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“दोस्त के भाई ने मेरी सील तोड़ी”

बात उन दिनों की हैं जब मैं सेकंड इयर की स्टूडेंट थी| मेरे पेरेंटस दोनों जॉब करते हैं और इस वजह से मई अक्सर घर पर अकेली होती हूँ| कोलेज के दिनों में अक्सर में और मेरी फ्रेंड बसंती एक साथ पढ़ाई करते थे| वो अक्सर मेरे घर पर आ जाती थी| बसंती का एक बड़ा बाई था! उसका नाम मोहित था जो अक्सर बसंती को ड्राप करनें के लिए हमारे घर पर आता था| जिस तरह से वो मेरी तरफ देखता था मैं समझ रही थी की वो मेरी तरफ अट्रेकटेड हैं|
मैं घर पर हमेशा शोर्टस और टी शर्ट पहनती हूँ और मोहित की नजरें हमेशा मेरी वेक्सड टांगो को देखती रहती थी| हमनें कभी बात नहीं की थी और वो बहार से ही बसंती को ड्राप कर के चला जाता था| एक दिन एग्जाम से पहले मुझे एक बुक की जरूरत थी| इसलिए मैंनें बसंती को कॉल किया और बुक देनें के लिए कहा| बसंती स्टडी कर रही थी इसलिए उसनें अपनें भाई मोहित को बुक देकर भेज दिया|
डोरबेल बजी और मैं जब दरवाजा खोलनें को उठी तो सामनें मोहित खड़ा था| कुछ पल हम एक दुसरे की तरफ देखते रहे| मैंनें बुक के लिए उसको थेंक यु बोआ| मोहित मुझ से एग्जाम की प्रिपरेशन के बारे में पूछनें लगा| आइनें उसे अन्दर अआनें के लिए कहा और वो झट से मान भी गया| मुझे थोड़ी हेसीटेशन सी हो रही थी क्यूंकि उस वक्त मैं घर पर अकेली थी|

