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“पहले माँ, बहन फिर मौसी की चुदाई की जमकर”

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हैल्लो

 यह बात उन दिनों की है जब मेरी मौसी जिनका नाम उपासना है वो सहारनपुर से आई हुई थी जो मेरी मम्मी से उम्र में छोटी थी! उनकी उम्र करीब 35 साल थी और उनके तीन भी बच्चे थे तब उनके साथ बच्चे भी आए हुए थे और उनकी शादी 17 साल पहले हुई थी और उनके पति किसी विभाग में सरकारी नौकरी करते थे और मेरी वो उपासना मौसी अपने बूब्स का बहुत ख्याल रखती थी!

दोस्तों एक तो उनका वो रंग बहुत गोरा था और उनके गाल भी हमेशा गुलाबी रहा करते थे! उनके बूब्स वैसे बहुत ज़्यादा बड़े नहीं थे. लेकिन हाँ उनकी गांड बहुत ज़बरदस्त थी! जब भी वो चलती थी तो मेरा ध्यान अक्सर उनकी गांड पर अटक जाता था और वो हमेशा साड़ी ही पहना करती थी! कसम से साड़ी में वो बिल्कुल मस्त क़यामत लगती थी और उनका साड़ी बाँधने का तरीका भी कुछ नया था!
वो हमेशा अपनी साड़ी को उनकी नाभि के बहुत नीचे बाँधती थी और वो हमेशा आधी बांह का गहरे गले का ब्लाउज ही पहना करती थी. जिससे कि जब भी वो नीचे झुकती थी तो उनके गोरे गोलमटोल बूब्स का वो नज़ारा में बहुत आराम से देख लिया करता था और अपनी मम्मी और बुआ यहाँ तक की कई बार अपनी बहन की चुदाई करने के बाद में अब बहुत ही चुदक्कड़ हो चुका था और मेरे वैसे मेरी कहानियों को पढ़ने वाले तो अच्छी तरह से जानते ही होंगे कि बड़ी उम्र की औरतें शुरू से मेरी कमज़ोरी रही है!
मैंने एक रात को अपनी मम्मी की चुदाई करते हुए जब मौसी की तारीफ उनके सामने करना शुरू किया. तब मम्मी ने मेरी वो बातें सुनकर मुझसे कहा कि साले मादारचोद मुझे तो पहले से ही पता चल गया था कि तू मेरी बहन को बिना चोदे नहीं छोड़ेगा. क्योंकि में तुझे उसके बूब्स को घूर घूरकर उनकी तरफ झांकते हुए कई बार देख चुकी हूँ और तू जब भी उसकी कूल्हों की तरफ देखता था तब में तुरंत समझ जाती थी कि तू साला बहनचोद अब अपनी मौसी की गांड भी जरुर एक दिन मारेगा और वो छिनाल भी हमेशा ब्लाउज भी ऐसे ही पहना करती है कि उसके पूरे बोबे बाहर लटके रहते है. रंडी साली वो ऊपर का हुक भी नहीं लगाती है. कई बार तो तेरे पिता जी भी मुझसे उसको सही से कपड़े पहने के लिए मुझसे कह चुके है और वो उस दिन मुझसे बोले थे कि तुम ही समझा लो मेरी साली को वरना बाद में तुम मुझसे ना कहना कि मैंने उसके बूब्स को दबा दिया है और में हमेशा उनकी उस बात को हंसकर टाल जाती थी! अब आज तू भी अपनी मौसी को चोदने की बात मुझसे कह रहा है. तू भी साला बहुत बड़ा हरामी हो गया है!
दोस्तों मेरी मम्मी को चुदाई करवाते समय गालियों से बात करना बहुत अच्छा लगता है और तभी में जो इतनी देर से अपनी मम्मी की वो बातें बकवास को सुने जा रहा था! में अब उनके बड़े आकार के मुलायम बूब्स और सेक्सी बदन को दबाते हुए बोला कि तो साली मेरे ऐसा कहने सोचने में हर्ज़ ही क्या है? अगर अपनी बहन को मेरा लंड खिला देगी तो जीवन का असली मज़ा आ जाएगा. क्योंकि जब तुझे ही मेरे लंड को लेने में इतना मज़ा आता है तब वो तो तुम से उम्र में बड़ी छोटी है और मौसा जी भी बाहर ही ज़्यादा रहते है. इसलिए उसकी चूत भी हमेशा प्यासी ही रहती होगी. कसम से जब मेरा लंड उसकी टाइट चूत में जाएगा तब मुझे और उसको बड़ा मज़ा आएगा! मम्मी प्लीज एक बार चुदवा दो ना!
अब मम्मी ने कहा कि अच्छा अच्छा अब अभी तो तू मन लगाकर मेरी चुदाई कर और उसके बाद में तुझे बताती हूँ और उसके बाद मैंने मम्मी की चूत को चाटकर उनकी चूत में बहुत ही जोरदार ढंग से अपना पूरा सात इंच का लंड डालकर बहुत बेरहमी से उनको चोदा था और मैंने मम्मी को थोड़ी देर बाद ही उनकी चूत में अपने लंड का पानी छोड़ दिया और फिर मैंने एक बार पलटकर उनकी गांड मारी जिससे मेरी माँ बहुत ही थक चुकी थी!
अब हम दोनों चुदाई के पूरे मज़े लेकर उसकी वजह से बहुत थककर सो गये! फिर दूसरे दिन जब में नहा रहा था तो मुझे अपनी मम्मी की आवाज़ सुनाई दी वो मेरी उपासना मौसी से कह रही थी उपासना तुम कुछ उदास सी लग रही हो क्या बात है?
तब मौसी ने कहा कि कुछ नहीं दीदी बस थोड़ा सा थक गयी हूँ इसलिए आपको शायद ऐसा लग रहा है. लेकिन अब मम्मी ने उनसे कहा कि नहीं तुम्हारे मन में कुछ तो बात है जिसको तुम मुझसे छुपाने की कोशिश कर रही हो. लेकिन तुम्हे बनाते में कुछ डर झिझक महसूस हो रही है इसलिए तुम मुझे नहीं बता रही हो प्लीज मुझे बताओ में तुम्हारी उसमे मदद जरुर करूँगी और तब तक में भी बाथरूम से बाहर निकल आया था!

