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“दोस्ती से चुदाई तक का सफर तय किया”-2

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अब तक इस अन्तर्वासना पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपनी पड़ोसन को एक आधे बने मकान में ले जा कर चोदा|
अब आगे:

अगले दिन 11|00 बजे ही उसका फ़ोन आया- काम वाली चली गई है! लड़की स्कूल गई है! अतः तुम आ जाओ|

सोसाइटी के मकानों में दो एंट्री हैं अर्थात एक कमरे को किराये पर दिया जा सकता है| उसने मेन गेट पर ताला लगा रखा था तथा दूसरे कमरे! जिसकी एंट्री बाहर से भी थी और अंदर से भी थी! वहां से मुझे आने को कहा| मैं बाहर वाले कमरे से अंदर गया| बाहर से ऐसा लग रहा था जैसे फ्लैट में कोई नहीं है|

वह ड्राइंग रूम में मेरा इन्तजार कर रही थी! मुझे देखते ही भाग कर मेरे सीने से लग गई| मैं उसे देखता ही रह गया| वह एक पारदर्शी गाउन में अप्सरा लग रही थी| पूरा मेकअप करके! बहुत ही मदहोश करने वाला परफ्यूम लगा रखा था| उसने नीचे कोई कपड़ा नहीं पहना था| मैंने कमरा अंदर से लॉक कर दिया था और उसे बाँहों में उठा लिया| पहले दिन! रात होने के कारण उसका जिस्म ठीक से दिखाई नहीं दे रहा था|

उसका शरीर एकदम गोरा! गोल गोल भारी और खड़ी चूचियाँ गजब ढा रही थीं| मैंने खड़े खड़े ही उसके गाउन के अंदर से सारे शरीर पर हाथ फिरा दिया| मैं वियाग्रा की गोली खाकर आया था| मेरा लंड तनकर लोहे की रॉड बना हुआ था|
उसने मेरी पैंट खोली और लंड को बाहर निकाला| मैं सोफे पर बैठ गया! वह नीचे कालीन पर घुटने के बल बैठ कर मेरा लंड मुंह में ले कर चूसने लगी| करीब 15 मिनट तक उसने तरह तरह से मेरे लंड को चूसा|

मैं उसे उठा कर बैडरूम में ले गया और 69 की पोजीशन में आकर उसकी गुलाबी! गोरी! चूत को चूसने लगा| पाव रोटी की तरह से फूली हुई चूत पर एक भी बाल नहीं था| थोड़ी देर में वह झड़ गई| मैंने उसकी चूत का रस पिया|

वह मुझे अपने ऊपर खींचने लगी| उसका इशारा लंड को चूत में लेने का था| मैंने उसकी टांगों के बीच बैठ कर उसके घुटने मोड़े और चूत को दो उंगलियों से खोल कर देखा| जालिम की चूत का छेद कुँवारी लड़की जैसा था|

मैंने चूत के दाने को रगड़ा तो वह सीत्कार भरने लगी| चूत और लंड दोनों गीले हो कर चिकने हो गए थे| मैंने उसकी टांगों को अपने कन्धों पर रख कर लंड पर दबाव दिया! लंड चूत के छेद में घुसता चला गया| वह कसमसाने लगी और आनंद से उसने आँखें बंद कर ली| मैंने एक जोर का झटका देकर सारा लंड अंदर घुसेड़ दिया| वह दर्द और मजे से चीखने लगी| मेरे ऊपर वियाग्रा का असर इतना हो गया था कि मैंने उसकी चूत में तूफान उठा दिया| वह मजे से चिल्लाने लगी| आह… ऊह…| हाय… चोदो…| जोर से चोदो…| मेरी चूत को फाड़ दो… इसको चोद चोद कर फाड़ दो|

बहुत देर तक उसी पोजीशन में मैं उसे चोदता रहा| उसकी टाँगें थक गई थीं| उसने थोड़ा रुकने को कहा| इस बीच वह कई बार झड़ चुकी थी|

मैंने उसे बेड के कोने पर घसीट लिया और नीचे फर्श पर खड़ा हो कर उसे चोदने लगा| दस मिनट की चुदाई के बाद मैंने उसे खड़ा किया और दीवार के साथ लगा कर खड़ा कर दिया| उसकी टांगों को चोड़ा करके लंड को चूत में डाला और उसे ऊपर की ओर उठा लिया| वह मेरे लंड पर चढ़ गई! उसने अपने हाथ मेरी गर्दन पर डाल लिए और अपने पैर मेरी कमर से लपेट लिए|
अब वह मेरे लंड पर झूल रही थी और मैं उसे दीवार से सटा कर चोद रहा था| मैंने अपने दोनों हाथों से उसके चूतड़ों को पकड़ रखा था और झूला झूला कर लंड की ठाप मार रहा था| उसकी चूत बार बार पानी छोड़े जा रही थी! जिसकी बूंदें फर्श पर गिर रही थी|

वह आनंद से सिसकारियाँ ले कर तरह तरह की आवाजें निकाल रही थी| हम दोनों पसीना पसीना हो रहे थे| मेरा लंड वीर्य छोड़ने का नाम नहीं ले रहा था| जब उसकी चूत चोदते हुए मुझे एक घंटा हो गया था तो उसकी चूत दुखने लग गई थी! उसने थोड़ा रेस्ट करने को कहा| मैंने उसे छोड़ दिया|

