loading...

“मेरी गर्लफ्रैंड प्रीति की चुदाई”

Antarvasna sex stories, desi kahani, hindi sex stories, chudai ki kahani,

हैलो फ्रेंड्स|| मेरा नाम आकाश है मैं 23 साल का हूँ| मैं छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से हूँ| मेरी गर्लफ्रेंड का नाम प्रीति है और 20 साल की एक काँटा माल है|

मेरी प्रेम कहानी 6 महीनें पहले स्टार्ट हुई थी! जो अब पूरी हुई है|

हम दोनों की मुलाकात एक साल पहले शुरू हुई थी| हम दोनों अच्छे और जॉइंट परिवारों से हैं| हम दोनों बिलासपुर यूनिवर्सिटी से बीएससी कर रहे थे| शुरूआत में हम दोनों में ऐसा कुछ नहीं था| हम दोनों साधारण फ्रेंड ही थे| नॉर्मली कॉलेज जाते थे| आप खुद कॉलेज लाइफ जानते ही हैं कि कैसी होती है|

साल भर एक साथ स्टडी करते-करते पता नहीं उसे कब मुझसे लव हो गया| मुझे पता तब चला कि वो मुझसे लव करती है! जब हमारे एग्जाम चल रहे थे| मेरी आदत है कि एग्जाम हॉल में! कभी भी 2|30 घंटे से ज़्यादा टाइम तक नहीं रुक सकता|| तो मैं हमेशा 2-2|30 घंटे में एग्जाम हॉल से बाहर निकल आता था| शायद वो मुझे प्रपोज करना चाहती थी|| इसलिए वो भी मेरे पीछे-पीछे एग्जाम हॉल से निकल कर मेरे पास आ जाती थी| लेकिन मैं उसे इग्नोर करते हुए निकल जाता था और वो अपनें रूम के लिए निकल जाती थी|

आप जानते तो हैं ही कि लड़कियां पहले प्रपोज नहीं करती हैं| उससे फिर दोबारा कभी बात नहीं हुई थी! शायद वो रूठ गई थी|

एग्जाम के एक महीनें के बाद व्यापम का एग्जाम हुआ! जिसके बाद गर्मी की छुट्टियां भी स्टार्ट भी हो गई थीं| वो अपनें गाँव चली गई थी| फिर मैंनें उसे एक दिन कॉल किया तो उसनें कॉल रिसीव किया| मैंनें अपना नाम बताया क्योंकि मैं उससे पहली बार मोबाइल से बात कर रहा था|

मैंनें उसका हालचाल पूछा| फिर उसे कुछ देर बाद ‘आई लव यू||’ कहकर प्रपोज कर दिया|
वो गुस्से में तो थी ही|| उसनें मेरा प्रपोजल रिजेक्ट कर दिया|

मैंनें उससे बाय बोला और ‘तुम्हें दोबारा डिस्टर्ब नहीं करूँगा’ कह कर कॉल कट कर दिया| मैंनें गुस्से में सिम भी तोड़ दी| मैं अब नई सिम यूज करनें लगा| शायद उसे बाद में अहसास हुआ कि ऐसा नहीं करना चाहिए था! वो दोबारा उस नंबर पर कॉल करनें की कोशिश करनें लगी! पर मैंनें तो सिम ही तोड़ दी थी|| तो फोन लगता कहाँ से|

अब मेरा व्यापम एग्जाम में सिलेक्शन हो गया! तो मैंनें ये कॉलेज छोड़ दिया था|| और नया कॉलेज ज्वाइन कर लिया था|

हुआ यूं कि हमें कॉलेज की तरफ से गाँव गाँव जाकर गाँव की कुछ डिटेल जानना था! तो हम सब को एक-एक गाँव में जाना था| एक एक एरिया हरेक ग्रुप को मिला था| हरेक ग्रुप में करीब 25 स्टूडेंट थे और 25 गाँव थे| तो हम सभी नें तय किया कि हर स्टूडेंट 1-1 गाँव जाएगा और एक दिन में सारे गाँव पूरे हो जाएंगे|

