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“ठंड की रजाई बहन की चुदाई”

दोस्तों में उत्तरप्रदेश का रहनें वाला हूँ|| लेकिन अपनी पड़ाई के लिए तीन साल पहले दिल्ली में आ गया था और अब नौकरी करता हूँ| मेरे घर में मेरे पापा, मम्मी और एक बहन रहती है||Antarvasna sex stories, hindi sex stories.

तो उसनें दिल्ली आकर दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया और हम दोनों एक साथ में रहनें लगे|| मुझे अकेले थोड़ी दिक्कत भी होती थी|| लेकिन वो घर का सब काम कर देती थी इसलिए में काम चला लेता था|
मैंनें एक कमरा किराए पर ले रखा था|| जिसका एक महीनें का किराया 1300 रुपये था|| लेकिन उसमे एक ही रूम था और एक सिंगल बेड, एक छोटी सी किचन और एक बाथरूम और सब ऐसे ही सही चल रहा था और फिर हमे साथ रहते रहते ऐसे ही करीब तीन महीनें गुज़र चुके थे

वो गर्मियों का मौसम था| एक दिन वो बेड पर सोती थी और एक दिन में और फिर धीरे धीरे ठंड होनी शुरू हो गई तो हमे थोड़ी दिक्कत होनें लगी और फिर एक दिन हमनें सोचा कि डबल बेड तो आ नहीं सकता इसलिए हम दोनों एक बेड पर ही सो जाते है और उस टाईम हमारे बीच कुछ ग़लत विचार नहीं थे|
मेरी बहन नेहा के बूब्स थोड़े बड़े थे|| इसलिए कभी मेरे हाथ से उसके बूब्स छु जाते थे|| तो कभी में जानबूझ कर हल्के से दबा देता था| दोस्तों मैंनें कभी सेक्स नहीं किया था||
फिर मुझे धीरे धीरे मज़ा आनें लगा|| लेकिन नेहा नॉर्मल थी| वो सर्दियों का मौसम था और उस समय दिल्ली में बहुत सर्दी होती है|| में पजामा पहनता था और नेहा मेक्सी| फिर एक रात मैंनें अंदर अंडरवियर नहीं पहना हुआ था और रात को मेरा लंड तन गया और नेहा की जांघ पर लगनें लगा||
लेकिन नेहा कुछ नहीं बोली| तो मैंनें अपनें पजामे को हल्का सा ढीला किया और हल्का सा लंड बाहर निकाल लिया और नेहा की जांघ में रगड़ना शुरू कर दिया| नेहा नें अपना चेहरा मेरी तरफ कर लिया और उसके दोनों हाथ अंदर कम्बल में थे और फिर मैंनें अपनें लंड का टोपा उसके हाथ पर रख दिया
और आँखें बंद करके ऐसे ही पड़ा रहा और मुझे पता नहीं मेरी आँख कब लग गई और अगले दिन जब सुबह उठा तो मेरा लंड खड़ा था और नेहा किचन में चाय बना रही थी| शायद उसनें मुझे देखा नहीं था और में भी आँखें बंद करके ऐसे ही पड़ा रहा
और जब नेहा अंदर आई तो उसनें मेरे लंड का टोपा देख लिया और ऐसा जतानें लगी कि जैसे कुछ देखा ही ना हो|| एकदम नॉर्मल| में फिर उठकर नौकरी पर चला गया|| अब मुझे बस रात होनें का इंतज़ार था|
फिर शाम के 6 बज चुके थे और में अपनें घर पर आ गया|| नेहा पढ़ाई कर रही थी| में जल्दी से बाथरूम में गया और नहाकर बाहर आया और खाना खाकर बेड पर लेट गया और नेहा भी थोड़ी थकी हुई थी|
वो भी लेट गई|| आज वो भी कुछ अलग लग रही थी क्योंकि उसनें मेक्सी की बजाए शर्ट पहनी थी और उस समय रात के 11 बज चुके थे और मुझे बस नेहा के सोनें का इंतज़ार था|
नेहा का चेहरा मेरी तरफ था और मैंनें हल्के से अपना हाथ उसके बूब्स पर रख दिया और धीरे धीरे दबानें लगा वो भी शायद इसी के लिए जाग रही थी| फिर मैंनें उसकी शर्ट को ऊपर करके एक बूब्स को बाहर निकाल लिया और चूसनें लगा|| उसके बूब्स सच में बहुत बड़े थे और मेरे एक हाथ में आ ही नहीं रहे थे
और अब मेरा लंड खड़ा हो चुका था| मैंनें अपनी शर्ट को उतार दिया था और में पहले से ही नीचे से बिल्कुल नंगा था| मैंनें अब उसकी जिन्स को भी उतार दिया था और वो भी अब नीचे से नंगी थी|
