loading...

“क्यो भाई क्यो नही चोदेगा”

मैं अजय हूँ| मेरे परिवार में हम चार लोग हैं, मैं, मेरी दो बहनेंं बड़ी नेंहा और छोटी सोनाक्षी और मेरी माँ नीता| मेरे पापा की मौत आज से दो साल पहले हो चुकी थी| मेरी छोटी बहन मुझसे दस माह छोटी और बड़ी बहन एक साल बड़ी है| हम लोगों के पास पैसे की कोई कमी नहीं है| पिछले साल हमनें सफारी गाड़ी ली थी जो हमारे गैराज में खड़ी रहती थी| गैराज का एक गेट मेन:-गेट की तरफ और दूसरा घर के अन्दर खुलता है| हमारा घर चारों ओर से बंद है जिसकी वजह से कोई हमारे घर में नहीं देख सकता|
एक दिन माँ और बड़ी बहन को एक शादी में जाना था सो वो दोनों सुबह तैयार होकर शाम तक आनें का कह कर चली गई| हमारे कॉलेज में भी खेल चल रहे थे इसलिए मैं भी शाम तक आनें का कह कर अपनें स्पोर्ट्स जूते पहन कर चला गया| कॉलेज में आते ही सबसे पहले हमारा ही मैच था और २ घंटे में ही हमारा मैच ख़त्म हो गया और मैं जूते बदलनें के लिए घर आ गया|

loading...

जब मैं घर पहुंचा तो जैसे ही मैं घण्टी बजानें को था कि मुझे एक आह की आवाज़ सुनी जो गैराज में से आ रही थी| मैं बिना घण्टी बजाये अन्दर आ गया और गैराज की तरफ देखा तो अन्दर वाला गेट खुला था और गाड़ी खड़ी थी| जैसे ही मैं और आगे गया, मुझे अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ| सोनाक्षी अपनी सलवार कमीज उतारे सिर्फ ब्रा और पेंटी में ही हैंड ब्रे़क के सिरे पर बैठी थी जो उसकी चूत के अन्दर था| मैंनें पहली बार किसी लड़की को नंगी देखा था और वो भी सोनाक्षी, अपनी बहन को |
मेरा लंड खड़ा हो गया| सोनाक्षी उसके ऊपर नीचे हो रही थी जिससे कभी वो उसकी चूत में जाता और कभी बाहर निकलता| तभी घण्टी बजी और मैं अपनें कमरे की तरफ चला गया| सोनाक्षी गाड़ी में से बाहर आई, पूछनें लगी:- कौन है?
तभी बाहर से आवाज आई:- मैं नेंहा हूँ|
सोनाक्षी वैसे ही ब्रा पेंटी में ही गेट खोलनें चली गई| जैसे ही नेंहा अन्दर आई, सोनाक्षी उससे लिपट गई और उसके होठो को चूमना शुरू कर दिया तो नेंहा बोली:- यह क्या कर रही है तू ?
तो सोनाक्षी नें कहा:- वही जो रोज रात को करते हैं अजय के सोनें के बाद|
नेंहा कहनें लगी:- वो तो रात को करते हैं दिन में तो नहीं|
सोनाक्षी:- क्यों दिन में क्या होता है, आज तो घर पर कोई नहीं है, माँ भी शाम को आएगी और अजय भी अभी नहीं आएगा, आज तो अभी करेंगे|
और वो नेंहा के स्तन दबानें लगी, जिससे उसे भी मस्ती चढ़ गई और वो भी उसे चूमनें लगी| मुझे पता नहीं था कि वो दोनों रात एक दूसरी की प्यास बुझाती हैं मेरे सोनें के बाद | क्यूंकि हम तीनों एक ही कमरे में सोते हैं|
नेंहा:- यार | काश कोई लड़का हमारे साथ होता तो कितना मजा आता |
सोनाक्षी:- अरे कोई लड़का क्यों ? हमारा अजय ही क्यों नहीं?
