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“ममेरी बहन की कुँवारी चुत”

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मैं रवि जयपुर का रहना वाला हूँ| अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली चुदाई की सच्ची कहानी है|

मेरी उम्र 22 वर्ष! कद 5’9″! रंग गोरा! देखनें में स्मार्ट हूँ! ऐसा कई लड़कियों नें कहा है मुझसे! लंड 7″ का है|
इस कहानी की नायिका है मेरी ममेरी बहन राधा|
राधा एक मॉर्डन लड़की है! मेरे सबसे छोटे मामा की बड़ी बेटी! उम्र 19 साल! उसकी छोटी बहन का नाम दिव्या है! दोनों ही दिखनें में माल हैं! गोरी चिट्टी|

राधा का फिगर कमाल का है 34-28-32! उसके चूतड़ देखकर किसी के भी लंड की हालत खराब हो जाए|
बचपन से ही हमारी अच्छी बनती थी! जब भी मैं नानी के घर जाया करता था तो पूरा समय दोनों बहनों के साथ ही बिताता था|

हम साथ में खूब खेला करते थे|
बात कुछ समय पहले की है जब मैं अपनें गाँव से नानी के घर रहनें आया था! क्यूंकि मेरा यहाँ के इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन हो गया था|

मेरी नज़र शुरू से ही राधा पर थी| वो भी मुझे घूरा करती थी और लालच भरी हंसी दिया करती थी|

मुझे मन ही मन लगता था कि यह लड़की मुझसे जरूर चुद जाएगी|

वो सुबह-सुबह अपनें स्कूल चले जाती थी और मैं अपनें कॉलेज| हम रोज़ शाम को बैठकर टीवी देखा करते थे और बातें किया करते थे|

जल्दी ही हम काफी घुलमिल गये थे|

इतनें टाइम में मुझे यह तो पता चल गया था कि उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं है|

कई बार बातों बातों में मैं उसके मखमली बदन को छू लेता था! वो मेरा इरादा तो समझ रही थी! कोई विरोध नहीं करते थी! बस मुस्कुरा दिया करती थी|
दिव्या को भी इस बात की खबर लग गई थी कि हम दोनों के बीच कुछ चल रहा है| अब वो राधा को मेरा नाम लेकर चिढ़ानें लग गई थी|

मेरा नाम आते ही राधा का चेहरा लाल पड़ जाता था|

अब बस इंतज़ार एक ही बात का था कि कब मैं अपनें दिल की बात उससे कहूँ|
फिर एक दिन मौका देखकर मैंनें उसे कह ही दिया- राधा मैं तुम्हें बहुत पसंद करता हूँ|

उसनें उस समय तो कोई जवाब नहीं दिया! वहाँ से चली गई|

मैं काफी उदास हो गया! उसनें मुझसे दो दिन तक कोई बात नहीं की|

मैंनें सोचा कि इसे सॉरी बोल देता हूँ! कहीं यह किसी को बता न दे|
मैं उसके पास गया- राधा! उस दिन के लिए ‘आई ऍम सॉरी!’ पर प्लीज तुम मुझसे बात करना मत बंद करो यार!

वो बोली- मैं भी तुम्हें पसंद करती हूँ! पर ये सब गलत है| और तुम तो पापा को जानते ही हो! उनको पता चला तो वो हमारी जान ले लेंगे|
बात तो सही थी! मेरा मामा था भी जल्लाद| दोनों बहनों को बिना पूछे कहीं जानें नहीं देता था और उन पर कड़ी नज़र रखता|

मैंनें उसे फिर भी समझानें की कोशिश करी पर वो नहीं मानी|
ऐसे ही दिन बीत गए और हमारे बीच कुछ नहीं हो पाया|

फिर मेरा फर्स्ट इयर खत्म होनें के बाद मैंनें नानी का घर छोड़ दिया और शहर में एक पी|जी| में आकर रहनें लगा! कभी कभी नानी के घर चला जाया करता था|

अब राधा भी कॉलेज में आ गई थी तो उसे मामा नें एक नया एंड्राइड फ़ोन दिला दिया था|
एक दिन मैं मामा के आया हुआ था! तभी राधा मेरे पास आई और कहनें लगी की- देखना मेरे फ़ोन को क्या हो गया है! इसमें व्टस ऐप्प के कॉन्टेक्ट्स नहीं दिख रहे हैं|

क्यूंकि मैं काफी समय से फ़ोन पर व्टस ऐप्प चला रहा था तो मुझे पता था और मैंनें उसकी प्रॉब्लम हल कर दी|

फिर उसनें मुझसे मेरे नंबर मांगे जो मैंनें बड़े शौक से उसे दे दिए|
अब हमारी रोज़ बातचीत होनें लगी|

जब लड़की नए नए कॉलेज में जाती है और अपनी सभी दोस्तों के बॉयफ्रेंड देखती है तो उसका भी मन ललचा ही जाता है| यही हाल बस राधा का भी था! वो मुझे रोज़ अपनी सहेलियों के और उनके बॉय फ्रेंड्स के बारे में बतानें लगी|

मैंनें भी उससे पूछ लिया- तेरा मन नहीं करता क्या ये सब चीज़ें करनें का?

