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“मेरी बहन ने मेरा पहली बार चुदाई करवा कर रंडी बना दिया”

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दोस्तो| मैं मरीना इक़बाल एक बार फिर आप सबके सामने अपनी नई कहानी लेकर हाजिर हूँ| बहुत दिनों बाद आने के लिए माफी चाहती हूँ मगर मैं किसी काम में फंस गई थी इसलिए नई कहानी नहीं ला पाई|

मगर आप लोगों ने मुझे मेल की जरिये अपना बहुत प्यार दिया है उसके लिए आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद|

चलिए तो अब मैं अपनी कहानी पर आती हूँ|
यह कहानी इसी दीवाली की है| दीवाली से दो दिन पहले मेरी सहेली निशा ने मुझे और मुन्नी को अपने घर आने का न्योता दिया जिसे मैंने खुशी खुशी स्वीकार कर लिया क्योंकि निशा मेरी सबसे अच्छी सहेली है|
दीवाली वाले दिन मैं और मुन्नी बहुत अच्छे से तैयार हुई| मैंने और मुन्नी ने डीप ब्लाउज और लहँगा पहना था| कुल मिलाकर हम दोनों माल लग रही थी|
हम निशा के घर पहुंची तो वहाँ निशा और उसके मम्मी पापा ने हमारा बहुत अच्छे से स्वागत किया| तभी वहाँ निशा का भाई और उसके दो कजिन आ गए|

निशा ने हमारी पहचान उनसे करवाई तो वो तीनों हम दोनों को आँखें फाड़ फाड़ कर देखने लगे| उनकी नजर हम दोनों बहनों के बूब्स पर ही टिकी हुई थी|
फिर हम सब मिलकर पटाके छोड़ने लगे तो निशा का एक कजिन जिसका नाम सुनील था वो बार बार मुन्नी से चिपकने की कोशिश कर रहा था जिसे मुन्नी और मैंने महसूस कर लिया था|

मुन्नी ने मेरी तरफ देखा तो मैंने उसे इशारे से साइड में बुला लिया| वो आते ही बोली:- यार सुनील अकेले में मुझसे मिलना चाहता है|

तो मैंने मुन्नी को बोला:- यहाँ कुछ मत करना| जो कुछ करना है बाद में कर लेना|

वो चली गई|
फिर थोड़ी देर बाद उसने सुनील से कुछ कहा तो सुनील ने मौका देखकर उसके बूब्स दबा दिए और स्माइल करता हुआ वहाँ से चला गया| फिर थोड़ी देर तक वहाँ रुक कर हम भी चलने के लिए निकलने लगे तो निशा के पापा ने कहा कि आशिष (निशा का भाई) तुम दोनों को छोड़ देगा|

तो हम दोनों के साथ आशिष सुनील और संजय तीनों ही चल दिये|
गाड़ी में आगे की सीट पर संजय और आशिष थे पीछे हम दोनों और सुनील था| थोड़ी देर बाद मैंने महसूस किया कि सुनील मुन्नी की जांघें सहला रहा था| मुन्नी भी मजे ले रही थी| मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं थी|
थोड़ी देर बाद जब हम घर पहुँचे तो वो तीनों जाने लगे| अचानक मुन्नी ने उन्हें कॉफ़ी के लिए पूछ लिया वो तीनों तो जैसे रूकने के लिए इन्तजार कर रहे थे| वो तुरंत रुक गए| तीनों अंदर आ गए|

उन्हें अंदर बैठा कर मैं कॉफ़ी बनाने चली गई|
मैंने किचन में से देखा कि मुन्नी उठी और बाथरूम की तरफ जाने लगी| उसके थोड़ी देर बाद सुनील ने आशिष और संजय को कुछ बोला और मुन्नी के पीछे बाथरूम में जाने लगा|

वो लोग करीब 10 मिनट बाद वापस आये|

बाथरूम से निकल कर मुन्नी सीधे रूम की तरफ भाग गई| सुनील भी अपनी जगह आकर बैठ गया| फिर हमने साथ कॉफी पी|
संजय जो मेरे पास बैठा था| वो धीरे से मेरी तरफ आ गया और उसने एक हाथ मेरी जांघ पर रख दिया और सहलाने लगा|

मैंने गुस्से में उसकी तरफ देखा और उसका हाथ हटा दिया और उसे भला बुरा सुनाने लगी|

संजय बोला:- साली| तेरी बहन तो एक नम्बर की रंडी है| मेरा भाई अभी उसे चोद कर आया है और तू सीधी होने का नाटक कर रही है|
यह सुनकर मैंने मुन्नी की तरफ देखा तो वो हँसने लगी|

