बाहर आए और लेट गए| फिर सब रूम में आ गए और जेठ नें जेठानी को एक इशारा किया और जेठानी नें कहा खुद पूछो|

जेठ नें कहा कि तुमनें बताया नहीं क्या? तो जेठानी बोली नहीं| फिर मैंनें कहा क्या हुआ? तो जेठ नें कहा कि अनिता हमनें एक फॉरेन को बुलाया है जो निशा को चोदेगा! और अगर तुम चाहो तो तुम चूदवा सकती हो! मैं एकदम शोक रह गयी की ऐसे कैसे जेठानी के सामनें बोल रहे हैं| मैंनें कहा कि भाई साहब उनका बहुत मोटा होता है मैं नहीं ले पाऊंगी|

तो वह हंसनें लगे और बोली की निशा तुम चूदवा लो! तो जेठानी बोली थी ठीक है| तभी एक गोरा अंदर आया और जेठ से हाथ मिलाया! वह जेठानी के बगल में बैठा था| जेठ नें कहा कि शी इज युअर्स नाव| सब हंसनें लगे और मैं और जेठ मेरे वाले हिस्से में आ गए|

जेठ नें मुझे भी नंगी कर दिया और कहा कि अनिता निशा जानती है कि मैं तुम्हें चोदूंगा| फिर चुपके से हमनें देखा कि उस गोरे का ९ इंच का मोटा लंड निशा दीदी मस्ती में चूस रही थी| फिर जेठ नें कहा कि अनिता हम भी शुरु करते हैं|

और मेरी चूचियां पीनें लगे मैं भी लंड सहलानें लगी मेरी बुर गिली थी और जेठ का लंड चूसनें से और मस्त हो चुकी थी| जेठ नें कहा कि अनिता आज  लंड का पानी पीना पड़ेगा! मैंनें लंड चूसते हुए सर हीलाया और कहां हां|

फिर जेठानी की एक आवाज आई आह्ह हहह स्लोवली औउ इई फ ह्जह्ह यस्स| फिर जेठ नें कहा कि शायद निशा नें लंड ले लिया| हम हंसे और जेठ नें अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया| १९-२० जबरदस्त धक्के मार के मेरा पानी निकाल दिया! फिर मुझे डॉगी बना दिया और कहा कि अनिता आज तो डौगी में चोदनें दो मैंनें कहा की जि|

फिर वो डौगी में चोदनें लगे और मुझे दर्द हुआ तो फिर मस्त लगनें लगा ४०  मिनट चोदनें के बाद उन्होंनें जल्दी से बैठकर मुंह खोलनें को कहा| मैंनें मुंह खोल दिया और जीभ बाहर निकाल दी! और एक जोरदार पिचकारी लंड से जो सीधी मेरे मुंह में गिरी|

गरम-गरम जेठ का वीर्य मुंह में था! मेरा मुंह भर गया और थोड़ा सा वीर्य बाहर भी आ गया| मुझसे पिया नहीं जा रहा था! पर जेठ नें मेरा मुह बंद किया और मैं सारा पानी पी गई! सही बताऊ तो बड़ा टेस्टी था! जो लंड का पानी मेरे गालों पर था वह भी उंगली से चाटा| वह गोरा आदमी अभी निशा दीदी को चोद रहा था और एक जोर की आवाज आई उसनें शायद पानी छोड़ दिया था! फिर जेठ बाहर गए और कुछ देर बाद वह गोरा बाहर चला गया! जेठानी नें एक टॉप पहना और मुझे भी बाहर बुलाया इस तरह से पहली बार मैं अपनी जेठानी और जेठ के साथ खुल चुकी थी|

loading...