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"मेरी कुँवारेपन मेरी पाप ने भांग की"

मेरी पोशाकें देख कर सभी मर्द, बूढ़े जवान आहें भरते हैं|
कॉलेज में भी मेरे ढेरों आशिक थे लेकिन मैंनें कभी किसी को घास नहीं डाली, कोई सम्बन्ध किसी से नहीं रखा क्योंकि शुरु से मेरे पापा नें मुझे लड़कों से दूर रहनें की हिदायत दे दी थी|
मैंनें अभी अपनी ग्रेजु्येशन दिल्ली से पूरी की है| अब आगे की पढ़ाई के साथ साथ मॉडलिंग लाइन में भी जाना चाह रही हूँ|

अभी तक मैंनें थोड़ी बहुत मॉडलिंग की भी है, अभी कुछ दिनों बाद मेरी एक एड लोकल केबल टीवी पर शुरु होगी|
जैसे ही मुझे जवानी चढ़ रही थी मेरी अन्तर्वासना भी बढ़ रही थी|

मैं अपनी चूत में उंगली करती थी और अपनी एक सहेली आशा के साथ भी लेस्बीयन सेक्स भी करती थी|
लेकिन मैं सदा चाहती रही थी कि कोई बांका मर्द आकर मेरे बदन की सेक्स की प्यास को बुझाए|

लेकिन साथ ही ऐसा करनें से डर भी लगता था|
मैं अन्तर्वासना पर सेक्स की कहानियाँ भी पढ़ती हूँ और ब्लू मूवी भी देखती हूँ| इससे मेरी सेक्स की वासना और भड़क उठती है|
मेरी मम्मी काफ़ी वर्ष पहले संसार छोड़ चुकी हैं तो अब घर में मेरे पापा ही हैं, वे 38 साल के हैं, मेरे पापा एकदम तन्दरूस्त जवान लगते हैं और हट्टे कट्टे हैं|
अभी कुछ समय पहले मुझे यह पता चला है कि मम्मी के जानें के बाद पापा दूसरी औरतों, रंडियों को चोद कर अपनी सेक्स की इच्छा पूरी करते हैं तो एकदम मेरे मन में विचार आया कि क्यों ना मैं पापा से ही चुदवा लूँ? हम दोनों का काम हो जाएगा|
लेकिन फिर मेरे दिल नें मुझसे कहा कि ऐसे गन्दे विचार मन में लाना पाप है|

लेकिन मेरी आंखें तो लोगो के लंड पर लगी रहती हैं कि कब पता नहीं कौन सा लंड मेरी किस्मत में होगा, मैं जल्दी से जल्दी चुद जाना चाहती थी|
एक बार मुझे पापा के साथ मेरे पोस्ट ग्रेजुएशन के एंट्रेंस एग्जाम के लिए दिल्ली जाना था, सवेरे जल्दी निकल कर और देर रात तक वापिस लौटना था|

जब हम दिल्ली कॉलेज पहुँचे तो पता लगा कि एग्जाम अगले दिन के लिए पोस्टपोन हो गया है|
हम लोग अपनें साथ कोई कपड़े नहीं लाये थे तो हमें अगले दिन भी इन्हीं कपड़ों में रहना था|
अब हम बाप बेटी एक होटल में गये, रूम ले लिया|

मैं बुरी तरह थक चुकी थी तो मैं रूम में चली गई, पापा होटल के रेस्तराँ में जाना चाह रहे थे| मैंनें पापा को कहा कि मेरा खाना रूम में भेज दें|
रूम में आकर अपना टॉप निकाल कर लेट गयी क्योंकि अगले दिन भी यही टॉप पहनना था|
तभी मेरे मन में आया कि पापा जब मुझे टॉप के बिना देखेंगे तो क्या होगा?