नेंहा:- अरे वो तो हमारा भाई है | वो हमें थोड़े ही चोदेगा |
सोनाक्षी:- क्यों नहीं चोदेगा ? क्या उसका लंड नहीं है ? मैंनें कई बार देखा है उसका बाथरूम में से | बहुत बड़ा है |
मैं उनकी बातें सुन कर धीरे से बाथरूम की तरफ चल पड़ा क्योंकि मुझ से अब रहा नहीं जा रहा था जैसे ही मैं बाथरूम में पंहुचा, सोनाक्षी नेंहा से बोली:- चल बाथरूम में चलते हैं, साथ नहायेंगे |
यह सुनते ही मैं बाथरूम में परदे के पीछे छुप गया और वो दोनों वहाँ आ गई, दोनों नंगी थी और एकदम गोरी चिकनी |
वो दोनों टब में बैठ गई और एक दूसरे की चूत को मसलनें लग गई, कभी स्तन मसलती कभी चूत में ऊँगली करती |
सोनाक्षी:- अगर अजय भी हमारे साथ मिल जाये तो हमें न तो देर रात तक जागना पड़ेगा और हमारे लंड लेनें की भी जरुरत पूरी हो जायेगी| मैं तो उसे पटानें के लिए आज रात से ही कोशिश शुरू कर दूंगी| कभी नींद के बहानें उसके ऊपर हाथ रखूंगी कभी टांग, कभी उसके लंड पर हाथ रखूंगी|
नेंहा:- तो फिर मैं भी उसे पटानें की पूरी कोशिश करुँगी पूरी रात और दिन में भी, पर ध्यान रखना कहीं माँ को पता न चल जाये| अरे यह क्या कर रही है तू? जरा जोर से उंगली डाल चूत के अन्दर पूरी डाल दे | आह | बहुत मजा आ रहा है | ओ अजय | मैं झड़नें वाली हूँ | आह | जल्दी कर |
सोनाक्षी:- और कैसे करूँ? पूरी तो दे दी है | अब तो अजय ही दे सकता है आगे | मेरी चूत में भी पूरी डाल दे | आह मेरा भी निकलनें वाला है | आह | आह | ऊउऊ डाल दे पूरी | दो डाल दे |
मेरा भी अपनें आप ही निकलनें वाला हो गया था उनकी मस्त चूत देख कर और बातें सुन कर |
कुछ देर में वो दोनों चली गई और टीवी देखनें लग गई| मैं भी अपना माल निकाल कर अपनें कमरे में आ गया और सो गया| मुझे सपनें में भी उनकी बातें सुन रही थी| मैं कुछ देर बाद बाहर चला आया और उन दोनों के बीच में बैठ गया| मेरी टाँगें उन दोनों की टांगो के साथ लग गई और मैंनें नेंहा से रिमोट माँगा तो उसनें पूछा:- अजय तुम कब आये?
मैंनें उससे कहा:- मुझे आये हुए एक घंटा हो गया |
तो उन दोनों का चेहरा शर्म से लाल हो गया|
नेंहा:- तो अब तक कहाँ थे?
मैंनें कहा:- अपनें कमरे में सो रहा था |
मैंनें उससे दुबारा रिमोट माँगा तो वो बोली:- मेरा सीरियल आ रहा है |
तो मैंनें उसे छूनें के लिए उसके हाथ से रिमोट छीनना चाहा पर वो थोड़ा पीछे हट गई और मेरे हाथ उसके वक्ष पर लग गए| उसनें मेरी तरफ तिरछी नजर से देखा तो मैंनें अपनें हाथ हटा लिए और ऐसे दिखाया कि जैसे मुझे कुछ पता ही न हो|और दोबारा उठ कर उसकी तरफ बढ़ा तो वो और पीछे सरक गई| जब मैंनें उस पर झपटी मारी तो उसनें रिमोट सोनाक्षी की तरफ फ़ेंक दिया| जैसे ही में उसके ऊपर गिरा तो उसनें हटनें की कोई कोशिश नहीं की और मैं उसके ऊपर गिर गया| मुझे समझ में आ गया कि वो मुझे पटाना चाहती है इसलिए मैं भी उसके ऊपर से हटा नहीं तो उसनें मुझे थोड़ा सा धक्का दिया जिससे मैं उसे पकड़े हुए उसके साथ ही गिर गया| वो मेरे ऊपर थी जिससे उसके स्तन मेरे सीनें से टकरा रहे थे| उसनें अब भी उठनें की कोई कोशिश नहीं की| मैंनें उसे उठानें के बहानें उसके दोनों स्तन पकड़ लिए और उसे अपनें ऊपर से उठा दिया|