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मैंनें मोहित को ड्राइंग रूम में बिठाया और पानी लेनें के लिए किचन में चली गई| पानी पिनें के बाद मोहित नें कहा की मैं चलता हूँ अब तुम अपनी पढ़ाई करो| उसनें मुझे निचे से ऊपर तक देखा और उसकी नजर मेरे चहरे के ऊपर आ के रुक सी गई| मोहित जानें लगा और तभी उसनें मुड के बोला अगर तुम्हे स्टडी में कुछ हेल्प चाहिए तो मैं रुक सकता हूँ| मेनन समझ गई की उसका मन मेरे बूब्स और लेग्स पर अटक गया हैं| मैंनें कहा ठीक हैं तुम मेरी स्टडी में हेल्प कर दो|
मैं मोहित को अपनें रूम में ले आई| मैं वर्जिन थी और कभी किस्सी लड़के को टच भी नहीं करनें दिया था अब तक मैंनें इसलीए मैं थोडा सा डर रही थी|
मोहित मेरे बेड पर बैठ गया और मेरी बुक्स को देखनें लगा| फिर वो शूज उतार कर आराम से ऊपर बैठ गया| मैं भी उसकी प्रेसेंस में थोड़ी कम्फर्टेबल हो गई थी| मोहित नें पेन उठाइ और अब वो पेन को घुमानें लगा अपनी उँगलियों में| तभी मुझे अपनी जांघ के ऊपर उसके हाथ का अहसास हुआ| मेरी ठंडी सांस निकल गई| मेरी सारे बदन में एक कम्पन सा हुआ और मुझे उसका ऐसे टच करना बहुत ही अच्छा लगा| मैंनें कोई रिएक्शन नहीं दिया| औरइसे देख कर मोहित मेरे और भी करीब आ गया और मेरी जांघ को टच करनें लगा| उस नें कहा की तुम हमेशा ही ऐसे कपडे पहनती हो क्या?
मैं शरमाई और मैंनें कहा हां घर में यही ड्रेस होती हे मेरी| मोहित मेरे और भी करीब हो गया और अब वो दोनों हाथ से मेरी लेग्स और जांघो को सहलानें लगा| उसनें कहा तुम्हारी लेग्स बहोत ही सुंदर हैं मैं हमेशा ही इन्हें देखता हूँ| ये सुनकर मैं थोडा पीछे को हुई| मोहित फिर मेरे पास आ गया और बोला क्या मेरे पास आना नहीं चाहती हो? मैं चुप थी और कुछ नहीं बोली|
और फिर वो और थोडा करीब आया और उसनें मेरे चहरे को ऊपर किया और बोला! जवाब तो दे दो!
मैं कहा! हां!
ये सुन के मोहित की हिम्मत जैसे औ भी बढ़ गई| और वो मेरे एकदम नजदीक हो के मेरे होंठो के ऊपर हलके से हाथ से टच करनें लगा| फिर उसनें मुझे कहा! क्या तुमनें कभी किसी के साथ किस किया हैं?
मैंनें अपनें सर को ना में हिला दिया|
और उसनें अपनें होंठो को मेरे होंठो के ऊपर रख दिए और किस कर दिया|
मुझे किस करना बहोत अच्छा लगा और मैं अंदर से जैसे पिगल रही थी| मोहित नें मुझे बाहों में जकड़ लिया और बेड पर लिटा दिया| उसके हाथ मेरे शॉर्ट्स में होते हुए मेरी पुसी तक पहुँच गए और वो मेरी पुसी को अपनें हाथ से हलके हलके से सहलानें लगा| मैं तो जैसे सब कुछ भूल गई थी और उसकी बाहों में पिग्लनें लगी थी|
मोहित नें अब मेरे कपडे उतारे और अपनी पेंट को खोल के खड़ा हो गया| इस से पहले की मैं कुछ समझ पाती उसनें अपना लंड मेरी पुसी के ऊपर रखा| उसका लंड एकदम गरम था| फिर उसनें मुझे किस किया और धक्के से अपनें लंड को मेरी पुसी में घुसा दिया| मुझे एकदम बहुत सब पेन हुआ और मेरी चीख निकल पड़ी|
मुझे चुप करनें के लिए मोहित मुझे लिप पर किस करनें लगा| और साथ साथ मुझे आहिस्ता आहिस्ता से चोदनें भी लगा| मुझे भी अच्छा लगनें लगा और मैं भी उसे किस करनें लगी| हम दोनों नें डीप फ्रेंच किस की| मोहित नें पूछा क्या तुम एन्जॉय कर रही हो! क्या तुम्हे अच्छा लगा मेरा चोदना? उसनें मेरे बूब्स को दबाना शरु कर दिया और बोला मैं कब से तुम को चोदना चाहता था! तेरे बूब्स! जांघ! लहस मुझे बहुत सेक्सी लगते हैं!
मैं पहले दिन से ही तुम को पूरा नंगा देखना चाहता था! तुम बहोत ही सुंदर हो और तुम्हारी पुसी बहोत ही गर्म हैं| मुझे आज बहुत मजा आया पुसी को चोदनें में| मैंनें ऐसी बाते कभी नहीं सुनी थी और ये पहला अनुभव था|
मोहित अपना लंड अभी भी मेरी पुसी में डाल के लेटा था| मैं तो पागल होनें लगी और उसकी पीठ पर नाख़ून मारनें लगी| मोहित और भी एक्साइटेड हो गया और मुझे जोर जोर से ठोकनें लगा| वो बार बार बोल रहा था की मैंनें तेरी पुसी लेनी हैं और उसका मजा आ रहा हैं मेरी जान! वो इतनें जोर जोर से चोदनें लगा था की मेरा एकदम से बुरा हाल हो गया था|
अब मोहित नें मेरे बाल खींचे और मेरे ऊपर बैठ के मुझे चोदनें लगा| बस वो यही कह रहा था की आज तेरी गरम पुसी चोदनें में बहुत मजा आ रही हैं मेरी जान| फिर एकदम से उसका पानी मेरी पुसी में ही चूत गया| वो थक के मेरे ऊपर ही लेट गया|
कुछ देर बाद उसनें मेरे बालों में हाथ फेरा और बोला की उसे बहुत मज़ा आया और मैं बहुत ही सेक्सी हूँ|
मैं बहुत थक गई थी| हम लोग ऐसे ही कुछ देर नंगे लेटे रहे| फिर मैंनें उठ के कपडे पहनें और मैं रूम से बहार चली गई|
मोहित कपडे पहन कर मेरे पीछे आया और मुझे हग कर के बोला! तुम कमाल की हो| मैंनें स्माइल किया और पीछा की क्या तुम कुछ देर रुकना चाहोगे? मोहित नें कहा हां और अगर तुम चाहो तो मैं एक बार और तुम्हे चोदना चाहता हूँ| और ये कहते हुए उसनें मुझे आँख मारी|
और फिर उसनें मुझे जोर का चोदा| मेरा तो दो बार उसका लंड ले के बुरा हाल हो गया था| और फिर मोहित रोज मम्मी पापा के ऑफिस जानें के बाद मेरे घर मुझे चोदनें के लिए आनें लगा| एक दिन मेरी सहेली नें हम दोनों को नंगा देख लिया बिस्तर के अन्दर जब मैं उसका लंड चूस रही थी| और फिर क्या हुआ वो मैं आप को अपनी अगली कहानी में लिख के भेजूंगी!

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