शायद पापा मुझे डाँटेंगे?
लेकिन पापा के सामनें मेरे नंगे बदन का ख्याल आते ही मेरी चूत गीली हो गई, मैं कोशिश कर रही थी कि पापा के बारे में ऐसा ना सोचूँ लेकिन मुझे तो पूरी सनक चढ़ गई, मैंनें मन में ठान लिया कि आज तो मैं चुद कर ही रहूँगी चाहे कुछ भी हो जाए|
यह सोच कर पापा को उत्तेजित करनें के लिये मैंनें अपनी ब्रा भी उतार दी और टॉपलेस हो कर आँखें बन्द करके लेट गई|
कुछ देर बाद पापा कमरे में आये तो मैं आँखें बन्द करके सोनें का नाटक करनें लगी और जरा सी आँख़ खोल कर मैं पापा का रिएक्शन देखनें लगी|
पापा मुझे इस तरह टॉपलेस देख कर भौंचक्के से रह गए और आँखें फाड़ फ़ाड़ मेरे बूब्स देखनें लगे|
फिर उन्होंनें अपना मुँह फेर लिया और वहीं सोफे पर लेट गए|

मैं यहाँ बिस्तर पर पापा से चुदनें को तड़प रही थी|
मैंनें देखा कि पापा मुड़ कर मेरी और देखते और फिर घूम जाते|
मैं बिस्तर से उठ कर बाथरूम में चली गई, पेशाब किया और मैंनें अपनी जींस भी निकाल दी और बेड पर आकर अपनी टाँगें फैला कर लेट कर पापा की किसी हरकत का इंतज़ार करनें लगी|
मुझे मालूम था कि पापा ऐसा बढ़िया मौका नहीं छोड़ेंगे|

पापा तो बड़े चुदक्कड़ हैं, काफ़ी बार मैंनें पापा का बड़ा मोटा लंड लुंगी से निकलते देखा है|
अब तो मैं चाह रही थी कि पापा जल्दी से आकर मेरी चूत में अपना लन्ड डालें और मेरी चूत को कुछ तृप्ति मिले|
मैं सोच रही थी कि पापा का काफ़ी मन कर रहा होगा कि आज मेरी चूत की जोरदार चुदाई कर दूँ लेकिन शायद बाप बेटी के रिश्ते के कारण हिचकिचा रहे हों|
मुझे मालूम था कि पापा असल में सोये नहीं हैं, वे सोनें का नाटक कर रहे हैं|
अब मेरे से नहीं रहा जा रहा था तो मैं उठ कर उनके पास जाकर सोफे पर ही लेट गइ और उन्हें ज़ोर से बाहों में भींच लिया|
अब पापा पूरे मूड में आ गए, एक गहरा चुम्बन मेरे लबों पर जड़ा|

मुझे बहुत मज़ा आया, अपनी चूत की आग के वशीभूत होकर मैंनें कहा:- पापाजी, मुझे कली से फ़ूल बना दो, कमसिन लड़की से औरत बना दो, मैं तड़प रही हूँ अपनी अन्तर्वासना में|
पापा बोले:- घबरा मत मेरी बेटी, आज तेरे पापा तेरी वो चुदाई करेंगे कि तू आकाश में उड़नें लगेगी और मैं इतनें दिनों से आज के दिन की राह देख रहा था, आज तेरे बदन से मैं अपनें लंड की प्यास बुझाऊँगा|
पापा नें आदेश दिया:- चल बेटी, अब अपनें पापा के कपड़े उतार कर नंगा कर|

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यह हिन्दी कहानी आप अन्तर्वासना पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं|
मैंनें पापा के पूरे कपड़े उतार दिए, उनकी अंडरवीयर को छोड़ कर|

पापा नें पहले मुझे अपनें गले लगाया और कहा:- यार शीनम, तू तो बहुत मजेदार चीज हो गई है|

वे मुझे चूमनें लगे और मैं सिसकारियाँ भरनें लगी थी|
पापा नें मेरे कानों से मुझे चूमना शुरू किया तो मेरे बदन की अग्नि और प्रज्ज्वलित हो उठी|
अब हमारे लब मिले हुए थे और 5 मिनट तक हम ऐसे ही चुम्बन करते रहे|
इसके बाद पापा नें अपना अंडरवीयर उतारा तो उनके लंड को देख कर मैं डर गई, पापा का लंड पूरी तरह ख़ड़ा हुआ था|
पापा मेरे बूब्स को दबाते मसलते रहे और फ़िर अपनें लंड को मेरे हाथों में पकड़ा कर मेरे निप्पल चूसनें लगे, एक हाथ से निप्पल मसल रहे थे|
मैं भी कामाग्नि से पगला रही थी, नीचे होकर पागलों की तरह पापा के मोटे लंड को चूसनें लगी|
पापा जोश में मेरे बूब्स को चूसनें में कोई भी कमी नहीं रख रहे थे, बीच बीच में वे मेरे निप्प्लों को दांतों से काटते तो मैं दर्द से चीख पड़ती|
मैंनें कहा:- पापा धीरे|