मौसी अब कुछ कहने ही जा रही थी. लेकिन मुझे देखकर वो फिर से चुप हो गयी! तब में अपने रूम में चला गया और मैंने दरवाजा बंद करके अपने कान इधर ही लगा दिया. में बहुत ध्यान से सुनने लगा! फिर मौसी ने झिझकते हुए बोलना शुरू किया क्या बताऊँ दीदी आजकल मेरे जीवन में उनको लेकर बहुत समस्या आ रही है. तब माँ ने उनसे कहा कि तुम मुझे ऐसे नहीं पूरी तरह से खुलकर बताओ कि वो क्या बात है जो तुम्हे इतना परेशान किए जा रही है? अब मौसी ने कहा कि दीदी आजकल रिंकू के पापा मुझ पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे और जबकि मेरी शादी के बाद से अभी चार साल पहले तक तो वो मेरे साथ हमेशा रोज़ ही सोते थे!
माँ ने कहा कि अच्छा और ऐसे खाली सोने से ही तीन बच्चे पैदा हो गये? क्या तुम्हारे पास इसका कोई जवाब है? अब मम्मी की उस बात को सुनकर मौसी को एकदम से हंसी आ गयी और मुझे भी अपनी छिनाल माँ की बात पर बहुत हंसी आई! फिर माँ ने कहा कि में तेरी समस्या को बिल्कुल ठीक तरह से समझ गयी हूँ! तू मुझसे यही कहना चाहती है कि अब आनंद तेरी पहले की अपेक्षा ठीक तरह से चुदाई नहीं करता है. लेकिन इसमे तुझे इतना परेशान होने की कोई भी बात नहीं है क्योंकि वो भी तो तुम सबके लिए ही रात दिन एक करके पैसा कमा रहा है ना. अब वो सारा समय तेरी चूत के चक्कर में खराब तो नहीं कर सकता ना. उसको और भी बहुत सारे काम होते होंगे!

