loading...

“भाभी की चुदाई पाप ने की”

Antarvasna sex stories, desi kahani, hindi sex stories, chudai ki kahani, sex kahani 

मेरा नाम विनय है| मैं भोपाल| मध्य प्रदेश का रहनें वाला हूँ| मैं दो भाई हूँ| मेरे बड़े भाई का नाम ओम है| कुछ दिनों से मेरे घर में प्रोपर्टी को लेकर बड़ा बवाल चल रहा था| मेरे बाप ओम को कुछ जादा ही चाहता है| उसनें कई प्रोपर्टी धीरे धीरे उसके नाम कर दी थी| मेरा बाप पता नही क्यों मुझे पसंद नही करता है| सुबह से शाम तक ओम का गुडगान करता रहता है| मेरे घर में दोनों भाइयों का बटवारा हो गया है| ओम मुझसे सिर्फ 1 साल का बड़ा है पर साला बहुत चालू इंसान है| मैं चापलूसी और तेलमालिश नही कर पाता हूँ| इसी मामले में ओम मुझसे आगे निकल जाता है| उसकी बीबी भी बड़ी चालू चीज है| बोलती तो बड़ा मीठा है पर असलियत में मेरे बाप के कानो में मेरी और मेरी बीबी की बुराई करती रहती है| दोनों मियां बीबी सब प्रोपर्टी हथियाना चाहते है| मुझे और मेरी बीबी दीक्षा को घर से निकलना चाहते है| उन दोनों नें मेरे बाप के कान भर भरके 2 बड़े प्लाट अपनें नाम करवा लिए|

मुझे बाप नें सिर्फ एक प्लाट दिया| मेरी तो झांटे सुलग गयी| अब मुझे कैसे भी करके अपनें बाप को अपनी साइड करना था| मैंनें इसके लिए प्लानिंग शुरू कर दी| मेरा बाप बहुत ठरकी आदमी था| चूत का आशिक था| बहुत रसिया आदमी था| उसकी कमजोरी सिर्फ औरत थी| ये बात मुझे अच्छे से पता थी| उधर मेरी बीबी भी बाप को पटानें की सोच रही थी| ओम और उसकी बीबी नें बाप जी पर ऐसा जादू कर दिया था की अब बटवारा होनें के बाद वो ओम के चौके में खाना खाते थे| जब मेरी बीबी बाप जी को खाना देती थी तो खाते ही नही थे और बहाना बनानें लग जाते थे| दीक्षा के हाथ की चाय पकोड़ी भी नही खाते थे| पर जब ओम की बीबी उमा कुछ लाकर दे देती थी तो खा लेते थे| मुझे तो ऐसा लग रहा था की ओम और उसकी बीबी नें मिलकर बाप जी पर कोई काला जादू कर दिया| हम पति पत्नी को डर था की कही दोनों हमे घर से बेदखल न कर दे|
“बोलो विनय! कैसे बाप जी को बस में किया जाए” एक दिन दीक्षा पूछनें लगी

“बस एक ही तरीका है| बाप जी को चूत पसंद है| तुम किसी तरह उनको अपनें रूप के जाल में फंसा लो बस” मैंनें उससे कहा

अब मेरी बीबी नें खूब सेक्सी पकड़े पहननें शुरू कर दिए| सुबह सुबह ही बाप जी के कमरे में झाड़ू लगानें पहुच जाती| गहरे ब्लाउस में फर्श पर झुक झुककर जब झाड़ू मारती तो बाप जी की तबियत हरी हो जाती| आँखे फाड़ फाडकर उसके ब्लाउस से दिखते सफ़ेद दूध को जब देखते तो उनके पजामे में लंड खड़ा हो जाता| फिर दीक्षा उनको चाय भी दे आती| अब वो पीठ खुला वाला ब्लाउस पहननें लगी जिसमे दीक्षा की सफ़ेद और चिकनी पीठ साफ़ साफ़ दिख जाती थी| धीरे धीरे मेरा बाप उसकी सम्मोहित होनें लगा| मैंनें दीक्षा से बोल दिया था की अगर वो किसी तरह मेरे बाप से चुदा ले तो काम बन जाएगा और फिर मुझे ओम के बराबर की प्रोपर्टी मिल जाएगी| अन्तर्वासना पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे है

जब सुबह के 9 बजे बाप जी अख़बार लेकर पढनें बैठते तो अब दीक्षा सामनें बनें बाथरूम में चली जाती और नहानें लग जाती| कई बार तो वो दरवाजा खोलकर नहानें लग जाती| उसके नंगे जिस्म की झलक बाप जी को मिलती तो उनका लंड खड़ा हो जाता| फिर अगली रात को आग दूसरी तरफ से लग गयी| रात के 9 बजे दीक्षा उनको खाना देनें गयी| इस बार भी उसनें ऐसा कसा और गहरा ब्लाउस पहना था की उसके आम साफ साफ दिख रहे थे| मेरी बाप की नियत डोल गयी|

