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“माँ की चूत और गाड़ दोनों की चुदाई की”

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम निकी हैं और आज मैं आप को बताऊंगा की कैसे मैंनें पहला ओरल सेक्स किया और कैसे ब्लेकमेल किया अपनी हॉट मामी को और फिर उसे चोदा भी| तो आप लोगों का ज्यादा समय न लेते हुए मैं आप लोगों को स्टोरी बताता हूँ| ये लम्बी स्टोरी हैं क्यूंकि मैंनें सब कुछ एकदम डिटेल में लिखा हुआ हैं|
मेरी मामी हैं जिनका नाम हैं मोहिनी गुप्ता और वो उम्र में ३२ साल की हैं और उनका रंग एकदम गोरा हैं| उनके मिसरमेंट्स 36-34-37 हैं और वो दिखनें में श्रुति हासन के जैसी हैं| ये बात कुछ २००७ से ही चालू हो गई थी जब मामी सिर्फ २४ साल की थी| मामा के घर वेकेशन के लिए मैं और माँ वहां गए थे! पापा के ऑफिस के काम की वजह से वो साथ में नहीं आये थे|

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हम जब वहां गए तो पता चला की मामा भी कुछ काम से दिल्ली गए हुए थे| मामा एक विक के लिए गए हुए थे और मामी घर पर अकेली ही थी|
मामा के गाँव में मेरे कुछ दोस्त थे जिनके साथ मेरी अच्छी बनती हैं! इसलिए मेरी माँ जब मामा के घर से मेरी एक मौसी के घर गई तो मैंनें कहा की मैं यही रुकुंगा| मामी नें भी माँ से कहा की इसे यही रहनें दो यहाँ दिल लगा हुआ है उसका| माँ मौसी के घर चली गई और शाम को मैं अपनें एक दोस्त मुकेश के साथ फुटबोल खेलनें चला गया| फुटबोल खेल के हम गंदे हो चुके थे कीचड़ मिटटी से| ऐसी हालत में ही घर को वापस लौटे|

मामी नें मुझे देख के कहा अरे ये क्या हाल बना के रखा हुआ हैं तुमनें! इतनें गंदे कैसे हो रहे हो| तो मैंनें उनसे कहा की फुटबोल खेलनें की वजह से तो उन्होंनें बोला की कोई बात नहीं मैं तुम्हे नहला देती हूँ| तो फिर मामी मेरे साथ बाथरूम में आ गई और मेरे कपडे उतारनें लगी| उस टाइम मामी नें येलो कलर की साडी पहन रखी थी| मेरे कपड़ो के बाद उन्होंनें खुद अपनी साडी भी उतार दी| अब उन्होंनें अपनें ब्लाउज और पेटीकोट में अपनें बदन का नज़ारा दिखाया मुझे| उनका लो-कट वाला ब्लाउज बड़ा ही हॉट था|
मामी को ऐसे देख के मैं थोडा शर्मा रहा था और मेरा लंड भी खड़ा हो गया| क्यूंकि मैंनें अंडरवेर पहन रखा था तो वो एक टेंट के जैसा हो गया था| ये देखकर मामी नें एक स्माइल किया और एक स्टूल पर बैठ गई| और फिर एक मग पानी मेरे पर डाल दिया| अब मामी अपनें हाथ से साबुन लगा के मेरी पूरी बोड़ी को झागवाली कर रही थी|
यह सब मेरे लिए एकदम नया था तो मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था| फिर मामी नें मेरे पैरो पर साबुन लगाया फिर मामी मेरा अंडरवेर उतारनें लगी| लेकिन मैंनें उन्हें मना कर दिया क्यूंकि मुझे शर्म आ रही थी| फिर उन्होंनें बोला की शर्मा नें की कोई बात नहीं हैं| फिर उन्होंनें मेरा अंडरवेर उतार ही दिया| फिर उन्होंनें अपनर हाथो में थोडा और साबुन लिया और मेरे लंड पर मलनें लगी| मुझे एकदम हॉट लग रहा था ये सब|
फिर मामी नें मुझे अपनें पास खिंचा और फिर अपनें राईट हेंड से मेरे लंड को सहला रही थी और अपना लेफ्ट हेंड मेरे बालो पर रखा और मेरे बालों को धीरे से खींचनें लगी| और फिर उन्होंनें अपना मुहं आगे किया पहले मेरे दोनों गालो को किस किया और फिर मुह होंठो के ऊपर भी समुच कर लिया| इस वक्त मेरी हार्ट बिट्स एकदम तेज हो चुकी थी| और फिर मामी नें किस करते करते हुए मेरे लंड को सहलाना चालू कर दिया| मुझे मस्त लग रहा था मामी का किस करना और साबुन से भीगे हुए लंड को सहलाना|
मामी नें मुझे पूछा की कैसा लगा तो मैंनें बोला की बहुत मज़ा आया| उसके बाद मामी नें शोवर चला दिया| मामी की ब्रा साफ़ दिख रही थी भीगनें के बाद| फिर मामी खड़ी हुई और मेरा सर पकड़ा और उसे अपनी नाभि पर रख दिया और बोली की मेरी नाभि को किस करो| तो मैं उनकी नाभि को किस करनें लगा तभी मामी नें मेरे दोनों हाथो को पकड़ा और उसे अपनी गांड पर रख दिया और मेरे हाथो से अपनी गांड को दबानें लगी| फिर मैं उस गांड को और भी जोर से दबानें लगा था तो मामी के मुहं से मोअनिंग चालु हो गई!! आह्ह्हह्ह येस्स्स्स आह्ह्ह्ह ऊईईइ अह्ह्ह्हह आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह!