तो पापा बोले:- अब तू मुझे पापा ना कह… तू तो मेरी रानी बन गई है, अब तुझे वो मिलेगा जो तूनें सपनें में भी नहीं सोचा होगा|
मैं डर गई कि अब पापा क्या करनें वाले हैं|
पापा नें मेरा सिर वापिस अपनी टाँगों के मध्य घुसा दिया, मैं पापा के लंड को जो चूस रही थी तो उन्हें बहुत मजा आ रहा था|
फिर हम 69 की पोजीशन में आ गए और उन्होंनें अपनी उंगलियाँ मेरी चूत में डाली तो मेरा पानी बहनें लगा|

मैं खुश होकर उनका लंड आँखे बंद करके चूस रही थी|
पापा बहुत गंदी बातें बोल रहे थे:- आज तो तू मेरी रंडी बन गई|

मैंनें पापा को टोका:- ऐसा गन्दा मत बोलिए|
तो उन्होंनें कहा:- ऐसी बातों से तो चूत चुदाई का मज़ा दोगुना होता है|
वे मेरी चूत को बहुत जोर से चाट रहे थे, पूरे कमरे में ‘ओअह आह उह उम्म…’ की आवाज़ गूँज रही थी और ये आवाजें हम दोनों बाप बेटी की कामुकता बढ़ा रही थी|
मैं सच में आकाश में उड़ रही थी, मेरी चूत नें पापा के मुँह में अपना पानी छोड़ दिया और वे सारा चूत रस चाट गये|
अब उन्होंनें कहा:- बेटी, अब तुम्हें औरत बनानें का समय आ गया है|

पापा नें अपनें लंड पर कन्डोम चढ़ाया|
तब मैंनें उनसे पूछा:- पापा, क्या आपका पहले से प्लान था मुझे चोदनें का?

तब उन्होंनें कहा:- तुझे चोदनें का तो नहीं लेकिन मैं किसी भी दिन चोदे बिना नहीं रह सकता इसलिए कन्डोम हमेशा रखता हूँ|
तब पापा जो बोले वो सुन कर मैं हतप्रभ रह गई, लंड को मेरी चूत पर रखते हुए उन्होंनें कहा:- यार, तेरी सहेली आशा भी तेरी तरह बढ़िया सेक्सी माल है, एक दिन तेरे साथ में उसे भी चोदनें का प्रोग्राम रखें?
तब मुझे पता चला कि मेरे पापा तो हर किसी लड़की को चोदनें की नजर से ही देखते हैं|

पापा अपना लंड मेरी चूत में घुसानें लगे तो मैं दर्द से चीखी, तो पापा नें कस कर मेरा मुँह बन्द किया और मेरी चूची को दबानें लगे|
धीरे धीरे पापा का पूरा लंड मेरी चूत के अंदर चला गया|

अब उन्होनें जोर जोर से धक्के मारनें शुरू किए और करीब दस मिनट तक मेरी चूत चोदते रहे|

मैं दर्द के साथ मज़े ले रही थी और अपनें चूतड़ ऊपर उछाल उछाल कर कह रही थी:- फाड़ डालो मेरी चूत को पापा… अब मैं तुम्हारी हूँ, जो चाहो कर लो, अब मैं सब कुछ करूँगी|
और फिर पापा का ज़ोश धीमा पड़ गया, वे मेरे ऊपर लेट गये उनका लंड चूत में ही था|

दो मिनट आराम करके पापा नें फ़िर से मेरी चूत की चुदाई शुरु की तो मुझे परम आनन्द तक पहुँचा कर दम लिया|
इस तरह से मेरे अपनें पापा नें अपनी बेटी यानि मेरी चूत चुदाई का मजा लिया|

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