आप यकीन नहीं करोगे कि मुझे अपनी पुरानी संगीनी का ही गाँव मिला था| मुझे तो आइडिया ही नहीं था कि ये उसका गाँव है| मैं तो बस अपनें काम में लगा हुआ था| मैंनें सोचा गाँव के सरपंच से मिलना चाहिए|

जैसे ही सरपंच का पता करनें जा रहा था कि तभी मैंनें देखा कि सामनें एक गाड़ी से एक आदमी टकरानें वाला था! शायद उस गाड़ी का ब्रेक फेल हो गया था| मैं उनकी हेल्प के चक्कर में दूसरी साइड से हुआ कि बाइक का एक पहिया मेरे पैर पर चढ़ गया|| जिससे मेरे पैर में मोच आ गई और थोड़ा हाथ भी छिल भी गया! तो ब्लड भी निकलनें लगा था|

मैंनें जिस आदमी की हेल्प की थी! वे मुझे अपनें घर ले गए और डॉक्टर को बुलानें के लिए कॉल करनें लगे|

मैंनें उन्हें मना कर दिया| मैंनें उनको कुछ मेडिसिन लिख कर दीं कि शॉप से मंगवा लीजिएगा| मुझे मोच इतना ज़्यादा आ गया था कि मैं बेड से उठ नहीं पा रहा था| फिर भी मैंनें वहां से निकलनें के लिए उनको बोला तो उन्होंनें मना कर दिया|

वे बोले- आज यहीं आराम करो! कल चले जाना| आज के लिए रुक जाओ|
मैंनें उन्हें बताया कि मुझे सरपंच से मिलना है|
तो वो बोले- तुम्हारा काम हो जाएगा|

मैं जिस रूम में रेस्ट कर रहा था! वो शायद प्रीति का था| मैंनें उधर प्रीति की फोटो देखी तो मैं चौंक गया| इस बारे जब मैंनें उनसे पूछा- ये कौन है?
तो उन्होंनें बताया कि ये मेरी बेटी हैं|

फिर मेरी समझ में आ गया कि मेरा सही में काम हो जाएगा का मतलब क्योंकि प्रीति नें पहले ही बताया था कि पापा अब गाँव के सरपंच हो गए हैं|
तभी मैंनें सुना कि प्रीति अपनें पापा से तेज आवाज में बात कर रही थी| मेरे उसके रूम में रुकनें की वजह से वो अपनें पापा को डांट रही थी कि किसी को भी मेरे रूम में शिफ्ट कर दिया है|

मैं मन ही मन मुस्कुराता रहा|

फिर जब शाम को खाना ले कर प्रीति मेरे पास आई| मैंनें उससे फोन पर ‘कभी नज़र ना आनें||’ की बात कही थी इसलिए मैंनें एक बुक से अपना फेस को ढका लिया| उसनें खाना टेबल पर रखा और इशारा करके जानें लगी|

मैंनें आवाज़ दी कि स्पून दे दीजिएगा|
उसनें मेरी आवाज पर बिना गौर किए ‘हूँ||’ कहा और चली गई|

मैंनें आपको बताया था कि उसकी जॉइंट फैमिली है| उसके छोटे भाई बहन मुझसे अच्छे से घुल-मिल गए थे! तो वे मेरा लैपी फिल्म देखनें के लिए ले गए थे| लेकिन वे इतनें छोटे हैं कि उन्हें लैपटॉप चलाना नहीं आता था|

तब प्रीति रूम से निकल कर स्पून लेनें गई ही थी! तो लैपटॉप देख कर बोली- ये किसका है?
उन्होंनें मेरे बारे में बताया|
फिर वो मेरे लैपटॉप को ऑन करनें लगी| जैसे ही लैपी ऑन हुआ! तो सामनें डेस्कटॉप पर मेरा पिक सामनें आ गया|
वो मेरी पिक देख कर एकदम से चौंक गई थी| उसनें फिर से बच्चों से पूछा- ये कौन है?
तो बच्चे बोले- जो अन्दर हैं! यही तो हैं|

वो भागते हुए कमरे में आई! मुझे नहीं पता था कि इसे मेरे बारे में पता चल गया है कि अन्दर मैं हूँ| वो अन्दर आई और स्पून के लिए बोली तो मैंनें टेबल में रखनें को बोला| अभी भी मैं चेहरे के सामनें बुक लगा कर पढ़ रहा था|

