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पापा ने की मेरी यादगार चुदाई पार्ट -3

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इसके बाद शाम को 07 बजे करीब मैनें पिज़्ज़ा हट से पिज़्ज़ा ऑर्डर किया.पिज़्ज़ा अनु का सबसे पसंदीदा वयंजन था उसे देखते ही अनु मुझसे बोली पापा रीयली यू आर नाइस पापा और मेरे गाल पर एक किस कर दिया मैनें भी उसको तुरंत ही रिटर्न किस किया.

मैं काफ़ी देर तक उसके गाल पर चिपका ही रहा, तो अनु बोली पापा अब छोड़ो भी अभी माँ 2-3 दिन में आएगी तब तक के लिए अपना प्यार मेरे लिए बचाकर रखो उसकी ये बात सुनकर मैं बड़ा ही खुश हुआ अब मुझे बिल्कुल क्लियर हो
गया कि आज जिस लड़की का इंतज़ाम अनु नें मेरे लिए करनें को कहा है वो कोई और नही बल्कि खुद अनु है लेकिन मैं ना जानें क्यूँ खुलकर उसके सामनें नही आ पा रहा था. हम दोनो नें एक साथ पिज़्ज़ा खाया और हम इस दौरान एक दूसरे के साथ हल्का फूलका मज़ाक करते रहे.

लेकिन ना जानें क्यूँ हम दोनो ही एक दूसरे से निगाहें चुरा रहे थे पिज़्ज़ा खानें के बाद मेरे ऑफीस की एक कॉल आई और मैं उसको अटेंड करनें के लिए अपनें कमरे में चला गया और जब मैं वापस आया तो देखा अनु के कमरे की मैन लाइट ऑफ थी और सिर्फ़ नाइट बल्ब ही जला हुआ था.मैनें अनु से बोला अनु बेटा सो गयी क्या तो वो बोली नही पापा आपसे मालिश कराए बिना कैसे सो सकती हूँ और पापा आज से आप मोम के आनें तक यहीं मेरे कमरे मे सो जाया करना इस पर मैनें लाइन क्लियर करनें के लिए कहा कि अनु मैं रात को बहुत हाथ पैर चलाता हूँ उसे झेल पाओगि तो वो बोली पापा हाथ पैर क्या आपको सारा झेल लूँगी बस आप थोड़ा हाथ पईऱ आराम से चलाना मैं तुरंत क्रीम लानें के बहानें अपनें कमरे में गया और अपनें फोन से डिंपल को कॉल किया कि जल्दी से आ जाओ,और डिंपल तो जैसे तैयार ही थी वो 02 मिनिट में आ गयी मैनें मेन गेट से उसको अंदर किया

उसके हाथ मे हॅंडी कॅम था मैनें उसको अपनें रूम की बाल्कनी से अनु के कमरे की तरफ का रास्ता दिखाया जहाँ से काँच की खिड़की से बाहर से अंदर तो दिखता था लेकिन अंदर से बाहर नही और क्रीम लेकर अनु के कमरे में आ गया.वो पेट के बल लेटी हुई थी.अब रूम में इतनी लाइट थी कि सिर्फ़ हमें एक दूसरे के स्ट्रक्चर ही दिखाई दे रहे थे ऐसे भी पहले पहले रूम में घुसनें के बाद आँखों को उस कमरे के हिसाब से अड्जस्ट होनें मे थोड़ा टाइम लगता है.मैं उसके पास गया और बेड पर बैठ गया.मैनें उसका स्कर्ट उपर किया और जैसे ही पैंटी को खिसकानें के लिए हाथ बढ़ाया तो वहाँ कुछ नही था.

अनु नें सोनें से पहले अपनी पैंटी ही उतार दी थी.मैनें उससे बोला कि आज तुमनें ठीक किया पैंटी उतार दी, वो बोली पापा इसलिए कि आपको परेशानी ना हो और मेरे कपड़े भी गंदे ना हो तो मैं उसके टॉप को हाथ लगाते हुए बोला कि मुझे तो इनसे भी परेशानी होगी.इस पर वो बोली उतार लो पापा.

