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मेरी प्यारी मौसी भाग – 1

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उसके बाद सब लोग रात की पार्टी के लिए तैयार होनें में लग गए और वो वहीं पर घूम रही थी और मैं वहीं पर अकेला खड़ा बोर सा हो रहा था. तभी अचानक मेरे दिमाग में उसे चोदनें का विचार आया और मैंनें सोचा कि अगर आज इसको नहीं चोदा तो फिर कभी नहीं चोद पाऊंगा और फिर मैंनें उसे सिड्यूस करनें का प्लान बनाया…
हाय मेरा नाम विजय है और मैं लुधियाना में रहता हूँ. मेरे घर में मेरी मम्मी पापा और मैं बस तीन ही लोग रहते हैं. मेरी एक मौसी हैं जिनका नाम नंदना है. उनकी उम्र यही कोई लगभग 38 साल के करीब होगी. वो मुझे बहुत अच्छी लगती हैं. मैं प्यार से उन्हें नंदनी डार्लिंग बुलाता हूँ.
उनके फिगर के बारे में क्या बताऊँ दोस्तों! ऐसा है कि बस देखते ही पानी निकाल जाता है. उनके होंठ बिल्कुल पतले और बहुत रसीले हैं. उनका साइज़ 38-34-40 का है और बाल तो उनके इतनें बड़े हैं कि उनके चूतड़ों से भी नीचे तक आते हैं. उनका रंग एक दम गोरा और लंबे करीब साढ़े पांच फिट है और वो बहुत ही खुली दिमाग की मॉडर्न औरत हैं. कुल मिला कर मौसी बहुत ही मस्त माल हैं.
मेरी मौसी जालंधर में कपूरथला रोड पर रहती हैं और उनके पति यानी मेरे मौसा एक सरकारी कॉन्ट्रैक्टर हैं. इसलिए वो अपनें काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं. मौसी के सिर्फ एक बेटा है जो उनके साथ ही रहता है.
एक बार की बात है जब मेरी मौसी की शादी की सालगिरह थी. उस दिन हम सब उनके घर पर पार्टी में गए हए थे. दोस्तों, उस दिन तो वो एकदम कमाल लग रही थीं. मैं तो उन्हें देखता ही रह गया. उन्होंनें ऑरेंज कलर की साड़ी पहन रखी थी, जिसके पल्लू में सीसे लगे थे और लो कट ब्लाउज तो इतना ज्यादा डीप था कि उनके बूब्स का कट 4 इंच तक साफ दिख रहा था. उसनें अपनी साड़ी इतनी टाइट बांध रखी थी कि उसके चूतड़ों का शेप एक दम साफ समझ आ रहा था.
हमें देखते ही उसनें हमारा किया. पहले वो मां से गले मिली और फिर पापा को नमस्ते किया. मैंनें भी मौके फायदा उठाते हुए उसे हग करते हुए सालगिरह विश किया और इस दौरान मैंनें अपना हाथ उसके पीठ के निचले हिस्से पर फेर दिया. खैर उसनें भी मेरी इस हरकत पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया.
उसके बाद सब लोग रात की पार्टी के लिए तैयार होनें में लग गए और वो वहीं पर घूम रही थी और मैं वहीं पर अकेला खड़ा बोर सा हो रहा था. तभी अचानक मेरे दिमाग में उसे चोदनें का विचार आया और मैंनें सोचा कि अगर आज इसको नहीं चोदा तो फिर कभी नहीं चोद पाऊंगा और फिर मैंनें उसे सिड्यूस करनें का प्लान बनाया.
उनका घर 10 मंजिल फ्लैट है. सब लोग रात की तैयारी के लिए चेंज करनें में लगे हुए थे. और मेरी जान नंदनी खानें की मेज पर अकेली बैठी थी. मैंनें मौके का फायदा उठाया और जल्दी से उसके पास जाकर बैठ गया और उससे इधर – उधर की बात करनें लगा. उस समय मेरा पूरा ध्यान उसके बूब्स पर था. उसे पता चल चुका था कि मैं उसे घूर रहा हूँ, जिससे वो हल्की मुस्कान दे रही थी. मैंनें फ़्लर्ट करना शुरू कर दिया और उसके बोला – मौसी, आज तो आप कमाल लग रही हो और आपकी साड़ी तो बहुत ही सुंदर है.