अब मौसी ने थोड़ा सा गुस्से में आकर कहा हाँ. लेकिन दीदी अब तो कई सप्ताह गुजर जाते है उन्हे मेरे साथ संभोग किये. में कब तक ऐसे ही तड़पती रहूँ और मुझे भी अब बहुत याद आने लगी है! अब मम्मी ने कहा कि संभोग. यह क्या होता है यह किस चीज़ का नाम है? अरे मेरी नादान बन्नो इसे चुदाई कहते है और अब तीन तीन बच्चे बाहर आने के बाद भी तू तो ऐसे शरमाती है जैसे कुँवारी कली हो. चल कोई बात नहीं आज में तेरी प्यास को जरुर बुझवा दूँगी! अब मौसी ने कहा कि मुझे सब पता है कि तुम मुझे क्या बताओगी दीदी. यही ना कि में अपनी चूत में मोमबत्ती डालकर इसको शांत कर लूँ या फिर कोई बेंगन घुसा लूँ!
अब मम्मी ने कहा कि पहले तो तू अपने शब्दों को सही कर तू हमेशा ऐसे ऐसे शब्द बोलती है जो समझ में ही नहीं आते और में तेरी चूत में मोमबत्ती नहीं घुसने दूँगी बल्कि पूरा सात का मोटा ताज़ा लंड डलवाकर आज तुझे वो मज़े दे दूंगी. जिसके लिए तू अब तक इतना परेशान हो रही है! फिर अपनी मम्मी के मुहं से वो बात सुनकर में मन ही मन बहुत खुश हो गया और में आज रात को अपनी मौसी की चूत मारने के बारे में सोचने लगा और थोड़ी देर बाद ही मैंने सुना कि मम्मी उनसे कह रही थी कि देख उपासना में तुझे चुदवा तो दूँगी. लेकिन मेरी एक शर्त है!
फिर मौसी पूछने लगी कि वो क्या दीदी? यही कि तुझे चूत और लंड की बातें पूरी तरह से खुलकर करनी होगी. एकदम किसी बज़ारू रंडी की तरह. तब मौसी ने कहा कि हाँ ठीक है. लेकिन आप मुझे यह बताए कि आप मुझे चुदवाएगी किससे?

तब मम्मी ने उनसे कहा कि वो तुम्हे आज रात को ही पता लग जाएगा और जैसे तैसे दिन काटने के बाद रात आई और सबके सोने के बाद मम्मी मेरे रूम में आ गई और वो मेरे होंठ पर किस करते हुए मुझसे कहने लगी कि चल मेरे चोदू राजा. आज अपनी मौसी की चूत का स्वाद भी चख ले. ऐसी माँ तूने कभी नहीं देखी होगी कि वो खुद भी चुदवाए और अपनी बहन को भी चुदवाए? तब मैंने कहा कि मम्मी क्या आपने मौसी को बता दिया कि आज उसकी चूत को कौन मारेगा? नहीं बेटा मैंने अभी उसको कुछ भी नहीं बताया है. अब तू जब मेरे साथ चलेगा तब वो खुद ही देख लेगी और उसको सब पता चल जाएगा!
अब मैंने उनसे कहा कि उसको मेरे साथ ऐसा करने पर बुरा तो नहीं लगेगा? एक तो वो हम दोनों से नाराज हो जाए! फिर मम्मी कहने लगी कि अरे वो बुरा कैसे मानेगी उस साली की चूत में खुद ही चुदाई के नाम के कीड़े काट रहे है और जब कोई औरत एक बार अपनी चुदाई करवाने के बारे में सोचती है तब फिर वो किसी से भी अपनी चुदाई करवा लेती है और इस तरह में मम्मी के साथ ही उनके रूम में चला आया!
तब मैंने देखा कि मौसी मम्मी के बेड पर बैठी हुई थी और मुझे देखकर वो थोड़ा सा संभलकर बैठ गयी! अब मम्मी ने कहा कि उपासना देख लो अपने चोदू को. आज यही तुम्हारी चूत मारेगा और उनकी बात को सुनकर मौसी का चेहरा एकदम लाल हो गया और वो झपटते हुए बोली कि हाए दीदी आप कैसी बात कर रही है. भला में अपने भांझे से कैसे संभोग कर सकती हूँ!
मेरी मम्मी ने कहा कि तू फिर मेरी शर्त को भूल रही है अरे जब में अपने सगे बेटे से अपनी चुदाई करवा सकती हूँ और इसको अपने सामने ही अपनी बेटी की चूत भी मरवाने का मज़ा दिलवा चुकी हूँ तब तुझे इसके साथ चुदाई के मज़े लेने में क्या परेशानी है?

