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मेरी प्यारी मौसी भाग – 2

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फिर मैं उसके होंठों पर किस करनें लगा| तो उसनें मुझे रोका क्योंकि अभी हमें पार्टी में जाना था| देर होगी तो सबको शक होगा| मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था, तो मैं नहीं माना| तो उसनें कुछ सोचकर कहा :- केवल 10 मिनट के लिए पार्टी में चलो और फिर हम वापस आ जाएंगे और फिर पूरी रात मैं तुम्हारे साथ ही रहूंगी…

इस कहानी का पिछला भाग :-
मेरी प्यारी मौसी भाग :- 1

अभी तक आपनें पढ़ा कि कैसे मैंनें अपनी मौसी से अपनें प्यार का इजहार किया लेकिन वो मान नहीं रही थीं अब आगे-

वो बार :- बार मना करती रहीं लेकिन मैं नहीं माना| उन्होंनें मेरी पकड़ से छूटनें की भी पूरी कोशिश की लेकिन मेरी जोरदार पकड़ की वजह से वो छूट न पाई और फिर मैंनें उनसे कहा :- मौसी, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ| मैं आपका पूरी जिंदगी ख्याल रहूंगा और जरूरत पड़ी तो आपके लिए अपनी जान भी दे सकता हूँ|

मेरे मुंह से इतना सुनकर वो बोली :- इतना प्यार करते हो मुझे! लेकिन विजय फिर भी ये गलत है| अब छोड़ो मुझे जानें दो|

लेकिन मैंनें उसे नहीं छोड़ा तो तब थोड़ा सा गुस्सा करते हुए उसनें मुझे धक्का दिया और बोली :- अब छोड़ो मुझे|

तब मैंनें उन्हें छोड़ दिया और कहा :- मौसी, अगर आज आप मेरी नहीं होगी तो मैं अपनी नस काट लूंगा|

इसका उनपर कोई खास फर्क नहीं पड़ा और वो चुपचाप वहीं खड़ी रहीं| तभी मैंनें वहां ओर पड़ा चाकू उठा लिया और बोला :- अब बोलो, आप मेरी बनोगी या नहीं?

उन पर कोई फर्क नहीं हुआ| शायद उन्हें लग रहा था मैं सीरियस नहीं हूँ और वो वैसे ही खड़ी रहीं| तभी मैंनें अपनें हांथ को काट लिया, जिससे मेरे हांथ से खून बहनें लगा| तभी मैंनें उनकी तरफ देखा तो उनकी आंखों में आंसू थे और फिर वो मेरे गले लग गई और बोलनें लगी :- सॉरी विजय, मुझे माफ़ कर दो| आज से ये नंदना सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी है|

मैंनें भी उसे अपनी बाहों में ले लिया और किस करनें लगा और फिर मैंनें कहा :- मुझे तुमसे शादी करनी है और वो भी अभी|

तो वो गई और सिंदूर लेकर आई और बोली :- लो, मेरी मांग में अपनें नाम का सिंदूर भर कर मुझे हमेशा के लिए अपना बना लो|

फिर मैंनें उसकी मांग में सिंदूर भर दिया और फिर उसनें मेरे पैरों को छुआ तो मैंनें उसे उठाकर अपनें गले से लगा लिया| फिर मैं उसके गाल पर किस करता रहा और बोलता रहा :- आई लव यू नंदनी, नंदनी मेरी जान आई लव यू|

फिर मैं उसके होंठों पर किस करनें लगा| तो उसनें मुझे रोका क्योंकि अभी हमें पार्टी में जाना था| देर होगी तो सबको शक होगा| मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था, तो मैं नहीं माना| तो उसनें कुछ सोचकर कहा :- केवल 10 मिनट के लिए पार्टी में चलो और फिर हम वापस आ जाएंगे और फिर पूरी रात मैं तुम्हारे साथ ही रहूंगी|

मैं चौंक गया और बोला :- पूरी रात मतलब|

वो बोली :- सारे गेस्ट पार्टी से ही वापस चले जाएंगे और तेरे मौसा नें तो इतनी ज्यादा ड्रिंक कर ली है कि सोनें के बाद उन्हें सुबह ही होश आएगा|

मैंनें कहा :- ठीक है, लेकिन 10 मिनट से ज्यादा नहीं लगना चाहिए|

वो बोली :- ठीक है|

फिर हम पार्टी में जब पहुंचे तो मम्मी बोली :- इतना टाइम कैसे लगा दिया? यहां तो पार्टी भी खत्म हो गई है और आधे लोग तो जा भी चुके हैं|

फिर मम्मी और मौसी नें खाना खाया, लेकिन मेरी नज़र तो घड़ी पर ही थी और नंदनी मुझे देख रही थी तो मैंनें घड़ी की तरह इशारा किया तो वो इशारे में बोली 5 मिनट और रुको सबको चले जानें दो| करीब आधे घंटे बाद सब लोग चले गए और वहां पर मम्मी :- पापा, मैं और मौसी बस चार लोग ही थी| मौसा तो इतनें धुत थे कि दो वेटरों नें उनको उठा कर रूम में सुला दिया और बोले कि वो घर जानें की स्थिति में नहीं है| फिर तभी पापा बोले :- चलो विजय, अब हमें भी निकलना चाहिए|

तो मम्मी बोली :- नंदनी अकेले घर कैसे जाएगी? एक काम करो, विजय तुम अपनी मौसी को लेकर घर चले जाओ और सुबह वापस आ जाना| हम दोनों अपनें घर चले जाते हैं|