मैनें झट से उसको अपनें हाथ की सहायता से सीधा किया और उसकी टॉप उतार दी अब वो सिर्फ़ ब्रा मे थी मैनें उसको भी उतार दिया कमरे मे काफ़ी अंधेरा था इसलिए शरम की तो कोई बात ही नही थी मैनें उसको दूबारा से पेट के बल ही लिटा दिया.

मैनें भी जल्दी से अपनें कपड़े उतार दिए और बिल्कुल नंगा हो गया मैं उसकी साइड मे बैठा, क्रीम निकाली और उसके राइट हिप पर लगा दी और उसके हिप को एक हाथ से मालिश और एक से हल्के हाथ से हिप और पीठ को सहलानें लगा.

मैनें लगभग 05 मिनिट तक उसके हिप की मालिश की और उसके बाद उसके पास पीठ से सट कर लेट गया और उसके कान मे धीरे से बोला अनु अब मुझे नींद आ रही है और नींद में मेरे हाथ पैर हरकत करते हैं और कहते कहते अपना राइट हॅंड उसके राइट बूब्स पर रख दिया.वो धीरे से बोली मैं आपकी हरकतों के लिए तैयार हूँ पापा लेकिन अनु के कमरे में अभी तक अंधेरा ही बना हुआ था मुझे अनु के शरीर की खूबसूरती भी मालूम नही हो पा रही थी मैनें सोचा कि अंधेरे मे तो डिंपल जो बाल्कनी में हॅंडी कॅम लेकर खड़ी है वो तो बिल्कुल भी रेकॉर्डिंग नही कर पाएगी.मैनें पास के ही स्विच को ऑन कर दिया और कमरे में रोशनी हो गयी उसका शरीर अब बिल्कुल नंगा था वो बला की खूबसूरत है ये मुझे आज ही मालूम हुआ उसके हाथ पैरों पर एक भी बाल नही था ऐसा लग रहा था जैसे कि केले के तनें से छिलका हटा दिया हो बिल्कुल गोरी और अनु बिल्कुल बॉलीवुड आक्ट्रेस अमृता राव की तरह दिखती थी लेकिन थोड़ी उससे हेल्थि थी.
जैसे ही रोशनी हुई अनु नें अपनें शरीर को सिकोड लिया और अपनें एक हाथ से अपनें हिप्स को ढकनें का असफल प्रयास करनें लगी ओर ज़ोर से चिल्लाई पापा नही प्लीज़ लाइट बंद करो तो मैं बोला क्यूँ बेटा तो वो बोली कि मुझे शरम आ रही है.तो मैं बोला अनु मैं देखना चाहता हूँ कि मेरी अनु कितनी खूबसूरत है ऑर उसकी कमर के नीचे हाथ लगाकर उसको अपनी गोदी में अपनी तरफ मूह करके बैठा लिया और वो अपनें चहेरे को हाथों से छुपानें लगी.मैनें जब उसको गोदी में बैठाया तो मेरा खड़ा हुआ लंड उसकी चूत के पास पहुँच गया और मैनें अपनें दोनो हाथो को उसके 32″ के उभारों के उपर हाथ रख दिया वो सहम गयी अपना सिर झुका लिया और दोबारा बोली पापा प्लीज़ लाइट बंद कर दो ना, तो मैं बोला नही अनु मैं तुम्हे जी भरकर देखना चाहता हूँ और कहते कहते उसके चेहरे को उपर उठाया उसकी आँखें बंद थी मैनें उसके होटो से होंठ सटा दिए और उसके होटो को चूसनें लगा.वो भी मेरा साथ देनें लगी.अब मेरे हाथ कभी उसकी पीठ को सहलाते ,कभी उसके हिप्स को और कभी उसकी जांघों को.

