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"चाचा भतीजी का पवित्र रिश्ता बदला चुदाई में"

यह तब की बात है जब मेरी उमर 18 साल थी! मैं उन दिनों आवारा गर्दी कर रहा था! मैं 5’9 का हो चुका था. मेरे लंड का साइज़ तो ज्यादा बड़ा नहीं है लेकिन मोटा बहुत है! मेरे लंड का साइज़ 7.4″ के करीब है और मोटाई 3″ है!
मैं आज आप लोगों को सुनाता हूँ… जो मैंने अपनी चचेरी भतीजी के साथ किया था!

य मेरी रियल स्टोरी है! हो सकता है कि लिखने में कुछ गलती भी हो जाए और कोई चीज छूट भी जाए तो प्लीज़ दिल पर मत लेना…
उसका नाम हिना है… उसकी हाइट भी मेरे जितनी ही है! वो ज्यादा गोरी तो नहीं… थोड़ी सांवली है. लेकिन उसके मम्मों का साइज़ 36 है और शरीर से स्वस्थ लगती है. उसकी गांड भी बहुत मस्त है! दिल करता है कि उसे सहलाता ही रहूँ और हमेशा उसके गांड में अपना लंड डाले रहूँ!
वो और हम साथ:-साथ एक ही स्कूल में पढ़ते थे! उसी वक्त उससे मुझे प्यार हो गया और उसे भी मुझसे प्यार हो गया था! वो मेरी कोई दूर के रिश्ते में भतीजी लगती थी लेकिन एक ही उम्र होने के कारण वो हमेशा मुझे नाम से बुलाती थी!
एक दिन की बात है. मेरी चचेरी बहन का विवाह हुआ था! तो हम और रीता अपनी बुआ. चचेरी बहन और जीजाजी के साथ अपनी बुआ के गांव जा रहा था!

हम गांव ट्रेन से गए लेकिन गांव स्टेशन से 5 किमी दूर था… सो बुआ ने गांव से बैलगाड़ी का इन्तज़ाम किया था!

जब हम सब लोग बैलगाड़ी पर जा रहे थे तो वो मुझे जीजाजी के साथ मिल कर मुझे छेड़ने लगी! मैं बुआ और चचेरी बहन होने के कारण चुप था लेकिन जीजाजी को मैं जवाब दे रहा था!
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कुछ दूर जाने के बाद वो मुझे चुटकी काटने लगी! कभी वो मेरे बांह में चुटकी काटती तो कभी मेरे कमर में! मैं क्या करता मैंने कितने ही बार बुआ और चचेरी बहन को बोला तो बुआ ने उसे डांट दिया तो फिर उसने ये हरकत बंद कर दी…
लेकिन कुछ देर के बाद वो फिर मुझे चुटकी काटने लगी! फिर मैं भी उसको कभी:-कभी उसकी बाँहों में चुटकी काट लेता था!
ऐसे करते:-करते हम गांव पहुँच गए! हम सब बैलगाड़ी से उतरे और घर में गए!
मैं सीधा ऊपर पहली मंजिल पर चला गया! कुछ देर के बाद वो भी कोई काम से ऊपर आ गई!

वो फिर से मुझे चुटकी काटने लगी. अब मुझसे नहीं रहा गया. मैंने उसकी बांह में चुटकी काटी. वो कुछ नहीं बोली!
फिर मैंने उसके गाल पर चुटकी काटी. वो फिर भी कुछ नहीं बोली! फिर मैंने हिम्मत करके उसके समीज़ के ऊपर से ही उसके मम्मों पर चुटकी काटी… वो तब भी कुछ नहीं बोली तो मैं समझ गया कि यह लड़की आज चूत देने वाली है!
फिर मैं उसके समीज़ के ऊपर से ही उसके मम्मों को मसकता हुआ उसे कमरे में ले गया और बेड पर पटक दिया!

मैंने उसके होंठों की पप्पी ली. कम से कम 7 मिनट तक मैं उसके होंठों का चुम्बन लेता रहा!

इसके बाद मैं उसके मम्मों को चूसने लगा! वो कुछ नहीं बोल रही थी. सिर्फ़ मुझे अपनी बाँहों में कसे हुए थी!
फिर मैं उसकी समीज़ को थोड़ा ऊपर खोल कर उसके मम्मों को चूसता रहा. दोनों मम्मों को बारी:-बारी से चूसता रहा! कभी मैं उसके होंठों का किस लेता तो कभी मैं उसके मम्मों को चूसता! एक हाथ से मैं उसके दूसरे मम्मे को भी दबा रहा था… तो दूसरे हाथ से मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था!

