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“बेटे ने मेरी चुत की गर्मी सांत की”

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मेरा नाम नसीम है मैं सहारनपुर की रहनें वाली हू| मेरी उम्र ३८ साल है मेरे हस्बैंड की डेथ ३ साल पहले हुई थी| मेरी दो बेटियां और एक बेटा है| बेटे का नाम मेराज हैं| १८ साल| बेटी नूरिया १० साल और बेटी सबनम ८ साल है|
मेरे हस्बैंड की डेट के बाद में ही उनका कपड़े का काम संभालनें लगी| कामकाज इतना था कि बच्चों की परवरिश आराम से हो रही थी| तभी कुछ ऐसा होना शुरू हुआ कि मेरी जिंदगी बदल गई|

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मेरा बेटा मेराज अब बड़ा हो रहा था| मेरे तीन बच्चे बड़े शांत रहनें वाले हैं अपनें काम से काम रखते हैं| एक दिन मेराज सुबह उठा स्कूल जानें के लिए तो मेरे पास परेशान सा  मुह लेकर आया और अपनें पजामे की तरफ हाथ करते हुए बोला मम्मी पता नहीं है यह क्या हुआ?
मैंनें देखा तो उसका पजामा चिपचिपा हुआ पड़ा था| वह बोला यह क्या है? मैं समझ गई इस उमर में नाइट फोल होता है| वही हुआ है| ऊपर से उसका लिंग अभी भी खड़ा था मैंनें उसे कहा कुछ नहीं है| तुम नहा लो होता है यह इस उम्र में लड़कों को|| वह चला गया नहानें|
 

कुछ दिन बाद मेराज की तबीयत सही नहीं थी| वह सर दर्द की शिकायत कर रहा था मैं उसे डॉक्टर के पास ले गई तो डॉक्टर नें चेक किया सब और बताया कि इसका बिपि  थोड़ा बढ़ गया है और बोला इस उम्र में लड़कों में कुछ बॉडी चेंज होते हैं उसको थोड़ा रिलीज करनें को बोलो|
मेराज नहीं समझा मैं समझ गयी कि डॉक्टर हस्तमैथुन की बात कर रहैं हैं| आमतौर पर लड़के खुद ही फ्रेंड सर्कल में यह सब सीख लेते हैं| पर इसको दो फ्रेंड दो थे वह भी सीधे साधे||
हम घर पहुंचे| दोनों बेटी स्कूल में थी| मैंनें मेराज को अपनें कमरे में बुलाया और सोचनें लगी इसको कैसे समझाऊं| फिर मैंनें उसे बोला बेटा हमारी बॉडी की कुछ जरूरत होती है जो उम्र के साथ करनी होती है| उनमें से एक चीज़ है हस्तमैथुन|
वह क्या होता है? तो मैंनें कहा तुम्हारा जो टॉयलेट ऑर्गन है उसको कहते हैं पेनिस और जब इसे सहलाते रहते हैं तो उसमें से एक गाढा पानी निकलता है उसके निकलनें से रिलेक्स मिलता है|
तुम अपनें पेनिस को हाथ में पकड़ना और सहलाना| और आगे-पीछे करना मैंनें उसे अपनी ऊँगली पर करके दिखाया|
जाओ अब अपनें रूम में और करो|
वह उठ कर चला गया मैं बेड पर लेट गई| मैं कभी कभी वाइन पीती थी तो मैंनें दो पेग लगा दिया और थोड़ा नशा हुआ तो मुझे नींद आनें लगी| तभी मेराज नें आवाज दिया मम्मी मम्मी|| मैं चौक कर उठी|
वह बोला नहीं हो रहा| नहीं हो रहा|| मैं समझ गई की उसका नहीं निकला||