वो बोली -मन तो बहुत करता है पर किसी लड़के पर भरोसा नहीं है|

मैंनें कहा- मुझ पर भरोसा है?

वो- हाँ|

मैं- तो तू मुझे अपना बॉयफ्रेंड क्यों नहीं बना लेती?
इस बार वो थोड़ी न नुकर करनें के बाद आखिरकार मान ही गई क्योंकि खुजली उसे भी थी|

अब हम रोज़ फ़ोन पर प्यार की बातें करनें लगे| बस अब उसे रूम पे लाकर चोदना था| वो भी मेरे साथ रूम पर चलनें को राज़ी हो गई पर सेक्स करनें को उसनें पहले ही मना कर दिया था|

बस एक किस करनें का कहकर उसे में रूम पर ले आया! पर शायद उसे भी पता था कि मामला किस पर तो नहीं रुकेगा|
खैर! वो दिन आ ही गया जिसका मुझे बरसो से इंतज़ार था|

उसके कॉलेज से मैं उसे बाइक पर बैठा कर अपनें रूम ले आया! रास्ते में धीरे धीरे से ब्रेक मारनें लगा! जिससे उसके 34″ के बोबे मेरी पीठ से लगनें लगे|

मेरा लंड तो वहीं तन गया था! वो भी मुझ से चिपक कर बैठ गई|
रूम में पहुंच कर जैसे ही मैंनें दरवाज़ा बंद किया… मैं राधा की तरफ दौड़ा! मैंनें राधा को पीछे से पकड़ लिया! मेरा लंड उसकी जीन्स के ऊपर से ही उसकी गांड की दरार में फिट हो गया! छाती उसकी पीठ से एकदम चिपका हुआ! हाथ उसके पेट पर धीरे धीरे फेरनें लगा और पीछे से ही उसके कंधे और गले पर चुम्बन करनें लगा|
वो भी एकदम गर्म हो चुकी थी! उसकी सांसें तेज़ हो चुकी थी|

अब धीरे से में अपनें हाथ उसके बोबों तक ले गया और टॉप के ऊपर से ही उन्हें आहिस्ता से मसलनें लगा|

माहौल एकदम गर्म हो चुका था|
अब हम बिस्तर पर आकर बैठ गए|

राधा- रवि! मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ|

इतना कहते ही वो मेरा थोड़ा सा करीब आई| इस बार मैंनें थोड़ा धैर्य दिखाते हुए उसका हाथ पकड़ा|

क्यूंकि हम दोनों का यह पहला एक्सपीरियंस था तो मैंनें सोचा कि थोड़ा रोमांटिक तरीके से किया जाना चाहिए|

मैंनें उसकी आँखों में देख कर कहा- राधा! मैं भी तुमसे बहुत बहुत प्यार करता हूँ|

और उसके हाथों को चूमनें लगा|
धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए मैं उसके फेस तक आया और अब हम दोनों लिप-किस करनें लगे|

यह मेरा पहला चुम्बन था|| उसके गुलाबी होंठों को चूमनें में वो मज़ा आ रहा था… कि बता नहीं सकता! उन गुलाब की पंखुड़ियों का रस चूसनें लगा|

वो भी पूरा साथ दे रही थी|
मेरे हाथ उसके बदन को टटोलनें लगे| वो भी उत्तेजना में अपनें नाख़ून मेरी पीठ में चुभा रही थी|

उसकी इस हरकत से मुझे भी मजा आनें लगा! मैं उसे बेहताशा चूमनें और चूसनें लगा|
अब मैंनें उसका टॉप उतार दिया|| और ब्रा के ऊपर से ही उसके मस्त-मस्त सेब से बोबे दबानें लगा! वो धीरे से सिसकारियाँ लेनें लगी|
अब मैंनें उसकी ब्रा उतारी और उसके कबूतरों को आज़ाद कर दिया! उसके दोनों बोबे पर मैं टूट पड़ा! एक हाथ से उसके एक बोबे को मसल रहा था और दूसरा निप्पल अपनें मुँह में ठूंस रखा था|

अब वो जोर जोर से आवाज़ें निकालनें लगी और मेरा भी जोश बढ़ता गया- अहह||अह… खा जाओ इन्हें! ये तुम्हारे लिए ही संभाल कर रखे हैं|| आह्ह्ह|| और जोर से रवि||plz|| मैं बहुत दिनों से आज का इंतज़ार कर रही थी|
एक हाथ से बोबे दबाते हुए अब मैंनें दूसरे हाथ से उसकी जीन्स का बटन खोला और उसकी पैंटी के अन्दर हाथ डाल दिया|