तो वो मुझसे बोली – सिर्फ साड़ी सुंदर है?
तो मैंनें कहा- अरे, साड़ी आपनें पहन रखी है इसलिए सुमद्र है.
तो उन्होंनें एक प्यारी सी मुस्कान के साथ थैंक्स कहा. और फिर मैं उनके बूब्स देखनें लगा. तभी वो बोली – क्या देख रहे हो ऐसे?
मैं घबरा गया और बोला – आपके हुश्न को देख रहा हूँ.
वो चौंक कर बोली – मतलब?
मैंनें बात पलटते हुए कहा – ये नेंकलेस आप पर खूब जंच रहा है.
तो वो मुस्कुरा कर बोली – आखिर पहन किसनें रखा है.
तो मैंनें बोल दिया – मिस नंदनी नें और किसनें.
वो हंस दी. तभी मुझे प्यास लगी और मैंनें उनसे पानी मांगा. वो उठ कर जानें लगी तभी उसका सैंडल टूट गया जिससे वो गिरनें लगी तो मैंनें उसकी कमर को पकड़ लिया और उसे गिरनें नहीं दिया. कमर पर मेरी पकड़ इतनी टाइट थी कि वो बिल्कुल मेरे से चिपक गई. मेरे दोनों हाथ उसकी कमर बिल्कुल उसके बूब्स के नीचे थे. जब वो बोली के मैं ठीक हूँ तो मैंनें उसे छोड़ा. अब वो उदास हो गई और कहनें लगी कि मेरे मैचिंग के सैंडल टूट गए अब मैं क्या पहनूंगी.
तब मैंनें कहा – परेशान न हो, मैं अभी इसे बाजार से ठीक करवा कर लाता हूँ.
वो बोली – तुम्हें आनें में देर हो जाएगी तो तुम्हारे मौसा नाराज होंगे.
तब मैंनें कहा – अरे नहीं, कोई देर नहीं होगी. मैं बस यूं गया और यूं आया.
रात के 9:30 हो चुके थे तो मुझे पास में कोई दूकान नहीं मिली और मुझे डोर जाना पड़ा. जब मैं वापस आया तो देखा कि सब लोग पार्टी के लिए होटल जा चुके थे. घर पर कोई नहीं था. सिर्फ मौसी अपनें रूम में बेड पर उल्टी लेटी हुई रो रही थी. मैंनें अंदर आते ही देखा तो उनसे पूछा कि क्या हुआ? आप रो क्यों रही हैं और सब लोग कहाँ गए?
वो बोली – सब लोग पार्टी के लिए होटल चले गए है.
तब मैंनें पूछा – आप रो क्यों रही हो?
तो वो बोली – तुम्हारे मौसा नें मुझ पर हाथ उठाया और मुझे अकेला छोड़कर अपनें दोस्तों के साथ ड्रिंक करके होटल चले गए.
तब मैंनें उन्हें अपनें गले से लगा कर चुप करानें लगा. वो चुप ही नहीं जो रही थी. तो मैंनें उनके आंसू पोछे और उनसे कहा – कोई बात नहीं मैं हूँ न आप चुप हो जाओ. नहीं तो मैं भी रो दूंगा.
तो वो चुप हो गई. लेकिन रोनें से उनकी साड़ी की सेटिंग खराब हो गई थी और नेंकलेस भी टेढ़ा हो गया था.
तब मैंनें कहा – क्या हाल बना लिया है आपनें अपना? कितनी सुंदर लग रही थी.
वो बोली – पार्लर में तैयार हो कर आई थी और अब तो वो भी चली गई होगी. अब मैं क्या करूं?