अभी क्या करती मे? यह सब सुनकर थोड़ी गरम भी हो गई थी| कि अपनें ही बेटे को मुठ मारना सिखा रही हु| मैं अपनें पति से बिछड़नें के बाद लोगों से चुदवाती थी पर अपनें बेटे के लिए ऐसी फिलिंग नहीं थी|
मैंनें उसे बोला पजामा नीचे करो उसनें कर दिया अंडर वियर भी| उसका लंड पूरा बढ़ा नहीं था पर अभी भी गोरा था और लगभग ३|३ इंच का था और मोटा भी था| मेरे शरीर में करंट दौड़ गया| मैंनें उसका लंड हाथ में लिया और सहलाया| मुझे उम्मीद थी कि मेरे हाथ लगते ही वह खड़ा हो जाएगा| और ऐसा नहीं हुआ मैं उसके हलके लंड को हिलाती और उसकी गोटियां पकड़ती| तो वो मुस्कुराता और शरमाता और उसका खड़ा नहीं हो रहा था|
मैंनें उसे उसके सारे कपड़े उतार कर बेड पर लेटनें को बोला| उसनें ऐसा ही किया| मैन्नें रुम की लाइट ऑफ कर दी और उसको बेड पर लेटा दिया| वह नंगा लेटा था| अंधेरा था कुछ दिख नहीं रहा था| मैंनें उसके बदन पर हाथ फेरा और लंड पकड़ कर सहलानें लगी|
मैंनें उसके सीनें पर अपनें होठों से काटना शुरु किया| वह मम्मी मम्मी कर रहा था| फिर मैंनें उसके होठों को अपनें होठ रखे और उसे चूसनें लगी|| वाह क्या एहसास था? उसके जिस्म की गर्मी अब उसके लंड तक पहुंची और लंड खड़ा हो गया||
मैं तेजि से उसका लंड ऊपर नीचे कर रही थी और वह भी अपनी गांड ऊपर नीचे कर रहा था| कमरे में बस अहः उऔ ये अम्म्म उऔउ ई मेराज की आवाज आ रही थी| तभी उसका एक हाथ मेरे सीनें पर आ गया और वह मेरी चूची दबानें लगा| मैंनें अंदर ब्रा नहीं पहनी थी मुझे भी पूरा मजा आ रहा था|
अंधेरा का फायदा उठाते हुए मैंनें भी अपनी नाइटी ऊपर की और एक हाथ से चूत सहलानें लगी| मैं बयान नहीं कर सकती क्या एहसास था| तो मैं और मेराज पूरे मजे में थे| हमें एहसास भी नहीं हुआ की आधे घंटे तक यह प्रोग्राम चला और मेराज का शरीर अकड़नें लगा| उसनें एक जोर की आआह ली और अम्मी कहते हुए मेरे चुचे पकड़ लिया और उसका गर्म माल छूटनें लगा| और मेरा हाथ पूरा भर गया| और मैं भी झड़ गई थी|
मैंनें उसके लंड से हाथ हटाया और हाथ धोनें बाथरुम की और गई| जाते ही मेरे मन में आया एक बार अपनें बेटे का माल चख कर देखती हूं| मैंनें अपना हाथ चाटा मेरे बदन में उसकी खुशबू अंदर तक चली गई| मैं बाथरुम में पहुंची और दरवाजा बंद करके अपनी नाइटी ऊपर करके टॉयलेट सीट पर बैठ गई| और अपना वीर्य से भरा हाथ चाटनें लगी|
फिर मैंनें चूत में एक बार और उंगली करी| यह करके में चुपचाप रूम में गई और मेराज को बोला जाओ और बाथरूम में खुद को साफ करो| उसनें ऐसा ही किया| मैं लेट गई और सोचनें लगी जो हुआ मेरे दिमाग में आया| जो लंड हाथ में आधे घंटे में जड़ा अगर वह चूत में आधा घंटा चले तो मजा आ जाएगा|