वो मुझे गुस्से से बोली- पहले खा लो|| खाना ठंडा हो रहा है|
मैंनें उस से जानें को बोला- मैं बाद में खा लूँगा|
अब मैं उसको कैसे फेस दिखाता फ्रेंडस…
वो भुनभुनाते हुए चली गई|

फिर मैंनें खाना शुरू किया! लेकिन हाथ में चोट की वजह से खा भी नहीं पा रहा था| ये सब वो छुप कर देख रही थी! उससे रहा नहीं गया और वो रूम में आ गई|
मैंनें उसे देख कर सर झुका लिया|
अब वो मेरे सामनें बैठ कर मुझे खिला रही थी| वो थोड़े गुस्से में थी|

इतनें में उसके छोटे भाई नें ये सब देख घर में बता दिया कि दीदी उसे खाना खिला रही हैं| तब उसके पापा के पूछनें पर उसनें बताया कि ये मेरा फ्रेंड है! पहले साल में साथ में ही पढ़ते थे|
जब वो मुझे खिला रही थी! तब उस टाइम कोई कुछ नहीं बोल पा रहा था|

नाइट में वो दूध लेकर आई| मैं दूध पी रहा था तो देखा कि वो रो रही थी| वो मुझे सॉरी भी बोल रही थी|
मैंनें पूछा- सॉरी क्यों?
तो वो ‘आई लव यू||’ बोली|
मैं ‘आई नो||’ बोला|

तब तक दूध भी ख़त्म हो चुका था और दूध की मलाई मेरे होंठों में लग गई थी! तो वो मुझे देख कर हंसी|
मैंनें बोला- क्या हुआ?
तो कुछ नहीं बोली! बस सीधे पास आई और लिप किस करते हुए मलाई चाट ली|

मैंनें उसे देखा और उसके सरपंच पापा के साइन के लिए अपनें कागजात उसे दे दिए और सो गया|
सुबह नाश्ता किया और वहां से निकलनें लगा तो उसके पापा बोले- ये भी बिलासपुर जानें की बोल रही है! तुम इस अपनें साथ ले जाओ! साथ ही बस में चली जाएगी|
मैंनें ‘ठीक है||’ बोला और वहां से हम दोनों बिलासपुर आ गए जबकि उसकी छुट्टियां अब भी बाकी थीं|

मुझे हॉस्टल में रहना पसन्द नहीं है! मैंनें एक फ्लैट रेंट पर लिया हुआ है| हम फ्लैट के अन्दर गए और मैंनें बोला- मैं फ्रेश हो जाता हूँ| फिर तुम्हें कॉलेज छोड़ दूँगा! साथ ही मैं भी कॉलेज निकल जाऊंगा|
तो बोली- कॉलेज की अब 3-4 दिन की छुट्टियां बाकी है|
मैंनें बोला- तो फिर घर से क्यों आ गई?
तो उसनें मुझे किस करना चालू कर दिया| किस करनें के बाद बोली- इसलिए आ गई|
मैं बोला- मुझे कॉलेज जाना है|

मैंनें फ्रेश हुआ और कॉलेज निकल गया|

कॉलेज में मन नहीं लग रहा था! तो वहां से जल्दी आ गया| जैसे ही कमरे पर पहुँचा तो वो बोली- इसलिए मैंनें एक्सेप्ट नहीं की थी| तुम्हें तो मेरी परवाह ही नहीं है|
उसका मूड ऑफ था|
मैंनें पूछा तो और गुस्सा हो गई|
मैं उसे एक साल से जानता था! मुझे तो पता था कि उसका मूड कैसे बनाया जाता है|

मैं उसके पास चला गया! उसे बेड से उठाया और कसके पकड़ कर उसे किस करनें लगा|

वो मुझसे छूटनें की कोशिश कर रही थी| मैं उसके साथ बेड पर गिर गया|

थोड़ी देर बाद उसनें मेरा साथ देना शुरू कर दिया| लेकिन उसका रोना बंद नहीं हो रहा था| वो बोल रही थी- तुम मुझे प्यार नहीं करते हो|
मैं कुछ नहीं बोल रहा था! बस उसे किस किए जा रहा था|
वो बोल रही थी- मैं तुम्हें एग्जाम टाइम में प्रपोज के लिए बाहर आ जाती थी! तो तुम निकल जाते थे|

