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चुद गई मेरि प्यारी बिहनिया-1

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मेरा नाम नितिन गर्ग है और मैं पानीपत हरयाणा का रहनें वाला हूँ। मेरी ऐज 22 वर्ष है।
यह स्टोरी मेरे और मेरे चाचा जी की लड़की की है। मेरे चाचा जी की लड़की का नाम रीना है। उसकी उमर 21 वर्ष है।
यह कहानी 2 साल पहले से शुरु होती है, हम दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे, वो बीकॉम के आखिरी साल में है और मैं भी उसी की क्लास में हूँ।
हम दोनों बचपन से ही अच्छे दोस्तों की तरह रहते हैं। हमारे घर में मेरे मम्मी-पापा, मेरी छोटी बहन गुड्डू है जो बारहवीं कक्षा में है और मेरे चाचा-चाची और रीना और उसकी छोटी बहन खुशी रहते हैं।
हम दोनों कॉलेज में एक साथ ही जाया करते थे। वो मेरी बाइक के पीछे बैठा करती थी। वो बिल्कुल मुझसे चिपक कर बैठा करती थी।
हमारे कॉलेज में किसी को भी नहीं पता था कि हम दोनों भाई-बहन हैं। तो हम दोनों हमेंशा सबको बोलते थे कि ये मेरी गर्ल-फ्रेंड है और मैं उसका ब्वॉय-फ्रेण्ड।
सभी कॉलेज के लड़के मुझसे जलते थे, क्योंकि सभी रीना को अपनी गर्ल-फ्रेंड बनाना चाहते थे। रीना देखनें में बहुत ही सेक्सी थी, उसकी फिगर साइज़ 34-36-34 था।
हम दोनों कैंटीन में एक साथ खाना खाते थे। कॉलेज के सभी टीचर्स भी हमें बोलते थे कि तुम्हारी जोड़ी बहुत बढ़िया लगती है। कॉलेज में यूथ-फेस्टिवल का प्रोग्राम था, तो उसमें टीचर्स नें डान्स करनें के लिए हमारा नाम भी डाल दिया।
मैंनें तो डान्स करनें के लिए मना कर दिया था, क्योंकि मैं डान्स में थोड़ा सा कच्चा हूँ, पर रीना को पता नहीं क्या हुआ, वो मान गई।
मैं रीना को मना कर नहीं सकता था, तो मैंनें भी हाँ कर दी।
रीना मुझे घर में डान्स सिखानें लग गई।
रीना को सीखाते हुए दो दिन हो चुके थे, वो बार-बार बोलती थी, हमें कुछ ऐसा करना है कि हम ही विनर बनेंं और मैं भी हाँ कर देता था।
रीना के साथ डान्स सीखते हुए मुझे बहुत मज़ा आनें लग गया था, मेरा बहुत अच्छा टाइम-पास होनें लग गया था, मैंनें रीना को कभी ग़लत नज़रों से नहीं देखा था।
रीना नें आज मुझे एक नया स्टेप सिखाना था, इसमें मुझे उसे चूचों के नीचे से पकड़ कर घूमना था।
जब मैंनें सुना तो मैंनें मना कर दिया, तो उसनें मुझे समझाया कि इसमें क्या बात हो गई, इसमें क्या ग़लत है? ये सब तो आज कल चलता ही है।
तो मैंनें हामी भर दी।
उसनें नाइट सूट पहना हुआ था, क्योंकि हम दोनों रात को ही प्रैक्टिस करते थे। उसका सिल्की नाइट सूट को टच करते ही मेरे शरीर में एक सिहरन सी दौड़ पड़ी।
फिर मैंनें अपनें आप को संभाला और पहले उसके पेट पर हाथ लगाया और अपनें आप को कंट्रोल किया। वो मेरी गरम सांसों को महसूस कर सकती थी।
वो मेरे साथ चिपकी हुई खड़ी थी। मैंनें उसके चूचों पर सीधा हाथ रख दिया और ज़ोर से पकड़ कर उसे उठानें ही लगा था कि वो चिल्लाई, “हटा हाथ… क्या कर रहा है..!”
मैंनें उसके चूचों को पहली बार छुआ था, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना है।
तो उसनें मेरे हाथ पकड़े और अपनें चूचों के नीचे रखवाए और बोली- यहाँ से पकड़ना है बेवकूफ़…! और मुझे ऊपर उठा कर घूमना है। ओके.. समझ गया न…!
मेरा लण्ड उसके कूल्हों के स्पर्श से खड़ा हो चुका था, मुझे भी नहीं समझ आ रहा था कि आज यह क्या हो रहा है।
मेरा लण्ड का स्पर्श का अहसास उसे भी हो चुका था इसलिए वो भी अटपटा महसूस कर रही थी, पर उसनें मुझे शो नहीं होनें दिया कि उसे ऐसा कुछ लग रहा है।
मैंनें 3-4 बार में सही किया, वो बहुत खुश थी और उसनें मुझे प्यार से मेरे चेहरे पर चूमा और बोली- लव यू भैया..!