“बहू! जाओ विनय को भेजो” बाप जी बोले

मैं गया|

“बेटा तेरी बहु बहुत सुंदर है| मैं उसकी बात समझ गया हूँ| मैं ओम को तुमसे जादा चाहते हूँ और मैंनें उसको 2 प्लाट दे दिए है| तुमको सिर्फ 1 ही दिया है| बेटा मुझसे गलती हुई है| मैं अपनी गलती को ठीक करना चाहता हूँ लेकिन—बोलकर वो चुप हो गये

“लेकिन क्या बाप जी??? आप जो कहेंगे हम दोनों करेंगे” मैंनें कहा

“बेटा ! दीक्षा की दिलवा दे” उन्होंनें साफ साफ़ कह दिया

“ठीक है बाप जी! रात में 12 बजे उसे लेकर आपके कमरे में आता हूँ” मैंनें कहा

मैंनें दीक्षा को खबर दे दी की अब मेरे बाप मुझे भी बराबर की प्रोपर्टी देना चाहते है| पर आज उसको उनसे चुदना होगा| ये सुनकर दीक्षा नें अच्छी सी साड़ी पहन ली| चेहरे पर खूब क्रीम पावडर लगा दिया| ओंठो पर उसनें लाल लिपस्टिक लगाई और काले लिप लाईनर से ओंठ सजा लिए| खूब तगड़ा मेकअप उसनें कर लिया| बिलकुल मॉल दिख रही थी| फिर बाथरूम में जाकर अपनी चूत की लम्बी लम्बी झांटो को बना लिया| बिलकुल चिकनी चूत कर ली| फिर जब घर में बाकी लोग सो गये तो धीरे से मैं अपनी बीबी दीक्षा को लेकर बाप जी के कमरे में आ गया|

loading...

“आओ आओ बहू| तुम्हारा ही इंतजार कर रहा था” मेरे बाप बोले

“विनय! आओ तुम भी मेरे साथ आओ| साथ में मजा करते है” मेरे बाप बोले

उन्होंनें मेरी बीबी को अपनें बिस्तर पर बिठा लिया और धीरे धीरे उसे बाहों में कस लिया| शुरू शुरू में दीक्षा संकोच कर रही थी पर आज उसे बुड्ढे को अपनें बस में करना ही था| लाल रंग की साड़ी में वो नई दुल्हन की तरह दिख रही थी| धीरे धीरे से मेरे चुदासे बाप से उसे बाहों में भर लिया और उसके गोरे गोरे गालो पर चुम्मा लेनें लगे| फिर उसके ब्लाउस के उपर हाथ रख दिया| आप लोगो को बताना भूल गया की मेरी बीबी दीक्षा नम्बर 1 क्वालिटी की माल थी| भरा हुआ गोरा जिस्म था उसका| 36 30 34 की जबरदस्त माल थी| दूध बड़े बड़े और गोल गोल बहुत सेक्सी थे| मेरी बीबी की चूत गुलाबी गुलाबी बहुत सेक्सी थी|

धीरे धीरे मेरे बाप नें दीक्षा को बिस्तर पर लिटा दिया और मुंह पर मुंह रखकर चुम्मा लेनें लगे| फिर दोनों ओंठ चुसाईं करनें लगे| बाप जी तो उसके हुस्न पर लट्टू थे| पर अब तो दीक्षा भी खूब मुंह चला चलाकर उनके ओंठ चूसनें लगी| जैसा वो ही उसके पति हो| मुझे ये सब देखकर थोड़ी जलन होनें लगी|

“बहू! तुम पटाखा माल हो| मस्त चोदनें लायक पटाखा हो” बाप जी बोले

“शुक्रिया पिताजी!” दीक्षा नें कहा

फिर वो उसके ब्लाउस के उपर हाथ रखकर दूध दबानें लगे| दीक्षा “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…”करनें लगी| कुछ देर तक मेरे बाप मजा लेते रहे| फिर दीक्षा के ब्लाउस की बटन खोलनें लगी| धीरे धीरे ब्लाउस उतार दिया|
नीली ब्रा में मेरी बीबी का गोरा बदन बहुत सेक्सी दिख रहा था| मेरे बाप का होश उड़ गया| उन्होंनें फिर से दीक्षा को बाहों में कस लिया और खूब चुम्मा लिया| खूब प्यार मुहब्बत की| अपनी औरत की तरह प्यार कर रहे थे| दीक्षा के सफ़ेद दुधिया कन्धो पर ब्रा की नीली नीली पट्टियाँ सुंदर दिख रही थी| बाप जी दीक्षा के कंधे पर किस करनें लगे| फिर दांत गडाकर चूसनें लगे| उसे सीनें से लगा लिया और सब जगह चुम्मा ले लिया| अन्तर्वासना पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे है

“बहू! अपनी ब्रा उतारो और अपनी भरी भरी छातियों के दर्शन करवा दो” मेरा चुदासा और ठरकी बाप बोला