मैंनें उसे चुप होनें को बोला और किस पर किस किए जा रहा था|
उसे मैंनें सॉरी भी बोला कि मुझे आइडिया नहीं था|
कुछ देर बाद वो मान गई|

मैं भी उसे किस करते करते अपनें नीचे ले आया और उसके मम्मों को दबानें लगा| उसके चूचे अब भी उतनें छोटे ही हैं| फिर धीरे धीरे मैंनें उसके और अपनें कपड़े उतारनें शुरू कर दिए| इसी चक्कर में मैंनें उसके ब्रा की स्ट्रीप को भी तोड़ दिया| मैं उसके पूरे शरीर को चूमे जा रहा था| वो भी बहुत गर्म हो चुकी थी| उसका और मेरा ये पहला टाइम था तो उत्तेजना कुछ ज्यादा ही थी| अब वो मेरे ऊपर चढ़ गई और किस किए जा रही थी|

फिर मैंनें उसे 69 में होनें को बोला! तो उसनें मना कर दिया| मैं उसकी चुत के पास अपना मुँह लेकर गया तो वो उसमें भी मना कर दिया कि नहीं ये सब मुझे अच्छा नहीं लगता|
मैंनें बोला- कुछ नहीं होगा यार! मजा आएगा|
तो वो बोली- फिर मुझे इसके बाद किस मत करना|

मैंनें उसकी बात समझ ली|

फिर क्या|| बस किस किस किस|| दरअसल उसे किस करनें में ज़्यादा मजा आ रहा था! इसलिए वो अपना मजा खराब नहीं करना चाहती थी| मैं मान गया! ऊपर खिसका और उसे किस करनें लगा| कभी मैं उसके कान की लौ को चूमता! कभी गर्दन को चूमता| इस तरह किस करते करते मैंनें उसे बाईट भी कर देता तो वो तड़प जाती|

एक हाथ से मैं उसके मम्मों को दबाता रहा और दूसरे हाथ को उसकी चुत पर लगा दिया| मैंनें उसे और गर्म किए जा रहा था| अब तक वो कुछ ज़्यादा ही गर्म हो चुकी थी| वो कहनें लगी- अब और न तड़पाओ प्लीज़ डाल दो ना|
वो मेरी गर्लफ्रेंड थी फ्रेंडस|| सो कैसे मना कर सकता था| मैं जब कॉलेज से आ रहा था तब मेडिकल से कन्डोम और जैल लेकर ही आ गया था| मुझे कुछ आसार दिखनें लगे थे|
मैंनें बैग से कंडोम और जैल निकाला| उसकी चुत में जैल लगा दी|

जैसे ही मैंनें कंडोम निकाला वो मना करनें लगी- आज तो पहला टाइम है|| इसे मत लगाओ|
फिर भी मुझे तो पता था कि उसका पहला टाइम है| लेकिन उसे थोड़ी ना पता था कि मेरा पहला टाइम है कि नहीं|
मैं उससे बोला- तुम्हें बिलीव नहीं होगा कि मेरा पहला टाइम है|
वो बोली- आई ट्रस्ट यू|

उसनें मुझे किस किया| फिर मैंनें अपनें लंड में भी थोड़ा जैल लगाया| हम मिशनरी पोजीशन में आ गए| मैंनें उसके पैर फैलाए और अपना लंड सैट किया| थोड़ा उसकी चुत पर लंड रगड़ा! फिर अचानक एक शॉट लगा दिया|

थोड़ा सा लंड अन्दर गया ही था कि वो चिल्लानें लगी| मैं रुक गया! हम दोनों ही रुके रहे| थोड़ी देर बाद मैंनें फिर एक शॉट लगाया! इस बार ¾ लंड चुत के अन्दर चला गया था| उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे| मुझे भी दर्द हो रहा था|
हम एक-दूसरे को किस किए जा रहे थे| अब वो बोली- निकाल दो! बहुत दर्द हो रहा है प्लीज़||
मैंनें अपना लंड बाहर निकाला तो उसमें ब्लड लगा हुआ था! बेडशीट भी खराब हो गई थी| उसका चुत हल्की सी सूज गई थी|