कोई भी चुदी हुई औरत समझ सकती है कि टीनएजर लड़कों का स्टैमिना अच्छा होता है| उसकी मुठ मारनें के बाद तो मेरा दिमाग ही खराब हो गया था| उसके पास वह सब था जिसकी मुझे जरुरत है|
पर अगर यह हो जाता तो पता नहीं हमारा फ्यूचर क्या होता? यही सोच कर मैं डर गई|
अगले दिन हम अपनें अपनें रूटीन में थे| रात को साथ में डिनर किया और मैं अपनें रूम में और मेराज अपनें रूम में था| मुझे चुदाई का बड़ा जबरदस्त मन कर रहा था और मेराज की मुठ मारनें के बाद बस उसका ही लंड याद आ रहा था| पर आगे बढ़नें की हिम्मत नहीं थी मेरी| क्योंकि इस रिलेशन का कुछ एंड नहीं था|
मैं अपनें बिस्तर से उठी इधर उधर टहलनें लगी फिर अपना लैपटॉप निकाला और पॉर्न मूवी देखनें लगी| मैंनें अपनें सारे कपड़े उतार के मूवी देख रही थी| ४०-४५ के आसपास की लेडी को १८ साल का लड़का चोद रहा था| मैं मूवी देखती गई और मेरे दिमाग में हैवानियत चढ़ गई|
मेराज मेरे बराबर वाले कमरे में था| मैंनें उसे उसके मोबाइल पर कॉल किया रात के ११:३० बजे थे| उसनें एक बेल पर फोन उठाया| मतलब वह जाग रहा था| मैंनें पूछा कि क्या तुम जाग रहैं हो? वह बोला हां नींद नहीं आ रही है अम्मी| गर्मी लग रही है काफी|| मैंनें उसे बोला मेरे रूम में आओ तुमको ठंडा कर दू|
यह कहकर फोन काट दिया| वह ५ मिनट बाद मेरे कमरे में आया और केवल अंडरवीयर में था| मेरे कमरे में अंधेरा था और मैं चादर में थी| वह आकर लेट गया मैंनें उसे पूछा कल रात कैसा लगा? वह बोला बहुत अच्छा लगा| क्या आप आज भी मेरी हैंल्प करोगी?
मैंनें उसका हाथ पकड़ा और अपनें चूचो पर रख दिया| वह उन्हैंं हल्के हल्के सहलानें लगा और बेड पर लेटे हुए अपनें मुंह चूचो पर रखनें लगा| मैंनें अपनी निप्पल उसके मुंह में डाल दिया| वह बड़े मजे से चूस रहा था और मैं सातवे आसमान की थी| मैंनें उस का मुह को पकड़ा और अपनें होठों पर उसके होठों रखे और हम चूसनें लगे| वह पूरा मेरे ऊपर लेट चुका था||
उसका लंड खड़ा हो कर मेरी चूत पर टक्कर मार रहा था| और हमारे चूसनें से छप छप की आवाज़ आ रही थी कमरे में|| मैंनें उसे रोका और मेरी चूत चाटनें को कहा| मैं खुल के मजे लेना चाहती थी| मैं भूल गई थी कि वह मेरी ही औलाद है| बस मतलब था चुदास से| मैंनें चादर फेक दी साइड में और लेम्प ओन करके रोशनी कर दी| मैं देखना चाहती थी अपनी चुदाई|
वह मेरी टांगों के बीच आया और मैन्नें अपनें हाथों से अपनें चुत सहलाते हुए कहा इस को चाट अपनी जीभ से और चाटो अच्छे से उसनें एक पालतू की तरह वही किया|
वाहहह क्या गर्मी थी उसके मुंह में|| में १० मिनिट तक युही चुसवाती रही और मेरा पानी निकल निकल कर उसके मुंह में जा रहा था| पर वह भी चाटनें में मस्त था एकदम||