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अब मौसी बोली कि हाए दीदी आप कितनी निर्लज हो. भला अपने लड़के से भी कोई माँ अपनी चुदाई करवाती है? तभी मम्मी उनको कहने लगी तू बोल तुझे चुदवाना है या में तेरे सामने चुदवाकर अपनी चूत की खुजली इससे मिटवा लूँ साली नाटक करती है. अरे थोड़ा सा सोच घर की बात घर में ही रहेगी और ससुराल जाकर पता नहीं मोहल्ले के किस लड़के से तू अपनी चुदाई करवाने लगी तो तुझे उस वजह से एड्स का ख़तरा भी हो सकता है. में कह रही हूँ कि राज से ही चुदाई करवा ले. घर की बात घर में ही रहेगी और इसका लंड भी बहुत दमदार बड़ा शानदार है!
अब मौसी ने कहा कि दीदी मुझे तो ऐसा इसके साथ करने में बड़ी शरम आती है. में यह सब कैसे कर सकती हूँ? तब मम्मी ने मौसी की साड़ी के ऊपर से ही उनकी चूत के पास चिकोटी काटते हुए कहा कि मेरी रानी एक बार लंड डलवा लेगी तो उसके बाद तू अपने ससुराल भी जाना भूल जाएगी! चल अब जल्दी से इस साड़ी को खोल डाल और यह बात कहकर मम्मी ने मौसी की साड़ी को खींचना शुरू किया और थोड़ी ही देर के बाद मौसी सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में रह गयी और अब मुझसे वो सब द्रश्य को देखकर बिल्कुल भी बर्दाश्त करना बहुत मुश्किल हो रहा था और इसलिए मैंने मम्मी के बूब्स को दबाते हुए कहा कि मम्मी पहले एक बार आप मुझसे अपनी चुदाई करवा लो!
उसके बाद हम मौसी को भी देख लेगे! फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि साले अब तू पहले अपनी मौसी को ही चोदना तूने पहले कुछ दिनों से मेरी नाक में दम कर दिया है कि मौसी को चोदना है और अब जब मैंने उसको चुदाई के लिए तैयार कर लिया है तो तू मुझसे कह रहा है कि पहले तू मेरी चुदाई करने चला. तू चल अब जल्दी से अपना लंड अपनी मौसी को दिखा और फिर मेरी मम्मी ने इतना मुझसे कहते ही झट से मेरी लूँगी को एक ज़ोर का झटका देकर खोल दिया उस समय मैंने नीचे कुछ भी नहीं पहना हुआ था और अब मौसी को अपने सामने ब्लाउज और पेटीकोट में देखकर वैसे ही मेरा लंड फनफनाने लगा था! में उस समय बहुत जोश में था!
अब मम्मी ने मेरे लंड को पकड़कर खींचते हुए मौसी की तरफ बढ़ाते हुए कहा कि लो ज़रा तुम इसको एक बार अपने हाथ में लेकर देखो इस साले का हमेशा कितना गरम रहता है और जैसे ही मौसी ने अपने नाज़ुक से हाथ को डरते हुए आगे बढ़ाकर मेरे लंड पर लगाया तो मुझे उसकी वजह से एक झटका सा लगा और मौसी ने तुरंत अपने हाथ को पीछे हटा लिया!

मम्मी ने उनको कहा कि पकड़ ले साली इतना क्यों नखरा दिखाती है और जल्दी से इसको चूस ले. तुझे असली मज़ा आने लगेगा! दोस्तों मम्मी ने मौसी से अपनी बात को खत्म करते हुए अपने सारे कपड़े भी उतार दिए और में तो पहले से ही नंगा था!