मैंने मन ही मन सोचा कि ये साली मुझे भी रंडी बनाकर छोड़ेगी|
तभी संजय ने मुझे वहीं सोफे पर धक्का दिया और मुझे किस करने लगा| उधर सुनील ने फिर से मुन्नी को पकड़ लिया| संजय मेरे बूब्स बहुत जोर से दबा रहा था जिस वजह से मुझे दर्द होने लगा|

तभी आशिष ने संजय के कान में कुछ कहा तो संजय हट गया और आशिष ने मेरे बूब्स दबाये और किस करके बोला कि हम लोग कल आएंगे|

और फिर वो चले गए|
उनके जाते ही मैंने मुन्नी को बहुत डांटा| मैंने उसको बोला:- तू ऐसे किसी से भी कैसे चुद सकती है?

तो वो बोली:- यार| सुनील ने मेरी चूत पर हमला कर दिया था तो मैं अपनी हवस पर काबू नहीं कर पाई|

मैं उसकी इस बात पर हंस दी और उसे प्यार से एक थप्पड़ मारकर सोने चली गई|
अगले दिन सुबह ही हमारे घर की घंटी बजी तो मैं उठ कर गेट खोलने चली गई क्योंकि उस वक़्त हम दोनों ही सो रही थी|

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गेट खोलते ही संजय ने मुझे गोद में उठा लिया और वो तीनों अंदर आ गए| फिर वो मुझे अंदर कमरे में ले आये|
मुन्नी अभी भी सो रही थी| उसकी गांड ऊपर की तरफ थी तो सुनील ने उसकी गांड पर एक थप्पड़ मारा तो मुन्नी उठ गई| सुनील को देखकर वो उसके गले लग गई| तभी उन तीनों ने हम दोनों को नंगी कर दिया और खुद भी नंगे हो गए|
संजय ने मुझे और सुनील ने मुन्नी को पकड़ रखा था आशिष हम दोनों के पीछे जाकर हमारी गांड सहलाने लगा| फिर वो नीचे बैठकर मेरी गांड चाटने लगा और एक हाथ से मुन्नी की https://www|antarvasnasexstories|com/guru:-ghantal/madam:-ki:-chut:-me:-lund:-gaand:-me:-ungli/गांड में उंगली करने लगा|
फिर सुनील उसे लेकर बिस्तर पर आ गया| अब वो दोनों 69 अवस्था में थे|
इधर संजय मेरे बूब्स को दबा दबा कर निचोड़ रहा था| मैंने दर्द भारी आवाज में कहा:- एआइईईई जानू| धीरे से दबाओ| मैं कहीं भाग नहीं रही हूँ|

मगर उसे तो जैसे कोई खजाना मिल गया था| वो जोर से मेरे बूब्स दबाने के साथ साथ मेरी चूत में भी उंगली कर रहा था|
फिर संजय भी मुझे उसी बिस्तर पर ले गया| अब हम पांचों एक ही बिस्तर पर नंगे पड़े थे| संजय थोड़ी देर मेरी चूत चाटने के बाद 69 अवस्था में ले आया| अब मैं भी उसका लंड चूस रही थी और वो मेरी गांड के छेद को चाट रहा था|
लगभग 15 मिनट बाद मैंने देखा कि सुनील ने मुन्नी की चुदाई शुरू कर दी हैं| अब मुझे भी चुदने का मन करने लगा| संजय इस बात को समझ गया फिर उसने मुझे घोड़ी बना दिया और

अपने लंड को मेरी चूत पर रगड़ने लगा|

वो कमीना लंड चूत में नहीं डाल रहा था तो मैंने उससे कहा:- संजय जल्दी डाल| मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा!

मगर वो बस चूत पर रगड़ रहा था|
फिर मैंने गुस्से में कहा:- बहनचोद| लंड में जान नहीं है क्या जो बस रगड़ रहा है| चूत में नहीं डाल रहा मादरचोद?

