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“पाप या परमसुख”-2

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अब तक सारिका को ये समझ में आ चुका था कि वो औरत और कोई नहीं बल्कि उसकी सास हेमलता ही है, लेकिन उसके साथ वो कौन आदमी है जो उससे कम उम्र का लग रहा है अब तक उसे समझ नहीं आया था | धीरे धीरे उनकी चुदाई की रफ़्तार और मोअन की आवाजें बढ़ती जा रही थी और सारिका को उनकी चुदाई देखते हुए 10 मिनट से भी ज्यादा समय निकल गया था | अपनी सास की चुदाई देखने में सारिका इतना मस्त हो गई की उसकी चूत भी पानी बहाने लगी थी | अचानक सारिका अपनी सास के मुह से निकले एक शब्द को सुनकर स्तब्ध रह जाती है “आआआअह्हह्हहह बेटा और अन्दर डाल” | ये सुनकर तो सारिका का जैसे दिमाग ही ख़राब होने लगता है | उसकी सास अपने बेटे से चुदवा रही है ! ये कैसे हो सकता है ? आखिर कोई औरत अपने बेटे के साथ कैसे चुदाई कर सकती है | सारिका के मन में अचानक विचारों का तूफ़ान उमड़ पड़ता है | ये तो पाप होता है, दुनिया का सबसे बड़ा पाप ! कोई माँ-बेटे इस तरह से प्यार कैसे कर सकते हैं | उसकी सास भी कितनी बड़ी पापिन है, और उसका बेटा….. एकदम से सारिका इस बात पर रुक जाती है | वो माँ तो उसकी सास है लेकिन उसका बेटा कौन है ? उसका छोटा बेटा सुनील या फिर उसका बड़ा बेटा अनिल सारिका का पति ! नहीं नहीं… उसके पति अनिल नहीं हो सकते | अनिल इतना बड़ा पाप कर ही नहीं सकते, अनिल अपनी माँ की बहुत इज्ज़त करते हैं वो इस तरह की हरकत कभी नहीं करेंगे | और फिर अनिल को तो आजकल सेक्स में ज्यादा मजा भी नहीं आता इसलिए तो अनिल मेरे साथ भी महीने में एक दो बार ही सेक्स करते हैं वो भी मेरे इतना कहने के बाद, वो आदमी अनिल हो ही नहीं सकते | इस तरह के विचार सारिका के मन में घूम रहे हैं | इस बीच हेमलता अपनी गांड उछाल उछाल के अपने बेटे का लंड अपनी चूत में ले रही है, उनकी चुदाई की आवाजें तेज़ होने लगती हैं लेकिन वो कौन सा बेटा है ये बात अब तक सारिका को स्पष्ट नहीं हो पाती | हेमलता के ऊपर चढ़े आदमी की पीठ और चूतडों पर पसीने की बूंदे करोसीन के लैंप की मद्धम रोशनी में चमक रही हैं | हेमलता जोर से मोअन करती है “आआआअह्हह्हह्ह बेटा और अन्दर जाओ” और उसका बेटा कहता है “ओह्ह्ह्ह माँ ये लो” ये आवाज तो अनिल की आवाज की तरह लगती है, लेकिन सारिका का मन अब भी ये मानने को तैयार नहीं होता कि हेमलता के ऊपर चढ़ा आदमी उसका पति है | उसे तो बस यही लगता है कि हेमलता अपने छोटे बेटे सुनील से चुदाई करवाती है |
अब हेमलता और उसके बेटे की चुदाई अपने चरम पर पहुच जाती है | हेमलता का बेटा कहता है “माँ तुम कितनी सुन्दर हो, मेरी पत्नी भी आपके सामने कुछ नहीं लगती” और हेमलता कहती है “ओह्ह्ह्हह बेटा उअर अन्दर जा अपनी माँ की चूत के, तू इसी चूत से बाहर निकला था अब मजा दे अपनी माँ को” | हेमलता का बेटा कहता है “ओह्ह्ह माँ मेरा पानी निकलने वाला है” हेमलता : “भर दे अपने पानी को अपनी माँ के गर्भ में और अपनी माँ की योनी की आग को ठंडा कर बेटा, मिला दे अपने पानी को अपनी माँ के पानी से” हेमलता का बेटा जोर से अपनी गांड से झटके मारते हुए : “ये लो माँ, लो अपने बेटे का वीर्य, मै तुम्हारी ख़ुशी के लिए कुछ भी कर सकता हूँ, मादरचोद भी बन सकता हु” | हेमलता : “हाँ मेरे मादरचोद बेटे, तू नहीं होता तो आज तेरी ये माँ पता नहीं किस हाल में होती बेटा……” और फिर दोनों माँ बेटे एक दुसरे को जोर से जकड लेते हैं और झड़ने लगते हैं | कमरे के अन्दर इतनी कामुकता भर जाती है की सारिका की चूत उन माँ बेटे की चुदाई देखते देखते ही झड जाती है |अब वो माँ बेटे कुछ देर के लिए वैसे ही एक दुसरे से चिपके पड़े रहते हैं | उनकी चुदाई को एक घंटे से भी ज्यादा का समय हो जाता है आखिरकार वो चुदाई ख़त्म होती है और सारिका अभी भी खिड़की पर खडी हुई है | कुछ देर बाद आदमी चारपाई से उठता है और अपने कपडे पहनने लगता है | अब आदमी के चेहरे पर लैंप की रोशनी पड़ती है जिससे सारिका उस आदमी को ठीक ढंग से देख पाती है | सारिका के पैरों तले जमीन खिसक जाती है जब उसकी आँखों के सामने अनिल का चेहरा उभर के आता है | सारिका तो जैसे पागल सी हो जाती है | केरोसीन के लैंप की मद्दम पिली रोशनी में अपने पति अनिल का चेहरा देख कर उसका दिल इतनी जोरो से धड़कने लगता है जितना आज से पहले कभी नहीं धड़का | उसका पति अनिल अपनी मां को चोद रहा था….अपनी सगी मां जिसने उसे अपनी कोख से पैदा किया, अपना दूध पिला के बड़ा किया | अनिल ने ये क्या किया ? दुनिया के सबसे पवित्र रिश्ते को तार तार कर दिया इन मां बेटे ने | और उसकी मां हेमलता भी कितनी बेशरम और हवस की भूकी निकली जो अपने बेटे को ही अपनी हवस मिटाने का औजार बना लिया |इस तरह के न जाने कितने ख़याल सारिका के दिलोदिमाग में घूम रहे थे…. दोस्तों ये तो कहानी की शुरुआत है, आगे और क्या होता है जानने के लिए इस कहानी के अगले पार्ट का इंतज़ार करिए

Antarvasna

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