वो झड़ चुकी थी और उसकी चूत एकदम गीली पड़ी थी|

यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
अब धीरे से उसके पेट को और नाभि को चूमते हुए मैं नीचे की ओर बढ़ा और एक ऊँगली उसकी चूत में डाल कर हिलानें लगा! चूत में ऊँगली जाते ही वो चिंहुक उठती|
अब मैंनें उसकी पैंटी को भी उसके बदन से अलग कर दिया! वो मेरे सामनें एकदम नंगी हो चुकी थी|

पहली बार किसी लड़की को पूरी नंगी देख रहा था असल ज़िन्दगी में|

उसकी चूत देखते ही मेरे होश उड़ गये! एकदम क्लीन और गुलाबी चूत थी उसकी जैसे आज ही साफ़ की हो|
मैंनें अपनी जीभ उसकी चूत की पंखुड़ियों पर रख दी और उसे चूसनें लगा|

उसकी सीत्कारें और बढ़ गई और मेरे लंड का हाल अब तक बहुत बुरा हो चुका था! एकदम फटनें को था|

करीब 5 मिनट की चुसाई के बाद मैंनें अपनी पैंट खोली और अपना लंड उसके हाथ में थमा दिया|
वो लंड देखते ही थोड़ा सा चौंक गई और उसके चेहरे पे हल्की से मुस्कान आ गई! हाथ में लेकर लंड से खेलनें लगी और खुद ही मुंह में ले लिया|

मुझे लगा था कि पहली बार है! लंड चुसानें के लिए मिन्नतें करनी पड़ेगी पर यह तो खुद ब खुद चालू हो गई|

खैर …

वो बड़े मजे से मेरा लंड चूस रहे थी और मैं तो जैसे जन्नत में चला गया था! अब आवाज़ निकालनें की बारी मेरी थी|

एकदम लॉलीपोप की तरह गपागप… गपागप लगी हुई थी|| मेरा माल निकलनें वाला था! पूरे जोश के साथ में उसके मुँह में झड़ गया|

उसनें माल फर्श पर थूक दिया|
अब हम एक दूसरे की बगल में लेट गये और फ़िर से चूमाचाटी करनें लगे! मैं उसके बोबे चूसनें लगा और वो मेरा लंड अपनें हाथ से हिलानें लगी|

थोड़ी ही देर में लंड फ़िर खड़ा हो गया|| अब हम चुदाई के लिए तैयार थे|

मैंनें देर न करते हुए उसकी टांगें चौड़ी की और उसकी चूत के मुहानें पर लंड का टोपा लगा कर अन्दर घुसानें लगा|

क्योंकि पहली बार था तो अनुभव तो था नहीं|| और ऊपर से उसकी चूत भी गीली थी! तो लंड बार बार फिसल रहा था|
फिर मैंनें लंड को हाथ से पकड़ कर जोर से एक धक्का लगाया और लंड उसकी चूत की सील को तोड़ता हुआ लगभग आधा अन्दर घुस गया|

वो जोर से चिल्ला उठी तो मैंनें अपनें होठों से उसके होंठ दबा दिए|

वो छटपटानें लगी! उसकी टांगें काँपनें लगी! आँखों से आंसू आ गये! खुद को मुझसे छुड़ानें की नाकाम कोशिश करनें लगी|
कुछ देर तक हम यूँ ही पड़े रहे| अब जब उसका दर्द कम हुआ तो उसनें अपनी पकड़ ढीली कर दी! मैं भी धीरे से हल्के हल्के धक्के लगानें लगा|

उसका दर्द अब सिसकारियों में बदल चुका था|

मैंनें भी अपनें धक्कों की स्पीड बढ़ा दी|| और जोर से उसके बोबे दबानें लगा और चूसनें लगा|

उसकी आवाज़ से मैं पागल होता जा रहा था और पूरे जोश से धड़ाधड़ धक्के मारनें लगा|
पूरे कमरे में हमारी आवाज़ें जोर से गूंजनें लगी! हम दोनों आनन्द के चरम पर पहुँच गये थे! एक दूसरे के अन्दर पूरा समा जाना चाहते थे! इस बीच वो एक बार फिर से झड़ चुकी थी|
अब मेरा भी 5 मिनट की और चुदाई के बाद अब मेरा भी निकलनें वाला था! मैंनें राधा को कस कर पकड़ लिया और जोर जोर से पूरे दम से धक्के मारनें लगा|| 8-10 धक्कों बाद मैं भी उसकी चूत में झड़ गया|

हम दोनों 15 मिनट तक यूँ ही लेटे रहे|
उस दिन मैंनें राधा को 3 बार चोदा| फिर नहानें के बाद वो जानें लगी! और जाते जाते एक लम्बा सा जोरदार किस दिया|

फिर मैं उसे घर के पास छोड़ आया

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