“दर्शन तो मैं करवा दूँ पापा जी पर वो आवास विकास वाला प्लाट आपको मेरे नाम करना होगा| मैं आपको जन्नत की सैर करवा दूंगी” दीक्षा भी डील करनें लगी

“दिया! तुमको आवास विकास वाला बड़ा प्लाट दिया| कल ही तेरे नाम बैनामा करवा दूंगा| अब तो दर्शन करवा दो बहू!” बाप जी बोले

उसके बाद मेरी बीबी नें अपनी ब्रा के हुक खोल दिए और ब्रा हटा दी| उसके बड़े बड़े उफनते दूध देखकर मेरा चुदासा बाप जैसे पागल ही हो गया| वो दीक्षा पर टूट पड़ा और दूध को छूकर देखनें लगा| फिर जल्दी जल्दी दबानें लगा| दीक्षा “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….”करनें लगी| मैंनें देखा तो अपनी जींस की चेन खोल दी| लंड निकालकर मुठ मारनें लगा| मेरा बाप कुछ मिनटों तक सुंदर उफनती छातियों के दर्शन करता रहा| दीक्षा के बूब्स नये नये थे जैसे अभी अभी किसी फैक्ट्री में बनें हो| मेरा बाप मुंह में लेकर दूध को चूसनें लगा| चूं चूं की आवाज के साथ पी रहा था| दीक्षा को भी ऐश मिल रही थी| धीरे धीरे मेरे बाप से उसे नंगा कर दिया| उसकी साड़ी| पेटीकोट| और पेंटी भी उतार दी| अब मेरी बीबी पूरी तरह से नंगी थी|
 

“बहू! चलो घोड़ी बन जाओ| इसी तरह मुझे चुदाई में जादा मजा मिलता है” बाप जी बोले

“जैसी आज्ञा पापा जी!” दीक्षा नें कहा और जल्दी से घोड़ी बन गयी

अपनें सिर को उसनें बिस्तर पर रख दिया और अपनी गांड उपर उठा दी| उसके चूतड बेहद चिकनें| बड़े बड़े और सेक्सी थे| कितनें गोरे गोरे चूतड थे मेरी बीबी के| मेरे बाप नें अपना पजामा कुरता उतार दिया| फिर बनियान और कच्छा भी उतार दिया| उसका लंड धीरे धीरे खड़ा होकर 7” लम्बा और 2” मोटा हो गया| वो तो मेरी बीबी के भोसड़े को देखकर पागल ही हो गया| हाथो से पुट्ठो को छूनें और सहलानें लगा| चूत के पास नाक लगाकर भोसड़ा की खुशबू सूघनें लगा| फिर सफ़ेद चिकनें पुट्ठो को किस करनें लगा| दीक्षा वासना में “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….”कर रही थी| मेरा बाप उसके पुट्ठो को दांत से काट रहा था| खूब मजा ले रहा था| पी और चूस रहा था| दीक्षा घोड़ी बनी हुई थी| अन्तर्वासना पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे है
फिर मेरे ठरकी बाप नें पीछे से उसका भोसड़ा पीना शुरू कर दिया| रेगिस्तान में किसी प्यासे आदमी जैसी उसकी हालत थी| जैसे वो जन्मो का प्यासा था| मुंह और जीभ लगा लगाकर जल्दी जल्दी कुत्ते की तरह मेरी बीबी का भोसड़ा पी रहा था| फिर अपनें 7” लंड को हाथ से पकड़कर मेरे बाप नें दीक्षा की चुद्दी पर पीछे से रख दिया और धीरे धीरे अंदर धक्का देनें लगा| दीक्षा की चूत लंड की मोटाई से खुलनें लगी और कुछ देर में लौड़ा 6” अंदर घुस गया| दीक्षा “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..”करनें लगी| मेरे ठरकी बाप नें फिर से एक धक्का दिया और 7” पूरा अंदर घुस गया| फिर वो जल्दी जल्दी मेरे सामनें मेरी सेक्सी बीबी को चोदनें लगा| दीक्षा घोड़ी बनी रही| बाप जी सम्भोग करनें लगे| गचा गच पेल रहे थे| सट सट लंड चूत की गुफा में घुस रहा था| बाप जी ऐश कर रहे थे| मेरे सामनें जल्दी जल्दी मेरी बीबी को पेल रहे थे| आधे घंटे जल्दी जल्दी लंड अंदर बाहर करते रहे| फिर ढीले पड़नें लगे| लंड को चूत की गुफा से बाहर निकाल लिया| कुछ देर तक कुत्ते की तरह चूत पीछे से चाटते रहे| फिर लंड अंदर डाल दिया और 10 मिनट और दीक्षा को चोदा उसके बाद अंदर ही झड़ गये| रात में उसकी दो बार गांड भी मेरे बाप चोद ली| अगले दिन उसे लेकर कचहरी गये और आवास विकास वाला 30 लाख का प्लाट मेरी बीबी दीक्षा के नाम कर दिया|

loading...