मैंनें उसे रोका और उसे अंडरवियर उतारनें को कहा| उसनें ऐसा ही किया और मैंनें उसको अपनें मुंह में डालनें का इशारा किया| वह मुस्कुराया और अपना ६ इंच का लंड देकर मेरे पास आ गया और मैंनें मुंह खोलकर लंड मुंह में ले लिया और उसका लंड चूसनें लगी|
वह बस लंड डाल कर खड़ा हुआ था मेरे को और बोला अरे मेरे मुंह में धक्के मारो| उसनें वही किया अब मेरे मुह की मस्त चुदाई हो रही थी और वह साथ में चुचे भी दबा रहा था और अब आनें लगा था और मर्दों के तोर तरीके पर||
मेरी चूत बिल्कुल बेड के किनारे पे थी और मैंनें मेराज को बेड के कोनें पर आनें को बोला| मैंनें अपनी टांगे हवा में उठा ली और चूत का छेद पूरा खोल दिया और उसे कहा मेराज यहां पर डालो| और पास रखे अपनें मोबाइल पर एक चूदाई वीडियो लगाया जिसमें चूत में लंड डालकर धक्के लगा रहैं थे|
वह वीडियो चलाकर साइड में रख दिया| उसनें वीडियो देखा और ऐसा ही किया| पर उसके लंड के हिसाब से चूत टाइट थी| मैंनें अपनें हाथ पर थूक डालकर उसके लंड पर लगाया|
फिर उसनें डाला| वह भी सयाना था| अपना थूक निकालकर भी उसनें लंड पर लगाया और लंड अंदर गया| क्या बताओ क्या मजा आया| फिर उसनें ५-६ धीरे धीरे लगाये और फिर अपनी स्पीड बढ़ा दी| में तो सातवें आसमान में थी|  कमरे में अहह उऔ उह हहह ईई की आवाज आ रही थी मैंनें| उसे कहा और चोद साले कुत्ते बहन के लौडे मादरचोद और जोर से|
उसनें मुझे १० मिनट ऐसे ही चोदा| फिर मैंनें उसे रोका और उठकर घोड़ी बन गई और कहा कि मेरे पीछे से डाल| उसनें वैसे ही किया एक दो बार की ट्रायल से लंड चला गया| उसका लंड लंबा था तो बड़ी अच्छी तरीके से अंदर गया| छोटे लंड वाले समझते होगे की घोड़ी बना कर लेना बड़ा मुश्किल होता है|
फिर उसनें ऐसे ही मुझे चोदा| मेरी गांड पकड़ी और झटके पर झटके मारता गया|
मैं झड़ चुकी थी और उस की पकड़ से छुटना चाहती थी| पर वह अब मुझे छोड़ नहीं रहा था| मैं बस आह्ह्ह उऔउ फह कर रही थी| प्लीज यार पर वो नहीं माना| उसनें बुरी हालत खराब कर दी| और फिर वह चढ़ गया| और उसका वीर्य मेरी चूत से बाहर आ रहा था|
सच बताऊं तो टीनएज बॉय के स्टैमिना का जवाब नहीं होता|
उसनें लगभग २५ मिनट चोदा| इतना किसी नें नहीं चोदा आज तक मुझे|| एक चूत की चुदाई औरत समझ सकती है कि इतनें में क्या सुख मिलेगा||
उसके बाद वह लेट गया और मैं भी| कमीना फिर भी मेरा दूध चूस रहा था|
फिर मैं उठी और बाथरूम में खुद को साफ किया| और हम सो गए सुबह ५  बजे के करीब उसनें फिर मुझे चोदा| फिर दोनों बेटियों को स्कूल भेजा और वह घर ही रहा| फिर दिन में २  बार चोदा और अब हाल यह हैं की वह मुझे कहीं भी चोद देता है| कभी बाहर जाए तो गाड़ी में| छत पर| जहां जगह मिले वहां पर|| अब मेरी बेटियों को भी शक होनें लगा है|

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