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“चुत चुदाई के बाद भैया बना सैया”

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दोस्तो, मैं हूँ आपकी दोस्त सेक्सी मधु| आज मैं आप लोगों को बताऊँगी कि मेरी चुदाई मेरे ही भाई नें कैसे की।
चलो, तो पहले मैं अपनें बारे में बताती हूँ। मैं बहुत ही सुंदर और सेक्सी लड़की हूँ| मेरे बड़े:-बड़े चूचे किसी का भी लण्ड हिला सकते हैं।

अब ज़्यादा समय ना लेते हुए मैं अपनी स्टोरी पर आती हूँ।

बात उस समय की है| जब मैं अपना एसएससी का एग्जाम देनें चेन्नई गई थी। चेन्नई में मेरा भाई रहता था| तो मैं उसके यहाँ रुक गई। वो मेरे दूर के मामा का लड़का था और चेन्नई में रूम लेकर रहता था।
जब मैं चेन्नई पहुँची| तो वो मुझे लेनें आया था। मैं उसके साथ उसके कमरे पर चली गई।

उसके कमरे पर जाकर देखा तो केबल एक ही बिस्तर था। उसनें बोला:- मधु तुम थक गई होगी| जा के नहा लो| मैं तेरे लिए चाय लाता हूँ।

मैं नहानें जैसे ही गई| तो देखा वहाँ पर कुछ सफेद कलर का जैल जैसा कुछ था।
मैं समझ गई कि आज भाई नें मुठ मार कर माल यहीं गिरा दिया है।

उसको देख कर मेरा मन भी कुछ करनें लगा| सो मैं अपनें सारे कपड़े उतार कर नहानें लगी और अपनी चूत में उंगली करनें लगी। पता ही नहीं चला कि कब भाई आ गया| जैसे ही उसनें आवाज़ लगाई| मैं एकदम से डर गई और जल्दी से तौलिया लपेट कर बाहर आ गई।

मेरा मन अब भाई की तरफ खिंच रहा था| क्योंकि मैंनें चूत में उंगली की| तो तो मैं बहुत गरम हो गई थी| और अब तो मुझे हर हाल में लंड चाहिए था| पर मैंनें थोड़ा संयम बरता।

फिर मैंनें अपनें कपड़े पहनें| खाना खाया| और भाई से थोड़ी बातें की और सो गई।

कमरे में एक ही बिस्तर था| तो भाई भी मेरे बगल में सो गया था, मैं थकी हुई थी| तो नींद जल्दी आ गई।
रात में करीब 2 बजे मेरी नींद खुली| मैंनें देखा कि भाई का लंड खड़ा हुआ है।
यह देख कर मुझसे रहा नहीं गया| और मैं भाई से चिपक कर सो गई।

जब कोई आहट न मिली| तो मैंनें भाई की बनियान को ऊपर करके उसके पेट पर हाथ रख लिया और आराम:-आराम से उसकी चड्डी में भी हाथ घुसेड़ दिया।
भाई शायद उठ गया था| पर सोनें का नाटक कर रहा था।
मैं समझ गई कि इसकी नींद खुल चुकी है।

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अब मैंनें भाई की चड्डी नीचे को की और अपना लोवर नीचे करके अपनी पैन्टी भी नीचे सरका दी और भाई से बिल्कुल चिपक कर लेट गई।
अब भाई से कंट्रोल नहीं हुआ तो उसनें भी अपना हाथ मेरी चूत पर रख कर छेद में उंगली अन्दर:-बाहर करनें लगा।

जैसे ही उसनें अपनी उंगली अन्दर की| मैं तो एकदम से तड़फ़ उठी।
उसको चूम लिया तो भाई नें बोला:- ये सब क्या चल रहा है?

मैंनें कुछ नहीं बोला और उठ कर उसका लंड लपक कर अपनें मुँह में ले लिया।
भाई तो ये देख कर दंग रह गया और बोला:- चल आज तुझे मैं असली चुदाई का मज़ा देता हूँ।
फिर भाई नें मेरे सारे कपड़े उतार कर फेंक दिए।

मैंनें भी भाई के सारे कपड़े उतार दिए, अब हम लोग एक:-दूसरे में खो गए।
भाई नें मेरी चूत चाटना शुरू कर दिया| मैं इस रस से तड़फ़नें लगी थी।

मैंनें भाई से सीत्कार करते हुए बोला:- आह्ह| भाई मैं तड़फ़ रही हूँ| अपनें लंड का मज़ा दो| एयाया| भाईईई ईईई| मुझे छोड़ दो… अपनी सिस्टर को चोद दो|
इतना सुन कर वो बोला:- मेरी रानी अब से तुम मेरी रानी हो| और मैं तेरा राजा| ये भाई-बहन का रिश्ता खत्म|
मैंनें ‘हाँ’ में ‘हाँ’ मिला दी।

अब हम दोनों 69 की पोजीशन में आकर एक:-दूसरे को चाटनें चूसनें लगे।
फिर मैंनें उससे बोला:- मेरे राजा अब और मत तड़फा| अपनें लंड से फाड़ दे मेरी चूत| और बना ले मुझको अपनी रंडी|
उसनें देर ना करते हुए मेरी चूत पर अपना लंड रखा और एक ही झटके में पूरा 7 इंच का मुस्टंडा लंड मेरी चूत में पेल दिया।

जैसे ही लंड मेरी चूत में गया| मुझे बहुत तेज दर्द हुआ।
मैंनें चिल्लाते हुए बोला:- ओह्ह| बहनचोद| निकालो इसे| बाहर| बहुत दर्द हो रहा है|
पर वो कहाँ सुननें वाला था| वो तो मेरी चूत ऐसे चोद रहा था| जैसे कोई रंडी को चोदता है।

थोड़ी देर बाद मुझे भी मज़ा आनें लगा, मैं भी उसका उछल:-उछल कर साथ दे रही थी।
करीब 10-15 मिनट बाद उसनें बोला:- मैं आनें वाला हूँ| कहाँ निकालूँ?
मैंनें बोला:- अपना लण्ड जल्दी से बाहर खींचो अन्दर मत झड़ना| अपना रस मेरे मुँह में निकाल दो|

उसनें तेजी से मेरी चूत से लौड़ा निकाला और उठ कर मेरे मुँह के पास लौड़ा चिपका दिया| मैंनें भी अपना मुँह खोल दिया और उसका हलब्बी मेरे मुँह में था।
फिर मैंनें उसके लंड का रस खूब चचोर कर पिया| और हम दोनों थक कर वहीं लेट गए।
पता ही नहीं चला कि हम दोनों की नींद कब लग गई।

मॉर्निंग में जब उठे तो मेरा राजा मेरे ऊपर ही चढ़ा था| तो मैंनें उसे उठाया और बोला:- मुझे एग्जाम देनें जाना है यार| मुझे सेंटर तक छोड़ दो|

इसके बाद मैं पूरे 7 दिन वहाँ रुकी| और कहानी के अगले भाग में मैं आपको बताऊँगी कि उसनें मेरी गाण्ड कैसे मारी और फिर मेरे साथ क्या:-क्या हुआ।

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