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"भतीजी की चुदाई,फूफा बने कसाई"

​हाय दोस्तो

मेरा नाम लवलीहै!

यह उन दिनों की बात है… जब मेरी उम्र केवल 14 साल की थी, मैं उस वक्त 8वी में थी!

मेरे पापा काफ़ी बीमार थे तो हमें आर्थिक दिक्कतें थीं… मेरे परिवार ने पापा के इलाज़ और दूसरी ज़रूरतों के लिए फूफा जी से पैसे उधार लिए! फिर बहुत इलाज़ के बाद भी पापा की मृत्यु हो गई!
मेरे पापा की मृत्यु के बाद हम लोग बिल्कुल बेसहारा हो गए थे! अब हमें फूफा जी के पैसे भी चुकाने थे… जो हमने उधार लिए थे! लेकिन हमारे पास पैसे नहीं थे! कई बार फूफा जी पैसों के लिए दबाव डालते थे कि मेरे पैसे लौटा दो… लेकिन हम दे नहीं पाते थे!
एक बार छुट्टी में मैं बुआ जी के घर रहने गई! जब मैं उनके घर पर कम कर रही होती… तो फूफा जी मेरे झुके होने की अवस्था में मेरे मम्मों को देखते… जो कि अभी नीबू के साइज़ थे! कई बार मैं बाथरूम से नहा कर निकलती तो वो मुझे बाथरूम के बाहर ही मिलते, मतलब उन्होंने मुझे नहाते समय भी देखते थे!

मैं बता दूँ कि मेरे फूफा जी की उम्र 56 साल है… और वो एक आर्मी से रिटायर्ड हैं! उनके पूरे परिचय के लिए लिख रही हूँ कि सामान्यतः तो उनके लौड़े का माप लगभग 6 इंच का होता है… लेकिन चुदाई के वक्त वो खड़ा होकर पूरा 8 से 8.5 इंच का हो जाता है!
एक दिन मैंने मम्मी को पैसे के बारे में बात करते सुन लिया… तो मैंने इस बारे में मम्मी से पूछा! मम्मी ने मुझे बताया कि हमने उनसे बहुत पैसे उधार ले रखे हैं… तो अब हम कैसे इनके पैसे चुकाएँ… समझ ही नहीं आ रहा है!
एक दिन फूफा जी ने ज़िद की और हमें धमकाया कि यदि हम लोग उनके पैसे नहीं देंगे तो वो हमारे घर पर कब्जा कर लेंगे!

मैंने इस बारे में फूफा जी से बात की और उनसे पूछा- ये पैसे का क्या मामला है?

तो उन्होंने सब कुछ बता दिया!


मैंने उनसे कहा- जब मेरी जॉब लग जाएगी… तो मैं आपका पैसा चुका दूँगी!

उसी वक्त उन्होंने मुझ से अपनी मन की बात कही- तुम लोगों को कोई पैसा नहीं चुकाना होगा… यदि तुम मेरी एक शर्त मान लो!


और वो शर्त थी कि एक रात मैं उनके साथ बाद चुदाई करूँ!
मैं घबरा गई, मुझे बहुत डर लगा… मानो मेरे जिस्म में चींटियाँ सी रेंगने लगी हों!

मैं चुपचाप उस समय वहाँ से चली गई… लेकिन मैं दो दिन तक सोचती रही और फिर मैंने मम्मी को परेशान देखा… तो फैसला किया कि मैं फ़ूफ़ा जी यह शर्त स्वीकार करूँगी!
मैंने तीसरे दिन फूफा जी को दबी आवाज़ में ‘हाँ’ कर दी!

उन्होंने कहा- आज रात फिर तुम रेडी रहना!
दोस्तो, उस वक्त मैं एक सील पैक माल थी! मुझे अजीब सा डर लगने लगा… उस दिन घर के सब लोग मेरी बुआ की जेठानी की रिश्तेदारी की शादी में गए थे!
केवल मैं और फूफा जी ही घर पर अकेले थे! फूफा जी ने मुझे शाम को करीब 4 बजे एक पार्लर भेजा! जहाँ मेरा पूरा मेकअप हुआ… मेरी चूत के बाल भी साफ कर दिए गए और मुझे मॉडर्न ड्रेस पहनाई गई! ब्लैक ब्रा और पैन्टी और ब्लैक कलर के छोटे-छोटे कपड़े मुझे पहनने पड़े!
फिर फूफा जी मुझे वहाँ से करीब 2 घन्टे बाद घर ले आए… जहाँ आज मेरी चुदाई होनी थी… मुझे रौंद कर कली से फूल बनाया जाना था!
फूफा जी ने मुझे बेडरूम में बैठाया! थोड़ी देर बाद वो आए और उन्होंने मेरे सामने ही एक काम क्षमता बढ़ाने वाला कैप्सूल ले लिया! फिर जाकर शराब की बोतल ले आए और वीडियो प्लेयर पर इंग्लिश की एक ब्लू-फिल्म लगा दी!
फिर हमने दोनों ने ब्लू-फिल्म देखी और उन्होंने शराब पी! फिर पता नहीं उन्हें क्या हुआ… वीसीडी प्लेयर बंद किया और कहा- चल साली… आज तुझे रंडी बनाता हूँ…
उन्होंने मेरे सारे कपड़े बारी-बारी से उतार फेंके और अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया! काफ़ी देर तक उन्होंने मुझे लौड़ा चुसाया और मेरे मुँह में ही धक्के मारने लगे!