वाह क्या नरम गरम स्तन थे |
और खुद भी उठ कर बैठ गया|
सोनाक्षी नें रिमोट अपनें टॉप के नीचे ब्रा में छुपा रखा था| मैंनें जब सोनाक्षी से रिमोट माँगा तो उसनें कहा:- मेरे पास रिमोट नहीं है |
तो मैंनें उससे कहा:- मुझे पता है कि रिमोट कहाँ है, तू मुझे अपनें आप दे दे, वरना मैं छीन लूँगा|
उसनें कहा:- मेरे पास नहीं है | अगर है तो तुम छीन लो |
और अपनें दोनों हाथ हवा में उठा दिए, जिससे मुझे रिमोट उसके टॉप में साफ दिख गया| मैंनें भी उसके स्तन छूनें थे इसलिए उससे दोबारा रिमोट नहीं माँगा और सीधा उसके पास आकर उसके टॉप में हाथ डाल दिया| सोनाक्षी नें मेरी तरफ देखा पर कहा कुछ नहीं | बस थोड़ा सी पीछे हट गई| मैंनें अपना हाथ उसके टॉप के और अन्दर तक डाल दिया और मेरे हाथ उसके स्तनों पर लगे| जैसे ही मेरे हाथ उसके बूब्स पर लगे, नेंहा नें पीछे से मुझे धक्का दे दिया और मेरे ऊपर गिर गई जिससे सोनाक्षी मेरे नीचे और नेंहा मेरे ऊपर और मेरा हाथ सोनाक्षी के टॉप के अन्दर था, जिसे नेंहा नें रिमोट पकड़नें के बहानें ऊपर से पकड़ लिया और मेरा हाथ सोनाक्षी के बूब्स पर दब गया|
नेंहा नें मेरा हाथ ढीला छोड़ कर दोबारा उसके बूब्स पर दबा दिया जिससे सोनाक्षी के मुँह से सिसकारी निकल गई| जब मैंनें दोबारा रिमोट पकड़ कर हाथ बाहर निकलना चाहा तो नेंहा नें एकदम मेरा हाथ सोनाक्षी के बूब्स पर दबा कर और साथ ही उसके टॉप को पकड़ कर बाहर खींचा तो सोनाक्षी का टॉप ऊपर से फट गया और उसके बूब्स बाहर आ गए|
वो तो आँखें बंद करके लेटी थी इसलिए उसे पता नहीं चला और न ही नेंहा नें उसे बताया उसके बूब्स मेरे सामनें थे|
और मैंनें उन्हें देखते हुए नेंहा की तरफ देखा तो उसनें आँखों के इशारे से पूछा:- क्या देख रहे हो?
तो मैंनें सोनाक्षी के बूब्स की तरफ हाथ कर दिया तो नेंहा नें सोनाक्षी के एक बोबे को पकड़ कर मसल दिया जिससे उसके मुँह से आह निकल गई| नेंहा नें सोनाक्षी के टॉप को पकड़ कर पूरा फाड़ दिया तो उसनें आँखे खोली और उठ कर खड़ी हो गई जिससे उसका फटा टॉप नीचे गिर गया और बूब्स बाहर निकल आये|
उसनें हमसे पूछा:- टॉप किसनें फाड़ा?
नेंहा नें मेरा नाम ले लिया| सोनाक्षी अपनें नंगे बूब्स में ही मेरे पीछे भागी|
मैंनें उससे कहा:- मैंनें नहीं, नेंहा नें यह सब किया है|
सोनाक्षी:- बूब्स तो तुम ही मसल रहे थे, तो नेंहा नें कैसे किया है? सीधे क्यों नहीं कहते कि तुम्हें मजा आनें लगा था और तुमनें मेरे बूब्स देखनें और चूसनें के लिए मेरा टॉप फाड़ दिया| मुझसे कह देते तो मैं उतार देती, पर फाड़ क्यों दिया ? मेरा नया टॉप था |
नेंहा:- हाँ सोनाक्षी | अजय नें ही तुम्हारे बूब्स मसलनें के लिए तुम्हारा टॉप फाड़ दिया| तुम मुझ से कह देते तो मैं अपना टॉप उतार देती | तुम्हारे लिए क्या हम अपनें कपड़े भी नहीं उतार सकते | क्या तुमसे अपनें बूब्स नहीं मसलवा सकते | जिन्हें आज नहीं तो कल कोई और मसलेगा |
और यह कहते हुए नेंहा नें भी अपना टॉप उतार दिया और अपनें बूब्स मेरी तरफ कर के खड़ी हो कर बोली:- लो तुम्हें मसलना है तो मसलो | चूसना है तो चूसो | पर मैं अपना टॉप नहीं फड़वाना चाहती |
