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“छोटे भाई से चुत चुदाई कराई”

मेरा नाम सबीना अंसारी है, मेरी उम्र 20 साल है, रंग गोरा है| मैं अपनी लाइफ की रियल सेक्स स्टोरी बतानें जा रही हूँ|

मेरा एक छोटा भाई है अहमद जिसकी उम्र 18 साल है| मैं बी एस सी दूसरे साल में थी और मेरा भाई बारहवीं में था| हम दोनों घर पर साथ साथ पढ़ते थे, बेड बड़ा था इसलिए उसी पर एक साथ सो जाते थे|

एक दिन हम दोनों भाई बहन उसी बेड पर सो रहे थे कि तभी अचानक मेरी आँख खुली और मैंनें देखा कि मेरा भाई अपनें लण्ड की खाल को ऊपर नीचे कर रहा था| मैं चुपचाप देखती रही, फिर कुछ देर बाद मेरे भाई के लण्ड से पानी निकला और वह फिर सो गया|

मैंनें देखा कि मेरे भाई का मोटा लंड करीब 6 इंच का था, उसे देखकर मेरी नींद उड़ गयी, मैंनें सोचा कि कैसे भी करके अपनें भाई से चुदाई करवाऊँगी| मैंनें दूसरे दिन जब रात हुई तो मैंनें अपनी पैंटी और ब्रा उतार कर मैक्सी पहन ली और मैं सोनें का नाटक करनें लगी, मेरा भाई अभी जाग रहा था|

तभी मैंनें अपनी मैक्सी धीरे धीरे ऊपर कर ली और मेरी बुर साफ नजर आ रही थी| जब मेरा भाई मेरी ओर घूमा तो उससे रहा नहीं गया और धीरे धीरे मेरे पास आकर लेट गया, उसनें अपना हाथ मेरी गांड पर रख दिया|

मैं कुछ ना बोली|

फिर अहमद धीरे धीरे मेरे चूतड़ सहलानें लगा, मुझे मजा आ रहा था| फिर वह मेरी बुर सहलानें लगा|

तभी मैंनें कहा:- अहमद, ये क्या कर रहे हो? मैं तुम्हारी बड़ी बहन हूँ|

वो डर गया कि कहीं मैं अब्बू से न कह दूँ|

फिर मैंनें पूछा:- कल क्या कर रहे थे तुम?

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वो कुछ न बोला, वो डरा हुआ था|

मैंनें कहा:- डर क्यो रहे हो? बताओ… मैं तुम्हें कुछ नहीं बोलूंगी|

पर वो न बोला|

फिर दोनों लेट गए, मैंनें फिर से अपनी मैक्सी ऊपर कर ली और गांड अहमद की ओर… अहमद जब मेरी ओर घूमा तो वो मेरी नंगी गांड देख रहा था, उसका लंड खड़ा हो गया, वह समझ गया कि मैं अपनी बुर की चुदाई करवाना चाहती हूँ|

वो धीरे से मेरे पास आया और मेरी गांड सहलानें लगा, मुझे गर्मी आनें लगी, मैं चुपचाप सोनें का नाटक कर रही थी, वो धीरे धीरे मेरे बूब्स दबानें लगा, मुझे और मजा आ रहा था, उसका लंड मेरी गांड में चुभ रहा था पर मुझे अच्छा लग रहा था|

फिर मैं सीधी लेट गयी और जुनेंद नें मेरी दोनों जाँघों को फैला दिया, मेरी गुलाबी बुर देख कर अहमद उसे चाटनें लगा, मैं आह आह की सिसकारियाँ भर रही थी|

तब मैंनें अपनी मैक्सी उतार दी, अब मैं पूरी नंगी थी, अहमद नें भी अपनें सारे कपड़े उतार दिए, वो भी नंगा था, अब वो मेरे बूब्स चाट रहा था, मैंनें कहा:- अहमद, अब रहा नहीं जाता|

फिर अहमद नें अपनें लंड पर थूक लगाया और मेरी बुर के छेद पर रखा, फिर एक धक्का लगाया और आधा लंड मेरी बुर में चला गया|

मैं चिल्लानें लगी तो घबरा कर उसनें अपना लंड बाहर कर लिया लेकिन मैंनें अपनें चूतड़ हिलाए तो उसनें फिर एक धक्का लगाया और पूरा लंड मेरी बुर में चला गया, मेरी बुर से खून निकल आया, मुझे बहुत मीठा दर्द हो रहा था|

कुछ देर बाद अहमद का पानी निकल गया और वो कुछ देर मेरे ऊपर लेटा रहा| फिर वो नीचे उतरा, मैंनें अपनी बुर साफ की|

तब से हम दोनों भी बहन रोज चुदाई करते हैं|

Antarvasna

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