फिर कुछ मिनिट्स के बाद हम बाथरूम से बहार आये| फिर उन्होंनें मुझसे कहा की ये बात किसी को मत बताना तो मैंनें कहा ठीक हैं| मामी नें निचे बैठ के मेरे होंठो पर फिर से किस दिया| फिर बाकि के दो दिनों तक ऐसा ही चलता रहा| पर मैंनें उन्हें पूरा नंगा नहीं देखा था और समुच और नावेल यानि की नाभि किस के आगे कुछ हुआ भी नहीं था|
कुछ मौका नहीं मिला चुदाई का और फिर माँ वापस आई तो मैं आगरा आ गया उसके साथ में| फिर मैं उनके घर पुरे ४ साल के बाद यानी की २०११ में गया| इस बिच में मैं मामी स मिला तो था लेकिन कुछ खास लम्बी बात नहीं हुई थी और कुछ और भी नहीं हुआ था| मामी नें मुझे अकेला देख के एकदम टाईट हग कर लिया| मेरा लंड तो एकदम टाईट था| मामी नें फिर मुझे होंठो पर चूम्मा दिया और मेरे लंड पर हाथ भी ले गई|
मैं पूछा:- मामा कहा हैं?
मामी:- वो बहार हैं एक घंटे में लौटेंगे|
मामी नें फिर मेरे लंड को एकदम कड़ा कर दिया और बोली! तुम बहुत बड़े हो गए हो और बाकि सब चीजें भी बड़ी हो चुकी हैं तुम्हारी|
मामी के मुहं से मेरे लंड की तारीफ़ को सुन के मुझे मस्त लगा| मैंनें उसके बूब्स को पकड़ के दबा दिया तो उसके मुहं से आह निकल पड़ी| मैंनें उसकी साडी में हाथ डाल के ब्लाउज के ऊपर से ही बूब्स मसल दिए| मामी नें कहा! चलो बेडरूम जाते हैं|
मामी के मुहं से यह सुन के मैं जान गया की आज तो चुदाई हो जायेगी इसकी| लेकिन मेरे मन में अभी भी वो ४ साल पहले के साबुन वाला मसाज था| मैंनें कहा! मामी चलो न बाथरूम में मुझे साबुन से खुश करो|
मामी हंस के बोली! तुझे अच्छा लगता था वो सब?
मैं बोला! मामी मुझे तो वो आज भी याद हैं|
मामी नें मेरा हाथ पकड़ लिया और वो मुझे बाथरूम में ले गई| फिर उसनें अपनी साडी खोली| अब की मैंनें फिर से उसके ब्लाउज को टच कर लिया| मामी नें कहा! बाकि के कपडे तुम उतार दो मेरे|
मैं खुश हो गया और मैंनें पेटीकोट और ब्रा को खोला| मामी के चुंचे एकदम काले थे और निपल्स एकदम चौड़ी चौड़ी| मामी नें अब सब कपडे साइड में फेंक दिए| मामी की चूत पर बहुत सब बाल थे! शायद वो झांट नहीं बनाती थी| मामी नें मेरे कपडे अपनें हाथ से खोले और बोली! नाभि चाटोगे मेरी?
मैं कुछ नहीं बोला और सीधे निचे झुक के सीधे ही मामी की नाभि में जबान घुसा दी| इस चौड़ी नाभि में जबान डाल के मैं उसे घुमानें लगा| मामी सिसकिया भर रही थी और मेरे माथे को पीछे से पकड़ के अपनी नाभि पर दबानें लगी| मामी की गांड पर हाथ रख के मैंनें अब नाभि में और भी जोर से उसे चाटना चालू कर दिया| फिर मैंनें मामी की चूत पर हाथ रख दिया और ऊँगल को घुमानें लगा| मामी के बालों को हटा के मैंनें कलाईटोरिस पर दबा दिया| मामी बोली! अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह आह्ह्हह्ह उईईइ बड़ा मस्त लगा अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह|
मैंनें धीरे से ऊँगली को चूत में घुसा दिया और मामी मरी जा रही थी| कुछ देर मैंनें ऐसे ही नाभि को चाटा और फिर मामी बोली! बस करो अब मैं तुम्हारे लिए कुछ करती हूँ|
मामी नें मुझे निचे बिठा दिया और वो मेरे घुटनों के बिच में आ गई| उसनें मेरे लंड को पकड़ के हिलाया और बोली! कभी किसी के मुहं में दिया हैं तुमनें?