मैं अब समझ चुकी थी कि आज रात मैं मरूँगी!

उसके बाद उन्होंने मेरे मम्मों मुँह में लिए और काटने लगे!
आआआहह… छोड़ दो… फूफा जी… लग रही है…’

मैंने मिन्नतें की… लेकिन उन्होंने मुझे गाली देना शुरू कर दी और ज़ोर-ज़ोर से मुझे भंभोड़ते हुए अपनी उंगली को मेरी चूत में डाल दी! मैं दर्द से तड़फ रही थी!


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‘आआ… ऊहह…’

आज मैं वास्तव में एक रंडी बनने वाली थी! मेरे सामने उनका 8.5 इंच का तमतमाता हुआ मूसल लंड था!
इसके बाद वो मेरी चूत चाटने लगे! अब मुझे मज़ा भी आ रहा था और दर्द भी हो रहा था… क्योंकि वो काट भी रहे थे! वो मेरी चूत का लाल वाला दाना अपने होंठों से पकड़ कर खींचते हुए चूस रहे थे, साथ ही मेरी चूत में उंगली भी करते जा रहे थे!
जैसा कि मैंने बताया कि मैं एक सील पैक माल थी… तो मुझे काफ़ी दर्द हो रहा था! पर उन्होंने अपनी हवस के चलते मेरी एक ना सुनी!

काफ़ी देर के बाद जब मेरी चूत पानी छोड़ने लगी… तो वो समझ गए कि अब मुझे चोदना ठीक रहेगा!
उन्होंने अपने लंड का सुपारा मेरी चूत पर रखा… और एक ज़ोर का धक्का मारा! उनका मूसल लंड चूत को चीरता हुआ अन्दर घुसता चला गया!

मैं चिल्लाई- आईईई… माँ… मर… गई… उइईई…

मुझे ऐसा लगा कि मानो किसी ने मुझे मार दिया हो, मैं उनसे छोड़ने की गुहार लगाती रही- मुझे जाने दो… मत करो…
लेकिन उन्होंने मेरी एक ना सुनी और मेरे ऊपर चढ़कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगे!

मैं तड़प रही थी… आँखों से आँसू आ रहे थे… लेकिन वो कहाँ मानने वाले थे!
करीब 20-30 धक्कों के बाद वो मेरे अन्दर ही झड़ गए और थोड़ी देर बाद उठे! मैं चौड़ी टांगें किए हुए ऐसे ही पड़ी रही! थोड़ी देर बाद जब मैं उठी… तो देखा मेरी चूत से लाल और सफ़ेद सा कुछ आ रहा था और उस जगह सारी चादर खून से लाल थी!

मैं हिम्मत करके उठी और टॉयलेट गई!


मैं जैसे ही टॉयलेट से बाहर आई… फूफा जी मुझे ठोकने के लिए फिर तैयार बैठे थे!
वो मेरे पास आए और मुझे बिस्तर के किनारे डॉगी स्टाइल में खड़ा किया! मैं कुतिया बन गई और उन्होंने अपना फनफनाता लवड़ा मेरे अन्दर फिर से पेल दिया!

मैं फिर से चिल्लाई और तड़पने लगी!
उन्होंने लौड़ा मेरी चूत की जड़ में घुसेड़ दिया और फिर से हचक कर धक्के मारने शुरू कर दिए! इस बार वो मुझे चोदते समय गाली भी दे रहे थे- साली रण्डी तेरी तो माँ की चूत… बहन की लौड़ी… ले…
उन्होंने करीब 20 मिनट तक मुझे ऐसे ही चोदा… अबकी बार की चुदाई में मुझे भी मजा सा आने लगा था…
फिर वो वहाँ से हटे और खुद बिस्तर पर लेट गए और मुझे अपने ऊपर आने को कहा!

मैं अपने चूतड़ों को हिलाते हुए उनके ऊपर आ गई!

उन्होंने कहा- चल साली… चढ़ जा मेरे लौड़े पर… अब तू खुद धक्के लगा!
मैं खुद ही उनके लौड़े को चूत में चबा कर धक्के लगाने लगी! मुझे अब हल्का दर्द हो रहा था, उनका लौड़ा बहुत बड़ा था और मेरी छोटी सी चूत…

फिर उन्होंने मुझे पकड़ कर धक्के मारे, उनका लवड़ा अन्दर तक हमला कर रहा था… मैं चिल्ला रही थी… पर वो कहाँ सुनने वाले थे! वो तो बस मुझे ठोके जा रहे थे!
थोड़ी देर बाद फूफा जी झड़ गए!

अब मैं तो मर सी चुकी थी… उनका भी दम निकल गया था!
इस चुदाई में सुबह के 5 बज चुके थे! हम दोनों ऐसे ही नंगे सो गए! सुबह करीब 9 बजे आँख खुली… तो मैंने अपने को पूरा नंगी पाया! मैं जल्दी से उठी और बाथरूम गई… सब कुछ साफ किया मेरी चूत सूज कर मोटी ब्रेड जैसे हो चुकी थी… जैसे-तैसे मैंने सूसू की और नहाने के बाद मैंने चाय बनाई और खुद पी और फूफा जी को भी पिलाई!
मेरा कर्जा तो माफ़ हो गया था… पर मेरी चूत की सील तोड़ चुदाई ऐसे हुई थी… अब आप लोगों को मजा आया हो या जो भी लगा हो… मैंने सब कुछ आपके सामने लिख दिया है!

 पर मेरी हुई थी चुदाई और फूफा बन गए थे कसाई !

आपकी नेहा

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