और मैंनें भी उसे स्माइल दी और बोला- नेंक्स्ट टाइम, पहली बार में ही सही करूँगा।
फेस्ट का दिन आनें ही वाला था और उसके ऊपर बर्डन बढ़ता ही जा रहा था।
अगले दिन हमनें पहले पिछले डान्स की प्रैक्टिस की और फिर आगे की तैयारी शुरु कर दी। आज मुझे उसको पीछे कूल्हों पर से पकड़ कर ऊपर उठाना था, जो हमारे डान्स का अन्तिम स्टेप था।
यह स्टेप करनें से पहले हम दोनों को गले मिलना था और मेरे गले मिलते ही मेरे लण्ड का स्पर्श उसकी चूत पर हो गया, उसको भी थोड़ा अजीब लगा।
वो बोली- कंट्रोल कर..!
यह बात सुन कर मैं उससे दूर हो गया। मुझे बहुत शर्म आ रही थी क्योंकि वो मेरी चाचा जी की लड़की है।
मैंनें उसे बोल दिया- मुझसे नहीं होगा यह डान्स..!
तो वो बोली- भाई प्लीज़ ऐसा मत बोल..!
और मेरे पास बैठ गई और बोली- अब तो कर ले, पर प्लीज़ स्टेज पर कंट्रोल कर लियो..!
मैंनें भी हामी भर दी और लग गया प्रैक्टिस करनें, वो बहुत खुश थी।
मैंनें उसको उसके कूल्हे पर से पकड़ लिया तो वो बड़े प्यार से बोली- नीचे से पकड़ न..!
और मैंनें और नीचे से पकड़ कर उठाया तो उसके चूचे बिल्कुल मेरे मुँह के सामनें थे।
मैं उनकी खुशबू महसूस कर सकता था।
तभी उसनें मुझे कोहनी मारी- बस उठा कर भागेगा क्या… नीचे उतार दे अब तो..!
मैंनें उसे नीचे उतार दिया और हम अपनें अपनें कमरे में सोनें के लिए चले गए।
अगले ही दिन कॉलेज में हमारा डान्स था और सुबह हुई तो मैं अपनें दोस्तों के साथ घूमनें चला गया।
रीना मेरा घर पर इन्तज़ार करती रही, मैं रात को घर आया, वो मुझ पर बहुत गुस्सा थी, वो मुझसे ढंग से बात भी नहीं कर रही थी।
मैं भी सोनें चला गया, पर मुझे नींद नहीं आ रही थी, तो मैं रात को 12 बजे उसके कमरे में चला गया।
वो बहुत सुंदर लग रही थी, मैंनें उसको उठाया- उठ जा… अब सारा गुस्सा आज ही निकालना है, थोड़ा बाद के लिए भी रख ले…!
वो मुझे देख कर चौंक गई और बोली- इतनी रात को तू यहाँ पर क्या कर रहा है?
मैंनें बोला- प्रैक्टिस नहीं करनी तूनें?
तो वो खुश हो गई और बोली- भाई इतनी अच्छी नींद आई हुई थी, सपनो में हमनें अवॉर्ड भी जीत लिया था।
तो मैंनें उसे समझाया- सपनों में नहीं, हम सच में जीतेंगे।
और प्रैक्टिस शुरू कर दी।
मैंनें जीन्स पहनी हुई थी तो मुझसे सही से घूमा नहीं जा रहा था, तो वो बोली- भैया चेंज कर लो।
मैंनें चेंज करनें जानें लगा, तो वो बोली- भैया दस मिनट की ही तो प्रैक्टिस करनी है, विदाउट जीन्स कर लो।
मैंनें जीन्स उतार दी और मैंनें डान्स शुरु कर दिया। मेरे अंडरवियर में से उसे मेरे लण्ड की लम्बाई साफ़ दिख रही थी और उसकी भी आँखें नींद से खुलनें लग गई थीं।
जब मैंनें उसको चूचों से पकड़ कर उठाया, तो मेरे हाथ उसको चूचों को अपनें आप मसले जा रहे थे। उसनें ब्रा नहीं पहनी हुई थी। मेरा मन कर रहा था कि आज बस मसलता रहूँ… पता नहीं मुझे क्या हो गया था।
जब मैं उसको पीछे से उठानें लगा, तो मेरा लण्ड अंडरवियर से बाहर आनें को हो रहा था।
उसकी चूत पर मेरा लण्ड डान्स के नए-नए स्टेप कर रहा था।
जब मैंनें उसको पीछे से हाथ लगाया तो पता लगा कि उसनें पैन्टी नहीं पहनी है।
तो मैंनें उससे पूछ ही लिया- आज तुम्हें टच करनें से कुछ अलग सा लग रहा है।
तो वो हँस कर मुझे टालनें लगी।
मैंनें दोबारा पूछा, तो उसनें बताया- आज मैंनें ब्रा और पैन्टी नहीं पहनी क्योंकि मुझे रात को पहनना अच्छा नहीं लगता।
और रीना नें मुझसे भी शरमाते हुए पूछ लिया- आज तुम्हें क्या हुआ है?
मैंनें बोला- मैं कुछ समझा नहीं?
तो उसनें मेरे लण्ड की तरफ़ इशारा करते हुए पूछा, तो मैंनें बोला- ये तो ऐसे ही रहता बस तुम्हें जीन्स के अन्दर से दिखता नहीं है।
कहानी जारी रहेगी।

Antarvasna

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