मैं धीरे धीरे से अपनें लंड को उसकी चूत पर घिस रहा था.अनु लंबी लंबी साँसें भर रही थी मैनें उसको धीरे से बेड पर लिटा दिया और खुद भी उसके उपर लेट गया उसनें अभी तक अपनी आँखें बंद की हुई थी.

मैनें अपना मूह उसके कसे हुए गोल दूध पर लगा दिया.उसके बूब्स बहुत ही मस्त थे ऐसा लग रहा था जैसे अलग से लगाया गया हो बिल्कुल गोल और कड़क.मैं उनको बुरी तरह से चूसनें लगा अब उसके मूह से तरह तरह की आवाज़ें आ रही थी,तो मैनें उससे पूछा कैसा लग रहा है,तो उसनें कोई जवाब नही दिया सिर्फ़ एक मुस्कान भर छोड़ दी मैनें उससे फिर पूछा अच्छा नही लग रहा है तो रहनें दूँ. तो वो बोली पापा मैं बता नही सकती कि कितना मज़ा आ रहा है आआअप करते रहूऊओ मैनें उसके दूसरे बूब्स पर मूह गढ़ा दिया और उसे भी चूसा.मैं काफ़ी देर तक उसके दोनो दूध को चूस्ता रहा.अब मैं सीधा नीचे खिसका और उसकी चूत पर हाथ रख दिया मुझे ऐसा लगा जैसे कि उसकी चूत पर एक कप पानी फैला दिया हो चद्दर भी काफ़ी गीली हो चुकी थी

अब मुझे पूरा विस्वास हो गया कि उसका ये पहला पुरुष अनुभव है और वो एक दम कुँवारी है.ये सोचकर मेरा दिल खुश हो गया कि आज तो मज़ा.आ जाएगा आज फिर से 20 साल बाद नयी चूत का मज़ा मिलेगा.अच्छी तरह से निचोड़ दूँगा अनु का पूरा रस निकाल दूँगा बस थोड़ा सब्र से काम करना होगा.

मैनें अपना मूह उसकी चूत पे गढ़ा दिया तो अनु नें मेरे सिर को पकड़ लिया और बोली पापा प्लीज़ रहनें दो,बर्दास्त नही हो रहा.अब प्लीज़ जल्दी से जो करना है करो.तो मैं बोला अनु पहले मुझको तो गरम करो तो वो बोली कैसे पापा.मैं बोला तुम थोड़ा बैठो तो वो बैठ गयी.मैनें अपना लंड उसके मूह के पास रख दिया और बोला इसको अपनें मूह में लेकर थोड़ा आगे पीछे करो तो ये गरम हो जाएगा.उसनें पहली बार मेरा 7″लंबा और 3.5″मोटा लंड देखा और देखते ही बोली पापा इतना मोटा और लंबा.पापा ये कैसे जाएगा मैनें कहा चला जाएगा तू चिंता मत कर थोड़ी सी तकलीफ़ होगी लेकिन बाद में तुम्हें अब से ज़यादा मज़ा आएगा.ओर उससे बोला पहले तुम इसको मूह मे लेकर गर्म करो.तो वो बोली पापा मैं इसको मूह में नही लूँगी इससे मुझे वॉमेटिंग हो जाएगी मैनें बोला नहीं अनु ऐसा कुछ नही होगा तो वो बोली प्लीज़ पापा मेरा मन नही कर रहा.मैनें ज़यादा ज़ोर नही दिया कि कहीं बनी हुई बात बिगड़ ना जाए मेरी ये प्लॅनिंग थी कि आज कैसे भी इसकी ले लूँ उसके बाद तो अनु की जो रेकॉर्डिंग मैं डिंपल से करवा रहा हूँ ,उसके बाद तो मैं उसकी ना नुकुर नही सुनूँगा और बाद मे कभी भी ज़यादा ना नुकुर करेगी तो उस रेकॉर्डिंग को दिखानें से वो मान जाएगी.