मैंनें भी ब्यूटीशियन का थोड़ा सा कोर्स किया था तो मैंनें उससे कहा कि अगर आप कहो तो मैं ट्राई करता हूँ.
उसनें कहा – इसमें पूछनें की क्या बात है? अगर तुम मेरी हेल्प कर सको तो उससे अच्छी बात और क्या होगी.
तब मैंनें उससे कहा कि आप जल्दी से अपनी साड़ी निकलो ताकि मैं अच्छे से दुबारा बांध सकूं. उसनें अपनी साड़ी उतार दी और मेरे सामनें सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में आ गई. मैं तो उसे देखता ही रह गया. उसके बूब्स बिल्कुल बाहर आनें को तैयार थे. तब मैंनें उसकी साड़ी इस तरह बांधी कि उसके चूतड़ों की लाइन और पैंटी का शेप भी थोड़ा दिखनें लगा. साड़ी को मैंनें इतनें अच्छे से बांधा था कि वो खुश हो गई. फिर मैंनें उसको अच्छे से तैयार किया.
फिर वो बोली – तुमनें आज मेरे लिए इतना कुछ किया है तुम बहुत स्वीट हो. तुम्हारी वाइफ बहुत किस्मत वाली होगी.
कुछ देर रुक कर फिर वो बोली – वाइफ से याद आया तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड तो होगी?
मैंनें कहा – नहीं है.
वो बोली – क्यों कोई पसंद नहीं आई क्या?
मैंनें बोल दिया – एक लड़की है जो मुझे बहुत पसंद है पर. फिर मैं चुप हो गया.
वो बोली – पर क्या?
तब मैंनें कहा – मुझे डर है कि कहीं वो बुरा न मान जाए.
तब वो बोली – कह के तो देखो, बुरा क्यों मानेंगी? मुझे बताओ मैं उसका सॉल्यूशन सोचती हूँ कुछ.
मैंनें कहा – लेकिन, वो एक शादी शुदा औरत है.
मौसी नें आश्चर्य चकित हो कर कहा – सच में.
मैंनें कहा – हां मौसी, लेकिन मैं उसे बहुत प्यार करता हूँ. बोलो न अब मैं क्या करूं.
वो बोली – मुश्किल तो बहुत है. कोई भी औरत अपनें पति से बेवफाई तभी करती है जब या तो वो उसे पसंद न करती हो या फिर उसका पति उसे खुश न रखता हो. बस ये ही दो सिचुएशन हैं जिसमें वो तुम्हारा प्रपोजल एक्सेप्ट कर सकती है.
तब मैंनें कहा – अपनें पति से वो खुश तो नहीं है ये कंफर्म है मुझे और उसका पति बात बात पर उसपर हाथ भी उठता है. अब आपको क्या लगता है मानेंगी वो?
उन्होंनें कहा – फिर तुम टेंशन न लो वो 100% हां कर देगी.
तो मैंनें कहा – पक्का न, वो मना नहीं करेगी.
वो बोली – मैं खुद एक औरत हूँ और मुझे पता है कि लड़कियों की सोच क्या होती है. इसलिए तुम बेफिक्र हो कर प्रोपोज करो वो पक्का तुम्हारी हो जाएगी.
तब मैंनें कहा – मौसी वो कोई और नहीं तुम ही हो और मैं तुम्हें बहुत पसंद करता हूँ.
वो बीच में ही मेरी बात काटते हुए बोली – मैं तुम्हारी मौसी हूँ और तुम मेरे बेटे जैसे हो.
मैं बोला – ठीक है तुम मेरी मौसी हो, पर पहले एक औरत हो और मैं एक मर्द हूँ. मैं तुम्हें हमेशा खुश देखना चाहता हूं.
वो बोली – दुनिया वाले क्या कहेंगे? मैं नहीं कर सकती ऐसा.
फिर मैंनें हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ लिया और उसे अपनी बाहों में भर लिया.
आगे क्या हुआ ये आप पढ़ेंगे कहानी के अगले भाग में.

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