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उसकी चूत गीली हो चुकी थी. उसने पैंटी भी नहीं पहन रखी थी तो मेरी उंगली आसानी से सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत में जा रही थी!

वो बहुत जोर से सिसकार रही थी ‘उन्नन्न… न्न… न्नन्न… न्नह्हह… आआआ… अह्हहह… ऊउहहह्ह… और चूसो औउर जोर से…’

वो इसी तरह से जोर:-जोर से चिल्ला रही थी!

फिर मैंने उसके मम्मों को चूसना छोड़ कर मैंने उसके होंठों का किस लेना शुरू कर दिया!

क्योंकि वो बहुत जोर से मचल कर चिल्ला रही थी. मुझे डर लग रहा था कि कहीं नीचे बुआ और चचेरी बहन न सुन ले!

मैंने दरवाजा बंद किया और फिर से उसके मम्मों को दबाना शुरू कर दिया और साथ में चूसता भी रहा!
कुछ देर के बाद वो फिर से गरम हो गई! फिर मैंने अपना पैंट खोला और अपना लंड उसके हाथ में थमा दिया! मेरा लंड अब तन कर पूरा 90 डिग्री का हो गया था! मैंने अपना लंड उसके हाथों पकड़ा दिया!

वो पहले तो शरमाई! लेकिन कुछ देर के बाद जब मैंने फिर से पकड़ाया तो उसने पकड़ लिया!

मैंने उसे बोला:- इसे सहलाओ और आगे:-पीछे करो!
वो वैसा ही करने लगी! मैंने फिर उसकी चूत में एक उंगली डाल दी. वो जोर से मादक आवाजें निकालने लगी:- आआहह… ह्ह…

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जब मैंने उसकी चूत में उंगली की… वो मेरे लंड को जोर से आगे:-पीछे करने लगी और जोर से सीत्कार करने लगी!
फिर मैंने कुछ देर के बाद मैंने उसकी सलवार भी उतार दी!

वाह… क्या चूत थी… चूत पूरी रस से भीगी हुई थी. उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था… ऐसा लगता था कि उसने आज कल में ही झांटें साफ़ की हों. चूत पूरी पावरोटी की तरह फूली हुई थी!
मैंने उसे अपना लंड चूसने के लिए बोला… साली ने मना कर दिया!

मैंने उससे बोला कुछ नहीं… तब भी वो बोल रही थी:- नहीं… यार मुझे घिन आ रही है!

मैंने उसकी चूत को चूसना शुरू कर दिया… वो मारे उत्तेजना के… चिल्लाने लगी:- आआआ… आह्हह…
मैं अपनी जीभ से उसे चोद रहा था. वो जोर से सीत्कार कर रही थी:- ओह्ह… तूने ये क्या कर दिया… जालिम… मेरी चूत में आग लग रही है… ओह्ह… कुछ करो… आह्ह…

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मैं लगातार उसे चूसता रहा!

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वो जोर से चिल्ला रही थी और जोर से सीत्कार कर रही थी और अपना हाथ से मेरे सिर को अपनी चूत के ऊपर धकेल रही थी! अपने पैरों को कभी ऊपर… तो कभी दोनों जांघों को जोर से दबा रही थी!

कभी:-कभी मेरी सांस फूल जाती थी!
कुछ देर के बाद उसने अपनी चूत से पानी छोड़ दिया. मैंने सारा का सारा पानी पी लिया!

वो मुझे देख रही थी और जोर से हाँफ़ रही थी जैसे वो कई मील से दौड़ कर आई हो!
मैंने उसे चित्त लिटाया और उसके चूतड़ों के नीचे तकिया लगाया और उसके पैरों को फैलाया. अपना लंड उसके चूत पर लगा दिया!

जब मेरा लंड का सुपारा ही उसकी चूत में गया था… वो जोर से चिल्लाने लगी:- नहीं… मुझे छोड़ दो… ओह…आह्ह… उई… माँ मर गई छोड़ दो… नाआआअही… अपना… लंड निकाल लो… उह…
लेकिन मैंने अनसुने के जैसा करते हुए एक जोर का धक्का लगाया. वो और जोर से चिल्लाई. मैंने उसके होंठों पर किस करते हुए उसके मुँह को बंद किया और धक्का लगाता गया!

वो छटपटा रही थी! अपने बदन को इधर से उधर करने लगी… लेकिन मैं माना नहीं!