मैंने मौसी का ब्लाउज भी खोल दिया और मौसी मेरा लंड छोड़कर अपने बूब्स को छुपाने लगी और वो अपने दोनों हाथों को अपने दोनों बड़े आकार के बूब्स के ऊपर रखकर उन्हें छुपाने की कोशिश करते हुए बैठ गयी और तभी मम्मी पीछे की तरफ आई और उन्होंने मौसी के कान पर एक चुंबन लेते हुए वो बोली कि मेरी जान अब तो तू इतना शरमाना छोड़ दे. अब तो तुमने इसका लंड भी देख लिया है और यक़ीनन अब तुम्हारी चूत भी पनिया गयी होगी. इतना कहकर मम्मी ने मौसी के दोनों हाथों को एक झटका देकर दूर हटा दिया और में झट से मौसी के बूब्स को दबाने लगा. वाह वो बहुत ही मुलायम बड़े ही मज़ेदार भी थे उनके बूब्स जहाँ जिस हालत में थे वहीं मेरी मम्मी के दोनों बूब्स अब पहले से बहुत ज्यादा लटक चुके थे वहीं अभी मेरी मौसी के बूब्स में बहुत कसावट बाकी थी और उनके निप्पल में गजब का आकार था. जिसे में अपनी चुटकियों से रगड़ रहा था और निप्पल को मसल भी रहा था!
अब मम्मी पीछे से मौसी की पीठ पर अपने बूब्स को रगड़कर उनको गरम करने की कोशिश कर रही थी जिसकी वजह से अब मौसी के मुहं से ऊऊओफफ्फ़ आआआअहह स्सीईईईईइ की आवाज निकल रही थी! तो मैंने अपना हाथ सीधे उनके पेटीकोट के अंदर डाल दिया वो चीख पड़ी और मेरा हाथ दूर हटाने लगी. लेकिन में अब कहाँ मानने वाला था!
मैंने जल्दी से उनके पेटीकोट का नाड़ा ढीला कर दिया और पेटीकोट को भी मैंने उनके पैरों से खींचकर निकाल दिया और अब मौसी मेरे ऐसा करने से बिल्कुल नंगी हो चुकी थी! उन्होंने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को छुपा लिया था! तभी मम्मी ने पीछे से मौसी के दोनों हाथों को पकड़ लिए और वो मुझसे बोली कि राज चल अब अपनी मौसी की चूत को चाटने का मज़ा दे और इतना सुनकर में मौसी की बिना बालों वाली फूली हुई गुलाबी चूत को देखने लगा. जिसकी फांके बहुत सुंदर लग रही थी! में अपना हाथ मौसी की चूत पर फेरने लगा और फिर मेरा हाथ अपनी चूत पर पाकर मौसी चीख पड़ी और उनके मुहं से एक सिसकी निकलने लगी!