मैंनें ना में सर हिलाया तो वो हंस के बोली:- आज मामी का मुहं चोदोंगे?
मैंनें जवाब नहीं दिया लेकिन सीधा उनके सर को पकड के अपनी लंड की तरफ कर दिया! मामी को जवाब मिल चूका था| उसनें मुहं को खोला और मेरे लंड को मुहं में ले लिया और उसे चूसनें लगी| मामी पुरे लौड़े को नहीं लेकिन सिर्फ सुपाडे को चूस रही थी| वो लंड को निचे की साइड से पकड़ के ऊपर के शीर्ष को चूस रही थी| मेरे तो तोते उड़े हुए थे| और मामी तो एकदम कस कस के लंड को चूस रही थी| मामी नें अब लंड को थोडा और अन्दर लिया और आधे लंड को चूसनें लगी| मामी नें आधे लंड को एक मिनिट ही चूसा और फिर पुरे लंड को अपनें मुह में डालनें लगी| मुझे इतना मज़ा आ रहा था की दुनिया के कोई शब्दों में मैं उसे लिख नहीं सकता हूँ| मामी अपनें मुहं से अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह हम्म्म्म की आवाजे निकालते हुए लंड को चुसे जा रही थी|
अब मैंनें मामी को हटा दिया क्यूंकि मुझे लगा की मैं वीर्य छोड़ दूंगा| मामी नें कहा! क्या हुआ?
तो मैंनें कहा:-अब मैं आप की चाटूंगा|
मामी अब मेरी जगह आ गई और मैं उसकी जगह| बाल से भरी हुई चूत में से मसकी स्मेल आ रही थी| लेकिन मैंनें फिर भी उसके अन्दर जबान घुसा के कलाईटोरिस यानि की चूत के दानें को चूस चूस के मामी को अन्दर से एकदम गिला कर दिया| मामी का पानी छुट पड़ा जिसे मैंनें पी लिया|
मामी नें कहा;-अब चोदो मुझे मेरे राजा मेरे से सब्र नहीं हो रहा|
मैंनें कहा! पहले लंड पर साबुन को लगाओ|
मामी नें मुझे निचे बिठाया और मेरे लौड़े पर अपनें हाथ से लक्स साबुन लगा दिया| मामी नें झाग वाले लंड को देख के संतोष के भाव से कहा! अब हो गाया न!
मामी को मैंनें अब वही घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी गांड को खोला| फिर मैंनें थोडा पानी और साबुन ले लिया और उसकी चूत और गांड पर झाग कर दिया| फिर मैंनें जब लंड को चूत पर रख दिया| मामी की चूत में लंड एकदम आराम से घुस गया साबुन की चिकनाहट की वजह से| मामी नें कहा! आह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह|
मैंनें गांड पकड के एक झटके से पुरे लंड को अन्दर उतारा! साबुन की वजह से चत की आवाज आई और पूरा लंड चूत में चपोचप बैठ गया| अब मैंनें अपनें हाथों को आगे किया और मामी के बूब्स पकड़ के चोदनें लगा| मामी को भी बड़ा मस्त लग रहा था और वो आह आह कर के अपनी गांड को हिला के चुदवा रही थी|
साबुन की वजह से चिकनाहट बहुत थी और मुझे भी अलग अनुभव मिल रहा था| कुछ देर मामी की चूत मार के मैंनें लंड निकाल के गांड में डालना चाहा| लेकिन वहां का साबुन सुख गया था| मैंनें नया झाग किया और फिर आराम से गांड में घुसेड दिया लंड को| मामी को भी गांड मरवानें की बहुत मज़ा आई और उसनें अपनें कुल्हे हिला हिला के लंड लिया मेरा|
दोस्तों जब मेरा वीर्य निकला तो मामी की गांड में ही निकाल दिया मैंनें| और जब मैंनें लंड को बहार निकाला तो गांड के अन्दर से वीर्य की बुँदे बहार टपक रही थी| इसे देख के बड़ा मस्त लग रहा था मुझे| मैंनें मामी से कहा! कैसा लगा मामी?
मामी नें अपनी गांड को अपनें पेटीकोट से साफ़ करते हुए कहा! मस्त लगा बेटा! मामा आयेंगे अब तेरे! चलो कपडे पहन लो|
मैंनें कहा:-चलो साथ में नहाते हैं पहले|
फिर मैंनें और मामी नें साथ में स्नान किया| नहाते हुए भी मैंनें अपना लंड मामी को चूसा दिया| और फिर कपड़े पहन के हम लोग बहार आ गए|

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