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“भांजे ने मेरी प्यास बुझाकर मुझे गर्भवती किया”

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तो वह पहले तो डर गया था| फिर उसनें मुझसे कहा – मामी, आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो और मैं आपको प्यार करनें लगा हूं| इसलिए मामी मैं आपके साथ एक बार और केवल एक बार सेक्स करना चाहता हूं| प्लीज आप गुस्सा न हो और मुझे कर लेनें दो…

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार| मेरा नाम अर्चना सिंह है और मैं पटना की रहनें वाली हूं| दोस्तों मेरी उम्र 32 वर्ष है और मैं एक शादीशुदा औरत हूं| मैं अन्तर्वासना की नियमित पाठक हूं| दोस्तों अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है|

आज आप सभी के सामनें मैं अपनें जीवन की वह कहानी बतानें जा रही हूं जिसके बारे में मैंनें कभी कल्पना भी नहीं की थी| बात उस समय की है जब मेरे शादी को पांच साल हो गए थे| चूंकि मेरे पति शुरुआत से ही संभोग में जल्दी थक जाते थे और मेरी वासना अधूरी ही रह जाती थी| उनको सेक्स में बहुत ज्यादा रुचि नहीं थी| इसलिए शादी के पांच साल बाद भी हमारी कोई संतान नहीं थी| खैर मुझे अपनी ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं थी और मैं इन सब बातों को अपना नसीब समझ बैठी थी|

एक बार की बात है| मेरे पति के भांजे विक्की हमारे घर आये हुए थे| उनकी उम्र महज 20 वर्ष ही रही होगी| इस बार वह पहले की तुलना में मुझसे कुछ ज्यादा ही आकर्षित होनें लगे थे| वह अक्सर मुझसे बातें करनें के बहानें मेरे पास आ जाते थे| मैं उनकी इन बातों पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देती थी|

एक दिन मैं आंगन में नहा रही थी कि वह अचानक ही
आंगन में आ गए और मुझे नहाते देख कर घूरनें लगे| मैंनें जब उन्हें देखा तो उनसे पूछा – आपको कुछ चाहिए क्या विक्की?

तो उन्होंनें मुझे जवाब दिया – चाहिए तो बहुत कुछ मामी जी|

मैंनें कहा – क्या?

तो उन्होंनें कहा – जी पानी लेना था|

तो मैंनें उन्हें पानी दे दिया और उनसे वहां से जानें के लिए कहा तो वो चले गए| उस रात को मेरे पति काम के सिलसिले में बाहर जाना था| शाम को जब मेरे पति चले बाहर चले गए तो अब घर में बस हम दोनों ही थे|

जब रात हुई तो हम दोनों नें खाना खाया और उसके बाद बातें करनें लगे| हमनें काफी देर तक बातें की| उसके बाद फिर जब सोनें की बारी आई तो उसनें कहा कि मामी मैं यहीं सो जाऊं| मैं भी उसको मना नहीं कर पायी और फिर
हम दोनों वहीं पर साथ ही सो गए|

कुछ समय बाद जब मैं गहरी नींद में सो रही थी कि
अचानक ही मुझे लगा कि कोई मेरे बूब्स पर हाथ फेर रहा है| जब मैंनें आँख खोल कर देखा तो पाया कि वो कोई और नहीं विक्की ही था|

उसे देख कर मैंनें थोड़ा गुस्सा होते हुए उससे कहा – तुम ये क्या कर रहे हो?

तो वह पहले तो डर गया था| फिर उसनें मुझसे कहा – मामी, आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो और मैं आपको प्यार करनें लगा हूं| इसलिए मामी मैं आपके साथ एक बार और केवल एक बार सेक्स करना चाहता हूं| प्लीज आप गुस्सा न हो और मुझे कर लेनें दो|

मैंनें थोड़ा और गुस्सा दिखाते हुए कहा – तुम पागल हो गए हो क्या?

तो उसनें मुझसे कहा – मामी, बस एक बार प्लीज|

और फिर उसनें मेरे होठों पर अपनें होंठ रख दिए और मेरे होंठों को चूसनें लगा| मैंनें उसके इस काम का कोई विरोध नहीं किया और वो लगातार मेरे होंठों को चूसता गया| उसनें मेरे होंठों को इतना अच्छे से चूसा कि मुझ पर मदहोशी सी छानें लगी थी| अब मैं भी अपनें आप को रोक पानें में असमर्थ महसूस करनें लगी थी| तो अब मैं भी उसका साथ देनें लगी|

अब करीब 5 मिनट तक उसनें मेरे होंठों को चूसा तो अब जब मेरे बर्दाश्त के बाहर हो गया तो मैंनें उससे कहा – विक्की, अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है| अब बस मुझे जल्दी से चोद दो, नहीं तो इस वासना की आग में जल कर मैं मर जाऊंगी|

तब वो कुछ नहीं बोला और उसनें पहले एक – एक करके मेरे सारे कपड़ों को मेरे शरीर से अलग कर दिया और अब मैं बस ब्रा और पैंटी में ही रह गई| अब उसनें मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे मम्मों को मसलना शुरू कर दिया और फिर ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स को चूसनें लगा| उसके ऐसे चूसनें में मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था| फिर उसनें मेरी ब्रा और पैंटी को भी खींच कर खोल दिया और मेरे नंगे चूचों को चूसनें लगा| फिर उसनें अपनें सारे कपड़ें खोल दिए और सीधे अपना सात इंच का लंड निकाला| मैं तो उसके लंड का साइज देख कर खुश हो गई|

फिर उसनें अपनें लंड को मेरी चूत पर रख कर सेट किया और एक ही झटके में अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया| इतना मस्त लंड पाकर मैं तो खुशी से एक दम झूम उठी| क्योंकि इसके पहले मैं कभी भी अपनें चूत में लन्ड लेकर इतना आनन्दित नहीं हुई थी|

फिर वह अपनें लंड को मेरी चूत में ही आगे – पीछे करनें लगा| अब मैं तो जन्नत की सैर कर रही थी| सेक्स में इतना आनंद आज तक मुझे कभी नहीं मिला था| अब मेरी चूत पानी छोड़नें ही वाली थी कि उसनें भी मुझसे कहा – मामी, अब मैं झड़नें वाला हूं| बोलो कहाँ निकालूं?

यह सुन कर अब मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा और मैंनें कहा – मेरी चूत में ही निकाल दो|

उसनें भी वही किया और उसके वीर्य की गर्मी पाकर मेरी चूत नें भी अपना पानी छोड़ दिया| इस तरह मेरी चूत की गर्मी भी शांत हो गई|

कुछ दिन बाद जब मुझे पता चला कि मैं प्रेग्नेंंट हो गई हूं तो मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा| जब मेरा बच्चा हुआ तो मैंनें विक्की को फोन कर के बता दिया कि यह बच्चा उसी का है| इस खबर को सुन कर वह भी खुश हो गया|

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