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“बेटा मुझे अपना बना लो”

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सबसे पहले गुरु जी को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम | गुरु जी का क्या कहना ? क्या वेबसाइट लॉन्च की है,जिसमे लोगों की चुदाई के किस्से पढ़ के चूत गीली हुए बिना नहीं रहती |
मेरा नाम मोहिनी (काल्पनिक) है | दोस्तो, मैं २६ बरस की एक जवान औरत हूँ | वैसे तो मैंनें एम. कॉम तक पढ़ाई की हुई है लेकिन मेरे पति देव नहीं चाहते कि मैं जॉब करूँ | मेरी सुन्दरता को लेकर उनके दिमाग में मेरे प्रति गंदे ख्याल आते हैं | शादी को तीन साल हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ | हाँ, इस वक़्त मैं पेट से हूँ | शादी से पहले मेरी गिनती चालू गर्ल्स में रही है |
मेरी पहली चुदाई 18 साल की उम्र में हुई थी, जब मैं 12वीं की फाइनल पेपर दे कर अपनें नानके गई हुई थी | वहां मैं एक लड़के से इश्क लड़ा बैठी और उसनें मेरा काम तमाम कर दिया | एक महीनें में कई बार चुदी | फिर तो बस मुझे लड़कों का चस्का लग गया और मेरे न जानें कितनें लड़कों से एफेअर चले | मैंनें उनमें से कुछ से शारीरिक सम्बन्ध स्थापित किये | मेरे फिसलते क़दमों को मेरी माँ नें भांप लिया और एक रिश्ता ढूँढ मेरी भी शादी करवा दी |
पति का अच्छा बिज़नस है लेकिन उनमें वैसी सेक्स पॉवर नहीं है जैसी मुझे चाहिए थी | कई बार बिना पानी की मछली की तरह बिस्तर पर तड़फती | पति हफ्ते में सिर्फ तीन बार सेक्स करते जिससे मेरी प्यास बढ़ गई थी | मैंनें कहा कि मुझे जॉब मिल रही है लेकिन मेरे खसम नें ऐसा नहीं होनें दिया | उसको अपनी कमजोरी का डर था | वो यह भी जानता था कि उसकी बीवी में कितनी आग है |

मेरे जेठ के बड़े लड़के नें बारहवीं कक्षा में कामर्स रखा लेकिन गाँव में कोई टयूशन नहीं पढ़ाता |

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जेठानी जी नें मुझे कहा,”छोटी बहू, प्लीज़ इसको एक दो घंटे पढ़ा दिया कर |”
मैंनें कहा,”ठीक है |”
अगले ही दिन समीर मेरे पास पढ़नें आनें लगा | उसका ध्यान मेरे मस्त मम्मों पर रहता | गहरे गले के सूट से तो मेरा यौवन डुल-डुल जाता | कई बार नोटिस किया कि उसके लौड़े वाला भाग फूला फूला सा रहता |
एक रोज़ सभी रात की शादी पर गए थे | यहाँ पर भी मेरे पति को मैं सुरक्षित नहीं लगी| मुझसे बोला,”उसके दोस्त की शादी ही है | “
जब मैंनें कहा कि बाकी सब क्यूँ जा रहे हैं ?
तो बोले कि बचपन से उनका परिवार माँ बापू को जानते हैं | मुझे कहा गया कि तुम रुको और समीर रुक जायेगा |
समीर भी रुक रहा था इसलिए पहले से सेक्सी कपड़े पहन रखे थे | नाईटी में से मेरा जिस्म साफ़ दिखता | पैंटी-ब्रा सब कुछ| आज समीर नें मुझे देखा तो देखता रह गया | मैंनें उसको बिठाया और बोली,” चलो पढ़ाई करें |”
“जी ,चाची ………| ”
एक बहुत मुश्किल गणित का सवाल था | मैंनें कहा,” इधर मेरे पास ही बैठ जाओ |”
मैंनें उसे अपनें पास बिठा लिया और मैं उसे गणित के सवाल का फार्मूला बतानें लगी | उसका ध्यान मेरी छातियों पर था | मैंनें उसकी जांघ पे हाथ फेरते हुए कहा,”अब इन्हें देखना छोड़ो |”
मेरा हाथ फिसलता हुआ उसके लौड़े की तरफ जानें लगा | मैंनें पहल इसलिए की क्योंकि वो डर रहा था | हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था | मैं उसके लौडे की तरफ अपना हाथ ले जाकर उसको मसलनें लगी | उसनें भी सारा डर फेंक कर मुझे बाँहों में उठाया और सीधा बिस्तर पर ले गया | देखते ही देखते उसनें मुझे एक दम नंगी कर दिया और मेरी जवानी से खेलनें लगा |
मैंनें कहा,” वाह | मेरे सोनू ||”
मैंनें भी अब उसका लौड़ा निकाल लिया | वाह | क्या लौड़ा था |||||| छोटी उम्र से यह हाल था तो आगे क्या होगा ? मैंनें भी उसका लौड़ा मुँह में ले लिया और खूब चूसनें लगी | वो आहें भर भर के कह रहा था,” मेरी रखैल चुदासी चाची, आज तुझे मसल दूंगा |”
“वाह | पट्ठे | वाह | मसल दे मुझे | रौंद दे मुझे | फाड़ दे मेरी चूत | मत छोड़ना इसको |”
“अभी ले ,चाची | कमीनी, कितना दिखा दिखा के तड़फाया मुझे |”
वो बखूबी खेल रहा था वॉलीबाल के साइज़ के मेरे मम्मे के साथ |
मैंनें कहा,” बहन चोद | मार मेरी |”
“अभी ले, रंडी |” कहते हुए उसनें टांगें खोल कर अपना लम्बा मोटा लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया |
“वाह | और तेज़ ………और तेज़…… और तेज़ मार ……..| ” उसका जोश बढानें के लिए मैं अप-शब्द बोल रही थी |
“मादरचोद, बहनचोद | तेरे चाचा से मेरी जवानी नहीं संभाली जाती | मुझे अपनी बना ले |”
मैं झड़नें के करीब थी इस लिए और जोर-जोर से चूतड़ उठा के उसका लौड़ा ले रही थी |
वो बोला,”चाची, मैं झड़नें वाला हूँ |”
“अन्दर डाल दे समीर | अपना गरम माल | डाल दो अपना बीज मेरी कोख में |”
देखते ही देखते उसनें सारा माल मेरी चूत में भर दिया और लौड़ा निकाल कर मुंह में डाल दिया | मैंनें उसको चाट-चाट कर साफ़ कर दिया |
“वाह | मेरे राजा | ” मैंनें कहा | उस रात हम नंगे बिस्तर पे रहे | तीन बार उसनें मुझे अलग अलग मुद्रा में ठोका |

उस रात के बाद चुदनें के लिए हमें जगह नहीं मिल रही थी | उसनें मुझे कहा,” चाची, मेरा एक दोस्त अकेला रहता है | उसका परिवार अमेरिका में है | वहीं चला करो | ” मैंनें हामी भर दी और उसके साथ वहां गई।

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