मैं राजी हो गया क्योंकि मैं तो यही चाहता था| फिर हम दोनों अपनी गाड़ी में बैठे और निकल गए| मैं उसका हाथ पकड़ कर एक हाथ से कार ड्राइव कर रहा था और वो मेरे कंधे पर अपना सर रख कर मुझे बार :- बार किस किए जा रही थी और अपना एक हाथ मेरे लन्ड पर फेर रही थी| जिससे मेरा लन्ड बिल्कुल टाइट हो चुका था|

घर पहुंच कर मैंनें गाड़ी पार्क की और वहीं पर नंदना को चूमनें लगा| तब वो बोली :- 5 मिनट तो सब्र कर लो मेरी जान, घर के अंदर तो पहुंच जानें दो फिर जी भर के पूरी रात नंदना को चोदना|

लेकिन मुझे सब्र नहीं हो रहा था और मैं उसकी साड़ी को घुटनों से ऊपर करनें लगा, तो उसनें मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली :- रुक जाओ न जान, यहां कोई देख लेगा|

तब फिर हम लोग लिफ्ट में गए और एंटर करते ही मैंनें उसे पकड़ लिया और उसे चूसनें लगा| वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी| हम एक :- दूसरे से लिपटे हुए थे|जब लिफ्ट रुकी तो हम दोनों घर के अंदर आ गए| नंदना किचन में जानें लगी लेकिन मैंनें उसे पकड़ लिया और उसे अपनी गोद में उठा लिया और बेडरूम की ओर जानें लगा| अंदर ले जाकर मैं उसके होंठ चूसनें लगा और करीब 15 मिनट तक चूसता रहा और उसकी लिपिस्टिक चाट गया|

मेरा एक हाथ उसको बालों को सहला रहा था और दूसरा उसके चूतड़ों को दबा रहा था| फिर मैंनें उसकी साड़ी खोल दी| अब वो सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में मेरे सामनें थी और मैं ब्लाउज के ऊपर से ही उसके बूब्स जोर :- जोर से मसल रहा था, जिससे वो आहें भरनें लगी थी| फिर मैं उसके ब्लाउज के ऊपर से ही उसके बूब्स को चूसनें लगा और उसके पेटीकोट को ऊपर करके उसके चूतड़ों को दबानें लगा|

फिर मैंनें उसके ब्लाउज का हुक खोल दिया और ब्रा को भी खींच दिया, जिससे उसके बड़े :- बड़े बूब्स उछल कर बाहर आ गए| मैं तो उन्हें देख कर पागल हो गया था और उन्हें चूसनें लगा| फिर कुछ देर तक चूसनें के बाद मैंनें एक हाथ से उसके पेटीकोट को खोलकर उसकी पैंटी भी उतार दी| फिर मैं उसके पीछे की तरफ खड़े होकर उसके बूब्स मसलनें लगा और उसके गाल पर किस करनें लगा| इस दौरान उसनें एक :- एक करके मेरे सारे कपड़े उतार दिए|

अब मैंनें उसे बेड पर लिटाया और उसके पेट पर किस करनें लगा| फिर मैं उसकी जांघों तक पहुंच गया और वहाँ किस करनें लगा और फिर मैं उसकी चूत पर पहुंच गया और किस करनें के बाद उसे चाटनें लगा| जिसके कुछ देर बाद वो मेरे सर को अपनी चूत पर दबानें लगी| फिर मैं ऊपर आया और बूब्स चूसनें लगा और अपनी अंगुली को उसकी चूत में डाल दिया| जिससे वो सिसकी ले रही थी|

अब वो एकदम से पागल हो गई थी तो वो बोली :- विजय अब न देर करो और चोदो मुझे|

मुझसे भी अब रुका नहीं जा रहा था, इसलिए मैं नीचे गया और अपनें लन्ड को उसके चूत पर सेट करके एक धक्का लगाया मेरा पूरा लन्ड उनकी चिकनी हो चुकी चूत में सरक गया| करीब 5 मिनट तक मैं उन्हें ऐसे ही चोदता रहा| हमें बहुत मज़ा आ रहा था और वो लगातार आहें भरे जा रही थीं|

फिर वो नीचे से उठकर ऊपर आ गई और मेरे खड़े लन्ड पर बैठ गई और ऊपर नीचे करनें लगी| कसम से दोस्तों इतना मज़ा आ रहा था कि मैं आपको बता नहीं सकता| इसी मज़े के बीच मैं उनकी चूत में झड़ गया और मेरा सारा माल उनकी चूत से निकल कर मेरे लन्ड के बगल में आ गया|

चूंकि अब तक उनका पानी नहीं निकला था इसलिए उन्होंनें मेरे लन्ड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया| मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया| फिर इस बार मैंनें उन्हें घोड़ी बनाया और पीछे से उनकी चूत में लन्ड पेल दिया और धक्के मारनें लगा| उनके चूतड़ों से टकरानें के कारण पूरे कमरे में चप्प :- चप्प की आवाजें आ रही थी| करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद वो झड़ गई और उनके चूत की गर्मी पाकर मेरे लन्ड नें फिर अपना पानी छोड़ दिया जो उनके चूत की गहराई में समा गया|

दोस्तों, उस रात हमनें दो बार और चुदाई की और हम दोनों बहुत खुश थे| फिर सुबह मैं अपनें घर चला आया| अब जब भी मौका मिलता है मैं उनके घर पहुंच जाता हूं|

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