वो कुछ नहीं बोला| बस रगड़ता रहा|
अब मुझसे बिल्कुल भी सहन नहीं हो रहा था तो मैं उसके आगे गिड़गिड़ाने लगी तो उसके चेहरे पर एक कमीनी हँसी आ गई| उसने एक झटके में अपना पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया|

अचानक हुए इस हमले से मैं पूरी तरह से हिल गई और ‘आआईई उम्म्ह… अहह… हय… याह… भोसड़ी के मार डाला मादरचोद आआह्ह ह्ह्ह…’ ही बोल पाई|

मैंने उससे बड़े बड़े लंड मेरी चूत में लिए थे मगर उसके इस तरह से चोदने में अलग ही दर्द हुआ|
फिर उसने मुझे बहुत देर तक उसी अवस्था में चोदा|

अब मैं थक चुकी थी तो मैं लेट गई वो फिर से अपना लंड मेरी चूत में डालने ही वाला था कि मैंने उसे रोक दिया तो उसने पूछा:- क्या हुआ?

मैंने कहा:- पहले कंडोम लगाओ|

वो बोला:- कंडोम से मज़ा नहीं आता!

मैंने कहा:- मैं बिना कंडोम के नहीं करुँगी|
उसने अपनी जेब से कंडोम निकाला तो मैंने एक कंडोम सुनील और आशिष को दिया| सुनील ने मुन्नी को पूछा तो मुन्नी ने कहा कि वो बिना कंडोम के चुदना चाहती है|

मैंने कहा:- नहीं| तुम लोग भी कंडोम लगा कर ही चुदाई करो|
मेरी इस जिद के आगे उन दोनों को झुकना पड़ा| मैंने संजय के लंड पर और मुन्नी ने सुनील के लंड पर कंडोम चढ़ा दिया| फिर उन दोनों ने हम दोनों की चुदाई शुरू कर दी|
थोड़ी देर बाद मुन्नी ने सुनील को कहा:- अब आशिष को आने दो|

तो आशिष ने सुनील की जगह ले ली और एक झटके में पूरा लंड मुन्नी की चूत में डाल दिया|
थोड़ी देर बाद मुन्नी बोली:- तुम दोनों मुझे एक साथ चोदो|

तो आशिष नीचे लेट गया मुन्नी उसके ऊपर आ गई और उसका लंड अपनी चूत में ले लिया| फिर सुनील ने उसकी गांड फैला कर अपना लंड उसकी गांड में डाल दिया|

मुन्नी को बहुत दर्द हुआ मगर वो सहन कर गई|
इधर संजय मेरी ऊपर आकर मेरी चूत में जोर से धक्के देने लगा| मैं हल्के दर्द से ‘मेरी आआईईई माँ आआह ह्ह बचा लो आआहह् आराम से अह्ह्ह्ह्ह’ कर रही थी मगर वो लगातार मेरी चूत में धक्के देता रहा|

थोड़ी देर बाद संजय ‘आअह्ह मेरी रांड आआह्ह्ह…’ करता हुआ मेरी चूत में झड़ गया| उसका सारा वीर्य कंडोम में रह गया|
अब वो मेरे नीचे से हट गया| फिर सुनील ने मुन्नी की गांड से लंड निकाल कर मेरी चूत में डाल दिया और मेरी चुदाई शुरू कर दी|

फिर संजय मेरे पास आया मैंने उसके लंड से कंडोम हटाया फिर उसने अपने वीर्य से सने हुए लंड को मेरे मुंह में डाल दिया| मैंने उसका लंड चाट कर साफ़ कर दिया|
आशिष अभी भी मेरी बहन की चूत को चोदे जा रहा था|
अब मेरी चूत में जलन होने लगी तो मैंने यह बात सुनील को बताई तो उसने मेरी चूत से लंड निकाल लिया और मेरी गांड में डाल दिया|

सुनील थोड़ी देर में झड़ने वाला था तो वो जोर जोर से मेरी गांड फाड़ने लगा| मैं दर्द के वजह से रोने लगी मगर सुनील ने मुझ पर कोई दया नहीं दिखाई|
तभी सुनील ने मेरी गांड से लंड निकाला और लंड पर से कंडोम हटा दिया| फिर वो मेरे चहरे के पास आया और अपना लंड मेरे मुंह में डालने लगा तो मैंने लंड निकाल दिया| तो वो मुन्नी के पास चला गया और उसके मुंह में डाल दिया|

थोड़ी देर में वो मुन्नी से मुंह में झड़ गया| मुन्नी उसका सारा वीर्य पी गई|
थोड़ी देर बाद आशिष भी मुन्नी की चूत में झड़ गया|
फिर हम पांचों ने खुद को साफ़ किया और वापस आकर एक दूसरे को किस किया| फिर वो तीनों चले गए और हम दोनों बहनें नंगी ही बिस्तर पर सो गई|

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