फिर मैंनें अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रख दिया था और में उसे गरम करनें के लिए लंड को चूत पर घुमा रहा था|| उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था|| लेकिन वो आँखें बंद करके लेटी हुई थी और बस मेरा साथ दे रही थी|
तो मैंनें मौका देखकर एक जोर का झटका मारा और मेरा आधा लंड अंदर जा चुका था और अब मुझे भी पूरा विश्वास आ गया था कि वो भी यही चाहती है जो में चाहता हूँ| फिर मैंनें अपनें दोनों हाथ उसके पास में रखे और उसे जोर जोर के धक्के देकर चोदना शुरू कर दिया||
लेकिन उसकी चूत से खून निकल रहा था और वो भी अब जग गई थी और उसनें मुझे भी पकड़ रखा था और सिसिकियाँ ले रही थी|| में उसे ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोद रहा था और अब उसकी चूत से बहुत खून निकल रहा था और पूरे कमरे में चुदाई की आवाज़ आ रही थी|
फिर मैंनें अपना लंड बाहर निकाला और उसकी चूत को चाटनें लगा|| तभी उसनें अपनें दोनों पैर फैला दिए और मुझे अपनी चूत पर दबानें लगी और चूतड़ उठा उठाकर चटवानें लगी|
फिर करीब दस मिनट उसकी चूत चाटनें के बाद में लेट गया और वो मेरे लंड को अपनें मुहं में लेकर जोर जोर से चूस रही थी और मैंनें उठकर उसका सर पकड़ा और थोड़े बहुत धक्के देकर उसके मुहं में झड़ गया| वो मेरा पूरा वीर्य पी गई और फिर हमनें 2 बार और वैसे ही चुदाई की और फिर ऐसे ही नंगे पड़े पड़े सो गए|
अगले दिन सुबह मेरी आँख खुली वो मेक्सी में थी और मेरे लिए चाय बना रही थी और में नंगा ही बेड पर पड़ा हुआ था और मुझे बहुत शरम आ रही थी|| थोड़ी देर बड़ा में उठा और अपनें कपड़े पहननें लगा और किचन में आया और वो मुझे देखकर हंस रही थी|
तभी मैंनें उसे सॉरी कहा और उसनें कहा कि कोई बात नहीं ऐसा होता है| मैंनें फिर उसे सॉरी कहा और उसका हाथ पकड़ लिया|| तो उसनें कहा कि आप जैसा मर्द किसी औरत को मिल जाय तो वो बहुत खुशकिस्मत होगी? तो मैंनें कहा कि ऐसा क्यों?
फिर वो बोली कि आपनें कल रात मेरे साथ जब भी सेक्स किया तो मुझे करीब आधे घंटे तक नहीं छोड़ा| तो में बहुत हैरान रह गया और वो अपनी इस चुदाई से बहुत खुश थी| फिर मैंनें कहा कि ठीक है में अब तुम्हारी फिर से ऐसे ही चुदाई करूंगा| फिर हम दो महीनें तक ऐसे ही बिना रुके चुदाई करते रहे और अपनी अपनी प्यास बुझाते रहे|
अब वो पूरी 22 साल की हो चुकी है और उसकी चूत भी बहुत बड़ी हो चुकी है| दोस्तों मेरे लिए एक करोड़पति बाप की लड़की का रिश्ता आया था और इसलिए मैंनें अपनें एक दोस्त के साथ जो कि मेरी ही कंपनी में था उसकी शादी मेरी बहन के साथ करवा दी और मेरे भी शादी हो गई||
लेकिन मेरी बीवी ज़्यादा सुंदर नहीं थी|| बस मुझे शादी के बाद दहेज में 3 करोड़ रुपय मिले|| एक फार्म हाऊस और दो गाड़ियाँ| नेहा अभी भी मुझे चाहती है और हमे जब भी मौका मिलता है हम सेक्स करते है|| क्योंकि नेहा का पति अविनाश ज़्यादातर बीमार ही रहता है और सेक्स नहीं कर पता है और नेहा बहुत हॉट सेक्सी है|
मेरे बीवी शिल्पा को भी सेक्स करना बहुत अच्छा लगता है क्योंकि हम ज्यादा सेक्स नहीं करते और इसलिए वो सेक्स की भूखी थी और उसकी चूत हमेशा लंड को तरसती है| जब भी मौका मिलता तो में नेहा को बहुत चोदता था

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