अब तक शाम भी हो गई थी|| वो बेड में लगभग नंगी ही लेटी रही|
मैं फ्रेश हुआ और होटल से खाना बंधवा आया| फिर मैंनें खाना सर्व किया तो वो बैठ भी नहीं पा रही थी| मेरे सपोर्ट से वो जैसे तैसे बैठी| किसी तरह मैंनें उसे खाना खिलाया! खुद खाया| फिर हम दोनों लैपटॉप में मूवी देखनें लगे|

थोड़ी देर बाद प्रीति बोली- लेट्स ट्राइ अगेन|
मैंनें ओके बोला! उसे किस किए| इस बार मेरे कपड़े वो खुद निकाल रही थी| वो तो पहले से ही एक नाइटी पहनें पड़ी थी|| उसनें झट से नाइटी उतार दी और नंगी हो गई| अब मैं भी जोश में आ गया था! तो जल्दी ही लंड खड़ा हो गया| मैंनें अपना लंड उसकी चुत पर सैट किया और शॉट मारा| अब वो कंट्रोल किए हुए थी| फिर मैंनें धीरे-धीरे अपना शॉट लगाना चालू रखा! थोड़ी देर बाद जब वो पूरी कंफर्टबल फील करनें लगी! तब मैंनें अपनी स्पीड बढ़ाना चालू कर दिया|

अब वो भी मेरा साथ दे रही थी| फिर वो झड़ गई| दस मिनट बाद मैंनें फिर किस करना शुरू कर दिया| अब हमनें नई पोज़िशन बनाई और मैं उसे चोदनें लगा| वो ‘आह|| ऊह||’ कहे जा रही थी|
अब तो हम दोनों को मजा आनें लगा था| वो बोले जा रही थी- और तेज करो|
मैं भी पूरी स्पीड से उसे चोद रहा था|
वो नीचे से अपनी गांड उठा-उठा कर मुझसे चुद रही थी|

कुछ देर बाद हम दोनों साथ में छूटनें वाले थे कि मैंनें अपना लंड उसकी चुत से बाहर निकाल दिया और सारा स्पर्म उसकी चुत के ऊपर गिरा दिया|
वो गुस्सा हो गई|| पर कुछ नहीं बोली| वो मुझे किस किए जा रही थी| उस रात मैंनें उसे 3 बार चोदा| सुबह वो पहले उठ गई थी|

सुबह जब वो किचन में चाय बना रही थी! तब मैं फ्रेश हो कर फिर बेड पे लेट गया| उसे लगा मैं अब तक नहीं उठा हूँ| अब 9 बज रहे थे तो वो चाय लेकर मुझे जगानें आई- उठो चाय पी लो और तुम्हें कॉलेज नहीं जाना क्या?
मैंनें उसका हाथ पकड़ा और उसे अपनें पास खींच कर उसे गुडमॉर्निंग बोल कर किस कर दिया|
वो भी ‘गुडमॉर्निंग||’ बोली- चाय पी लो|

इतनें में मेरे फ्रेंड का कॉल आया कि आज कॉलेज स्टाफ के यहाँ कोई डैथ हो गई है तो कॉलेज में छुट्टी हो गई है|
फिर क्या था! चाय का कप टेबल पर रखा और मेरी डार्लिंग प्रीति मेरे साथ बेड में आ गई|
मैंनें उसे फिर अपनें साथ लेटा लिया और फिर मज़े किए|

जब तक उसकी छुट्टियां थीं! तब तक साथ में मस्ती ही की| हर दिन हमारे बीच यही सब चलता था| मैं प्रीति से बहुत प्यार करता हूँ! अब तो ऐसा हो गया है कि मैं या वो एक-दूसरे के बिना रह ही नहीं सकते हैं|

आज फिर वो आनें वाली है! क्योंकि जो प्रीति की क्लास टीचर हैं! उनकी तबीयत खराब हो गई है| वो दो दिन की लीव पर हैं| तो फिर से मस्ती होनें वाली है

जो कहानियाँ अभी पढ़ी जा रही हैं

loading...
error: Protected