मैं धक्का पर धक्का लगाते गया. उसकी आँखों से आंसू निकल रहे थे!

कुछ देर के बाद मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया. फिर मैं कुछ देर के लिए उसके ऊपर ही पड़ा रहा!
कुछ देर के बाद वो शांत हुई और मुझे गालियाँ देने लगी:- साले तूने ये क्या कर दिया… अपना लंड निकाल… मुझे नहीं चुदवाना!

मैं उसके मम्मों को चूसने लगा और एक हाथ से उसके बालों और कानों के पास सहलाने लगा!

कुछ देर के बाद मैंने उसके कानों को भी चूमना शुरू कर दिया!

दोस्तों आप लोगों को पता ही होगा कि अगर किसी लड़की या औरत को जल्दी जोश में लाना हो तो उसके कान को धीरे:-धीरे चूमो और चूसो… फिर देखो कितनी जल्दी गरम हो जाती है!
हाँ तो फिर कुछ देर के बाद वो फिर से गरम हो गई. फिर मैंने धीरे:-धीरे धक्का लगाना शुरू किया!

पहले तो वो चिल्लाई लेकिन कुछ देर के बाद जब वो कुछ चुप हुई तो मैंने पूछा:- मजा आ रहा है?वो बोली:- हाँ… बहुत मजा आआ राआआअ हा हाआ!

वो सीत्कार करने लगी! कुछ देर के बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी! अब पूरी मस्ती में थी और मस्ती में सीत्कार कर रही थी ‘हाआआआं आह आआआऐसीईए हीइ कर्रर्र बहूऊउत्तत म्मम्ममाआआजा आआ राआअहा हाआआइ!
वो इतनी मस्ती में थी कि पूरा का पूरा शब्द भी नहीं बोल पा रही थी. मैं अपनी स्पीड धीरे:-धीरे बढ़ाता जा रहा था!
‘हाअन राआआजाआ. ऐसीईईए सस्सह ऊओदूओ आआआऔर जऊर से चोदो… फाड़ दो चूत को आज… आज कुछ भी हो जाये लेकिन मेरी चूत फाआआड़े बअगैर मत छहओड़ना… आआआअह!

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वो ऐसे ही सीत्कार कर रही थी!
कुछ देर के बाद मैंने पाया कि मेरा लंड पानी से भीग रहा है! वो पानी छोड़ने वाली थी! वो नीचे से कमर उठा:-उठा कर चिल्ला रही थी और बड़बड़ा रही थी हाआअन और चोदो… मेरी चूत को आज मत छोड़ना… इसे भोसड़ा बना देना!

कुछ देर के बाद वो बोली:- हाय मैं झड़ने वाली हूँ!
मैं भी झड़ने के करीब पहुँच गया था क्योंकि हम लोग लगातार 15:-20 मिनट से चुदाई कर रहे थे!

मैंने बोला:- हाआआ… डार्लिंग मैं भी झड़ने वाला हूँ!
मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी. वो कुछ देर के बाद झड़ गई. मैं भी झड़ने के करीब आ गया था. कुछ देर के बाद मैं भी झड़ गया! उसने मुझे कस कर बाँहों में जकड़ लिया. मैं भी उसके मम्मों के ऊपर पड़ा रहा!

कुछ देर के बाद उसने मेरा लंड और मैंने उसकी चूत को साफ़ किया!
फिर हम लोगों ने कपड़े पहने और कुछ देर तक एक:-दूसरे की बाँहों में पड़े रहे!
हम लोग वहाँ 5 दिन रुके. हम लोगों को जब भी मौका मिलता था… हम लोग सेक्स कर लिया करते थे!
उसके कुछ समय के बाद उसकी शादी हो गई. वो अपनी ससुराल चली गई! फिर मैं भी अपनी स्टडी के सिलसिले में सूरत चला गया!

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लेकिन सूरत आने के एक साल के बाद वो फिर मुझे सूरत में ही मिल गई! फिर मैंने उसके साथ सेक्स किया और क्या:-क्या किया आपको अगली कहानी में बताऊँगा!
कैसी लगी आपको रिश्तेदारी में चूत चुदाई की यह कहानी. मुझे अपने विचारों से जरूर अवगत कराना! मैं आप लोगों के ईमेल का इन्तज़ार करूँगा! अच्छा और बुरा लगे जैसा भी लगे मुझे अपने कमेंट्स जरूर देना!

akash146@gmail.com

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