और मेरा मैन इरादा तो उसकी फ्यूचर में शादी होनें के बाद भी उसे पेलते रहनें का था, साथ ही साथ डिंपल के साथ मेरे सेक्स करनें पर भी वो कुछ मूह नही खोलेगी. मैनें ज़िद नही की और उसकी बात मान ली मैं अब सीधे उसके उपर लेट गया और उसकी चूत के उपर अपना लंड रख दिया.

वो बोली पापा आराम से करना पहले कभी नही किया दर्द होगा और ब्लड के लिए नीचे कुछ चद्दर लगा लो तो मैं बोला मेरी अनु तो बहुत समझदार है,ये सब तुमको कैसे मालूम तो वो बोली पापा मैं क्या आपको अभी छोटी ही लगती हूँ मुझे सब कुछ पता है.

आपनें दिन भर जो मेरी सेवा की है उसके साथ साथ हरकतें भी की हैं लेकिन मैं अंजान बनी रही लेकिन सही बात तो ये है कि मैं तो इंतेजार कर रही थी कि रात जल्दी से हो और आप मेरी तमन्ना को पूरी करें मैनें उससे कहा अनु मेरी जान ले मैं तेरी तमन्ना आज पूरी कर दूँगा चद्दर की चिंता मत कर थोड़ा बहुत ब्लड निकलनें दे धूल जाएगी.वो फिर बोली पापा प्लीज़ थोड़ा आराम से करना.मैनें उसकी बात सुन तो ली लेकिन मुझे पता था कि उसको कष्ट तो होगा ही क्यूंकी अभी तक वो अन्छुइ और अन्चुदि है.

मैनें फिर से उसके लिप्स को अपनें लिप्स से लॉक कर दिया और उसकी चूत के उपर अपनें लंड का सुपाडा रख दिया और एक ज़ोर का झटका लगाया और एक ही बार में लंड को उसकी चूत की जड़ तक पहुँचा दिया.वो तड़पनें लगी लेकिन मैनें उसके मूह को नही छोड़ा और जकड़कर उसको पकड़ लिया.उसके मूह से हुउन्ण हूम की आवाज़ें आ रही थी उसनें मूह को छुड़ा ही लिया और रोते रोते हकलाते हुए बोली पापा निकालो इसको बहुत दर्द हो रहा है मैं मर जाउन्गि. आआअप बहुत गगगंदे हो मैनें बोला था बोला था कि आराम से करना लेकिन आप मानें नहीं.वो पसीनें पसीनें हो गयी थी निकालो ना .

इस पर मैं बोला अनु अब रहनें दो मैं ऐसे ही रहूँगा और धीरे धीरे हरकत करूँगा.इस पर वो बोली आपका कोई विस्वास नही है आप फिर भी नही मानोगे निकालो इसे

मैनें कहा तुम्हारी कसम अनु अब आराम से करूँगा तो वो शांत हो गयी.अब मैं धीरे धीरे अपनें लंड को उसकी चूत पर आगे पीछे करता रहा और उसको भी मज़ा आनें लगा और वो भी मेरा साथ देनें लगी.मैं पहली बार में जल्दी ही झड गया,लेकिन नयी चूत के बारे मे सोचकर मेरा लंड जल्दी से खड़ा हो गया और फिर से शुरू हो गया अब अनु से मैनें बोला कैसा लग रहा है जान.वो झैन्प गयी क्यूंकी मैनें पहली बार उसको जान बोला था,वो बोली अच्छा लग रहा है पापा अब चाहे जितना ज़ोर से करो.

मैं उससे बोला तुम भी मुझको नाम लेकर बुलाओ या जान बोलो.तो वो बोली मुझसे नही होगा.थोड़ी देर बाद मैनें स्पीड बढ़ा दी.उसनें मुझे जकड़कर पकड़ रखा था वो शायद झड़नें वाली थी,थोड़ी देर बाद उसकी पकड़ ढीली पड़ गयी शायद वो झड चुकी थी और मैं भी झड गया.हम दोनो ऐसे ही कुछ देर तक पड़े रहे और जब मैनें उसे उठाया तो देखा बिस्तर पर काफ़ी खून पड़ा था साथ में हम दोनो का माल भी था.