वह फ्रीज़ से बियर ले कर आई और नंगी मेरी गोद में आकर बैठ गई| हमने दो मग बियर के पिए और फिर शुरू हो गए|

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अबकी बार मैंने उसे घोड़ी बनाया और अपना लंड एक ही बार में उसके पीछे से उसकी चूत में घुसेड़ दिया| उसकी चीख निकल गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ मैंने उसके दोनों चूतड़ों को पकड़ा और स्पीड से चोदने लगा| नीचे से दोनों हाथों से उसकी चूचियों को मसलता रहा| उसने अपना मुँह और चूची बेड पर टिका दी! उसकी गांड और चूत अब ठीक मेरे लंड के सामने आ गई| मुझे उसको चोदते हुए बहुत देर हो गई थी! यह गोली का असर था|
अब उसने कहा- मेरी बेटी आने वाली है! अब अपना यह तूफ़ान शांत कर लो|

मैंने उसे फिर बेड पर कमर के बल लिटाया और उसकी टांगों को अपने कन्धों पर रख कर चोदने लगा| जबदस्त चुदाई के बाद आखिरकार मैंने अपने वीर्य से उसकी चूत को सराबोर कर दिया| सारी चादर गीली हो गई थी|
उसने कहा- अब मैं एक महीना चूत नहीं मरवाऊँगी| मैं पूरी तरह से रज गई हूँ|

मोहिनी ने बताया कि वह लड़की से परेशान है| उसका अपने एक सड़क छाप क्लास मेट बॉय फ्रेंड से चक्कर है| वह छुड़ाना है|
उसने मुझे कहा कि तुम मेरा कमरा किराये पर ले लो और कुछ ऐसा करो जिससे लड़की का उसके बॉय फ्रेंड से पीछा छूटे|
उसने कहा- कल तुम अनजान बन कर मेरे घर आना और कमरा किराये पर लेने की बात करना| मैं तुमसे कहूँगी कि तुम ज्योति को पढ़ा भी देना|

अगला दिन इतवार था| मैं उसी समय 11|30 पर उसके घर गया| बैल बजाई तो दरवाजा लड़की ने खोला! वह ज्योति थी| जबरदस्त जवानी चढ़ी हुई थी उस पर| उसने टाइट टीशर्ट और बहुत ही छोटी टाइट! बदन से चिपकी हुई पतली सी निक्कर डाल रखी थी! जिसमें से उसकी चूत के उभार साफ दिखाई दे रहे थे| उसका फिगर भी 36-32-36 होगा|

उसने मेरे बारे में पूछा तो मैंने पूछा- आपके घर कमरा किराए पर मिलेगा?
तभी उसकी मम्मी आ गई और नमस्कार करके बोली- बाहर क्यों खड़े हैं! अंदर आ जाइये! मैं आपको अच्छी तरह से जानती हूँ|

मोहिनी ने कहा- वैसे तो हमें किरायेदार की जरुरत नहीं है! परंतु यदि आप ज्योति की स्टडी में मदद कर दें तो हम आपको कमरा दे सकते हैं|
मैंने तुरंत हाँ कर दी और कहा- मैं पिछले फ्लैट में 7000 रूपये में पेइंग गेस्ट के रूप में रह रहा हूँ! वही आपको दे दूँगा|
मोहिनी ने कहा- ठीक है|

मोहिनी चाय बनाने किचन में चली गई| मैं ज्योति से उसकी स्टडीज के बारे में बातें करने लगा! परंतु मेरा सारा ध्यान उसकी उभरी हुई चूत! टीशर्ट फाड़कर बाहर दिखाई देते मम्मे व उसके गोरे गोरे मांसल पटों को देखने में था| उसके हुस्न को देख कर मेरा आठ इंची लौड़ा मेरी पैंट को फाड़ने लगा था| ज्योति ने यह सब भांप लिया था कि मैं उसकी चूत को देख रहा हूँ| वह भी मेरे अकड़े हुए लंड को देख रही थी|

उसने कहा- आप मेरी हेल्प कर देंगे न?
मैंने कहा- तुम चिंता मत करो! तुम्हारी हर समस्या का समाधान कर दूंगा|

मैंने उसी दिन उस कमरे में शिफ्ट कर लिया|
उस कमरे की लोकेशन ऐसी थी कि उसका एक गेट बाहर खुलता था! एक ड्राइंग रूम में! तथा एक अटैच्ड बाथ रूम था जो मोहिनी के कमरे के साथ कॉमन था| ज्योति अलग बेड रूम में सोती थी|

हम रात का खाना खा कर ड्राइंग रूम में बातें कर रहे थे| तभी ज्योति का फ़ोन आ गया! फ़ोन लेकर वह अपने कमरे में चली गई|

मोहिनी ने कहा- उसी बॉयफ्रेंड का फ़ोन है|
कुछ देर बाद ज्योति ने अपना दरवाजा बंद कर लिया|

मोहिनी ने बताया- यह लड़की हाथ से निकल चुकी है और उस लड़के के साथ पिक्चर देखने व बाहर घूमने जाती है! शायद यह उससे चुदवा भी चुकी होगी|

मैंने मोहिनी को बताया- उस लड़के को भगाने के लिए मुझे ज्योति से फ्रेंडशिप करनी होगी|
मोहिनी ने कहा- कोई बात नहीं! तुम इसका उससे पीछा छुड़वाओ|
मोहिनी ने बताया- यह लड़की मुझसे तो बात भी नहीं करती! हमारा तो झगड़ा ही होता रहता है|

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