मैंने उनकी चूत की फांकों को अपने हाथ से फैलाकर उसकी चूत का में करीब से नज़ारा देखने लगा. जिसकी वजह से मुझे चूत के अंदर का गुलाबी भाग बहुत ही सुंदर लग रहा था और उसमें से भीनी भीनी खुशबू भी आ रही थी!
फिर मैंने जैसे ही अपनी जीभ को बाहर निकालकर उसकी चूत पर रखी तो मौसी एकदम उछल पड़ी और आईईईईईईई ईस्स्स्स्स्सस्स हईयईईईई राज उूउउफ्फ तुम यह क्या करते हो? दीदी प्लीज मुझे बहुत गुदगुदी हो रही है और तभी मौसी ने अपने दोनों हाथों से मेरा सर पकड़ लिया और अपनी चूत पर वो मेरा मुहं दबाने लगी थी!
कुछ देर चाटने के बाद मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ को घुसा दिया और मेरी जीभ जैसे ही उसकी चूत में गई वो उछल पड़ी आऐययईईईई राम दीदी यह राज कितना गंदा है उूउफफफफफ्फ़ मुझे बहुत गुदगुदी हो रही है! तो मम्मी बोली कि अभी तो यह सिर्फ़ तेरी चूत को चूस और चाट ही रहा है जब अपने खड़े लंड के झूले पर बैठाकर तुझे यह झूला झुलाएगा तब तू देखना कितना दम है इसके लंड में? और तुझे तब कितना मज़ा और मस्ती आएगी जो तुझे कभी पहले नहीं आई!
यह बात कहकर मम्मी ज़ोर ज़ोर से मौसी के बूब्स को मसलना शुरू कर दिया था और उसके निप्पल को भी वो दबा रही थी! ऐसा करने के साथ साथ कभी कभी अपने हाथों से मौसी के निप्पल को भी दबा देती! अब तो मौसी को दुगना मज़ा आ रहा था. एक तरफ में अपनी जीभ को उनकी चूत में डाले हुए था और मम्मी उसकी बूब्स को दबा रही थी!
अब तो मौसी के बदन में भी चुदाई की आग भड़क चुकी थी इसलिए वो सारी लाज़ शरम भुला चुकी थी और वो एकदम बेशराम होते हुए कह रही थी आओ मेरे चोदू राजा चूसकर पी जाओ मेरे पूरे माल को आआह्ह्ह्ह इसस्स्स्स्स्स्सस्स इस तरह का मज़ा आईईईईई तो मुझे कभी तेरे मौसा ने भी नहीं दिया है आआअहह और वो अपनी चूत को उचकाने लगी और में भी उनकी चूत की दरारों को फैलाकर उनके दोनों पैरों को अपने कंधे में फंसाकर बहुत ही जोरदार तरीके से उसकी चुसाई कर रहा था. आअहह मेरी छिनाल मम्मी आज तो तेरी बहन की चूत को चाटने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा है यह तो बहुत ही मजेदार स्वादिष्ट है ऐसा तो मुझे पहले कभी स्वाद नहीं मिला!
अब मम्मी मुझसे कहने लगी अबे साले मदारचोद अब तू इसकी जल्दी से चूत का पानी निकाल दे इतनी देर से उसमे घुसा पड़ा है और अभी तक एक बार भी तू इसका पानी नहीं निकाल पाया! तू ऐसा क्या कर रहा है इसके साथ? तो मैंने कहा कि मम्मी इसकी चूत अभी तक इतना चुदी ही नहीं है और आज पहली बार ही तो इस बेचारी की चूत की जमकर चूसाई हो रही है फिर भला यह इतनी जल्दी कैसे अपना पानी छोड़ेगी और इसको कुछ देर और लगेगी और अब तेरी चूत की बात अलग है तेरी तो चूत अब पूरी तरह से भोसड़ा बन चुकी है जो कुछ देर में ही जोश में आकर अपनी पानी छोड़कर ठंडी पड़ जाती है!

अब तक मम्मी बहुत तप चुकी थी और मेरे सर पर एक हाथ मारते हुए वो मुझसे कहने लगी अब तू कभी मारना मेरी चूत. में तेरी गांड पर एक ज़ोर से लात मारूँगी. इतनी ज़ोर से कि तू उसी समय अपनी चुद्दो मौसी की चूत में ही पूरा घुस जाएगा और तभी मौसी बोली कि साले चोदू तू क्या बातें ही चोदेगा या अब मेरा पानी भी निकालेगा और वैसे में तुझे बता दूँ कि में अब झड़ने वाली हूँ इसलिए तू अब थोड़ा जल्दी जल्दी अपनी जीभ को मेरी चूत में चला हाँ और भी ज़ोर ज़ोर से धक्का मार और वो मुझसे इतना कहकर अब अपनी चूत को उचकाने लगी थी और उनके मुहं से उूउउइईईईईई प्लीज आह्ह्ह्ह जल्दी करो ऊऊह्ह्ह्ह राज आह्ह्ह्ह हाँ पूरा अंदर तक डालकर तू मेरी चूत को चूस और तभी इतना कहते हुए मेरी मौसी झड़ने लगी थी. जिसकी वजह से अब उनका ढेर सारा रस में बहुत ही चाव से पूरा पी गया और पूरी तरह से झड़ जाने के बाद मौसी अब थककर एक तरफ बेड पर लेट गयी और उसके बाद मैंने अपनी मम्मी की गांड मारी और मौसी को तो उस रात को मैंने चार बार चोदा और उसका भी भोसड़ा बना दिया था. जिसकी वजह से वो बहुत खुश पूरी तरह से संतुष्ट थी!

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