ये देखकर अनु बोली देखा आपनें कितना खून निकाल दिया,मुझे मेरी सहेलियों नें बताया था कि पहली बार मे ब्लड निकलता है और पेन भी होता है.मैनें उसको बोला तो फिर मुझको गंदा क्यूँ बोल रही थी तो वो बोली आराम से करते तो दर्द कम होता,लेकींन आप को तो बिल्कुल सब्र ही नही था. अब मैनें कहा चलो अब दूसरी तरफ से ट्राइ करते हैं तो वो बोली नही जी मैं पीछे से नही दूँगी आपको.मैनें कहा क्यूँ तो वो बोली मुझे बताया गया है कि पीछे से बहुत ही ज़यादा दर्द होता है और बाद में भी बहुत दिन तक तकलीफ़ होती है,और पीछे से मज़ा भी नही आता.इस पर मैं बोला नही अनु किसी नें ग़लत बताया है,तो वो बोली कि जो भी हो नही का मतलब नही,और अब सो जाओ.

मैनें कहा चलो एक बार ऑर आगे से तो वो बोली कल करना अब मुझे नींद आ रही है.मैं समझ गया कि इसके नखरे जब पहले दिन ही इतनें हैं कि ना तो पीछे से दे रही है ऑर ना ही इसनें मेरा लंड मूह में लिया तो ये ज़यादा दिन तक मुझको देगी नही.मेरा फ़ैसला ठीक ही है जो मैनें इसकी रेकॉर्डिंग करा ली डिंपल से.

मैं तुरंत बाहर गया और देखा डिंपल वही खड़ी थी मैनें उसको एक किस की ऑर बोला डार्लिंग अब हमारा रास्ता भी सॉफ हो जाएगा अब हम दोनो कुछ दिन बाद अनु के सामनें खुल कर मज़ा लेंगे.मैनें उसे बोला इस रेकॉर्डिंग को कल मेरे कंप्यूटर में सेव कर देना और इसके बारे में किसी को भी खबर नही होनी चाहिए.वो बोली जानेंमन बेफिकर रहो,और मैनें उसे जल्दी से घर से बाहर निकालकर गेट बंद कर दिया.

जब मैं रूम में पहुँचा तो देखा अनु अपनी चूत को एक कपड़े से पोंच्छ रही थी,मैनें उसके हाथ से कपड़ा लिया और उसकी छोटे छोटे बालों वाली चूत को धीरे धीरे से पोन्छनें लगा.वो ये देखकर मुस्कुरा गयी और बोली एक बात तो है आप बहुत रोमॅंटिक/सेक्सी तो हो ही लेकिन केरिंग भी हो अपनी बेटी का कितना ख़याल है आपको काम पूरा होनें के बाद भी मेरी परवाह है आपको.यही मुख्य कारण है कि मैनें दिन भर देखा कि आप मेरी कितनी केर कर रहे हो क्या मैं आपकी एक ज़रूरत पूरी नही कर सकती.और मैनें आपके साथ सेक्स करनें का फ़ैसला लिया.अब तो आप खुश हो ना.मैनें उसको बोला अनु खुश तो हूँ लेकिन एक बार से काम नही चलेगा आज तो मैं तुम्हें पूरी रातभर जगाना चाहता हूँ.तो वो बोली तो दिन मैं क्या करोगे दिन भी तो अपना है चलो एक बार और करते हैं बाकी दिन में.और मैनें उसे फिर से लिटा दिया इस बार मैनें उसको काफ़ी देर तक रगड़ा उसकी चूत छिल गयी थी वो बोली पापा आज मार ही डालोगे क्या तो मैं बोला नही अनु और थोड़ी देर बस अभी ख़तम करता हूँ और एक बार फिर मैनें उसकी चूत को अपनें वीर्य से भर दिया और हम बिना अपनें चूत लंड को सॉफ किए ऐसे ही एक दूसरे से लिपट कर सो गये.

सुबह हम करीब 09.00 बजे तक सोते रहे.

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