सोनाक्षी मेरे पास आकर बोली:- डरो नहीं | माँ शाम से पहले नहीं आएगी | और अपना एक बूब मेरे हाथ से लगा दिया|
उन दोनों के बूब्स देख कर मैंनें अपनें लंड पर हाथ लगाया जो अब पैन्ट फाड़नें के लिए तैयार था|
नेंहा:- नहीं उसे हाथ मत लगाओ उसे हम हाथ लगायेंगे|
मैंनें सोनाक्षी के बूब्स मसलते हुए कहा:- हाथ लगाना है तो लगाओ | मुझे भी अपनी पैन्ट नहीं फ़ाड़नी |
और फिर वो दोनों हंस पड़ी| सोनाक्षी नें आकर मेरी पैन्ट का हुक खोल दिया और मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और चूसनें लगी| मैं भी अपना लंड आगे निकल के सोनाक्षी के बूब्स चूस रहा था| सोनाक्षी नें मेरी शर्ट उतार दी, मेरे होंठों से अपनें होंठ लगा के चूसनें लगी| मैंनें भी उसके होंठ चूसनें शुरू कर दिए| नेंहा मेरा लंड छोड़ कर मुझे सोफे की तरफ खींचनें लगी और हम तीनों सोफे पर आ गए| मैं सोनाक्षी के होंठों और बूब्स को चूस रहा था और नेंहा मेरे लण्ड को थोड़ी देर चूसनें के बाद मेरे लंड के ऊपर बैठनें की कोशिश करनें लगी| पर लंड उसकी नई चूत होनें के कारण अन्दर नहीं जा रहा था|
मैंनें सोनाक्षी को हटा कर नेंहा की चूत पर अपना हाथ रख के उसे सीधे लेटनें के लिए कहा तो वो सीधी लेट गई| मैंनें अपना लंड उसकी चूत पर लगा कर जोर से धक्का मारा तो लंड की टोपी उसकी चूत में चली गई और उसकी जोर से चीख निकल गई| नेंहा पीछे हटनें लगी तो मैंनें आगे से उसे पकड़ते हुए सोनाक्षी से नेंहा को पकड़नें के लिए कहा तो उसनें पीछे आकर उसे पकड़ लिया और उसके बूब्स मसलनें लगी| कुछ देर बाद मैंनें जब दूसरा धक्का मारा तो लंड आधा चूत में चला गया| पर इस बार नेंहा की चूत में से खून निकल आया और उसके आंसू भी निकल गए|
नेंहा के आंसू और खून देख कर सोनाक्षी भी घबरा गई पर मैंनें उसे समझाया:- पहली बार ऐसा होता है |
और मैंनें एक दो धक्कों में अपनें पूरा लंड नेंहा की चूत में डाल दिया और थोड़ी देर रुक कर धक्के लगानें लगा तो नेंहा भी मस्त हो गई और मेरा साथ देनें के लिए नीचे से अपनी गांड उछालनें लगी| जब मैंनें जोर जोर से नेंहा की चूत में धक्के लगाये तो वो अपनें परम आनन्द पर पहुंच गई और निढाल हो गई|
फिर सोनाक्षी नें मुझ से कहा:- अब इसे छोड़ दो और मेरी चूत में डालो |
तो मैंनें लंड नेंहा की चूत में से निकल लिया और सोनाक्षी को सीधा सोफे पर लिटा कर अपनें खून से भरे लंड को उसकी चूत पर रख कर धक्का लगाया तो फ़च की आवाज के साथ उसकी चीख निकल गई| मैंनें तभी दूसरा धक्का भी लगा दिया और उसकी चूत से खून की धार निकल के सोफे पर पड़नें लगी| कुछ देर मैं ऐसे रुक उसके बूब्स मसलनें लगा तो थोड़ी देर में ही उसका दर्द ठीक हो गया और मैं धक्के लगानें लगा| वो भी जोर जोर से मेरा साथ देनें लगी| उसके निप्प्ल भी बुरी तरह से कड़े हो गए थे| मुझे लगा कि अब मेरा पानी निकलनें वाला है|
तभी सोनाक्षी जोर जोर से धक्के लगानें लगी और फिर कांपती हुई शांत हो गई|
मैं भी जोर जोर से धक्के मारता हुआ सोनाक्षी की चूत में शांत हो गया|
फिर हम आधे घंटे तक वहीं सोफे पर पड़े रहे और जब मैं उठ कर बाथरूम की तरफ चला तो मैंनें देखा कि उन दोनों से उठा भी नहीं जा रहा था|

loading...