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“एक चुदाई ऐसी भी”-2

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खैर अगले दिन मै ऑफिस पहुँचा! ऑफिस का माहौल अच्छा था सभी लोगों नें बड़ी गर्मजोशी के साथ मेरा स्वागत किया| लेकिन एक बात थी यहां के स्टाफ मे गर्ल्स ज्यादा थी|

इस कहानी के पिछले पार्ट्स:-

और मेरे डिपार्टमेट मे तो कुछ ज्यादा ही थीं! ज्यादा क्या 5 गर्ल्स के बीच मै ही एक अकेला लडका था| आखिर मेरा डिपार्टमेट ही ऐसा था| आनें वाले लोगों का ख्याल रखना! और इसके लिए आजकल गर्ल्स का ही सहारा लिया जाता है|

मेरे ग्रुप की एक को छोड़कर सभी गर्ल्स कुंवारी थी| तो सब बड़ी मस्तीबाज़ भी थीं| थोड़ी बोल्ड भी थीं! जोकि उनके जॉब की जरूरत थी| उनमे से एक लड़की जिसका नाम मोनिका था! कुछ ज्यादा ही बोल्ड थी|

उसके नाम के बिल्कुल उलट उसका व्यहवार था| उसे अपनी कोई मोनिका नहीं थी| वो सबसे मस्ती करती थी! ऑफिस मे ज्यादातर से उसके सम्बन्ध रह चुके थे| ऑफिस के बॉस को भी हमेशा खुश रखती थी| इसीलिए उसे उसका भी पूरा सहयोग था|

ऑफिस मे पहला दिन तो ठीक-ठाक पायल की यादों के बीच गुज़र गया| रात को आकर फिर से वही पायल की चुत की याद आती| मेरा मन पूरी तरह से वहां पर नहीं लग रहा था|

आज मुझे पूरे 5 दिन ऑफिस जोइन किये हो गए थे| लन्च होनें ही वाला था! और मेरा काम पूरा हो चुका था| तभी मोनिका मेरे पास आकर बेठ गयी|

मैनें उसे हाय बोला| और उसनें भी मुझे हाय किया| वो मेरे पास आकर बोली|
मोनिका- क्या बात है…लगता है आपको आपकी किसी गर्लफ्रेंड की याद आ रही है|
मै बोला- नहीं ऐसी तो कोई बात नहीं है| आपको ऐसा क्यूँ लग रहा है|
वो बोली- इस ऑफिस मे मै करीब 7 साल से हूँ| यहां रहते रहते सब सीख चुकी हूँ कि कौनसा चेहरा क्या बता रहा है|
मै बोला- वो जरा…मै||
वो बोली- घबराये नहीं! आप अपनी बातें मेरे साथ शेयर कर सकते है| चलिए लन्च होनें वाला है! बाहर चलते है|
मेरा भी ऑफिस मे मन नहीं लग रहा था| मैनें भी हां कर दी! उसके पास कार थी हम लोग उसकी कार मे चल दिए| हम लोग शहर से दूर निकल आये| वहां एक छोटा सा रेस्टॉरेंट था! हम लोग उसी रेस्टोरेंट मे रुके|

खाना खानें के साथ ही मैनें उसे अपनें और पायल के बारे मे बता दिया| खाना खानें के बाद जब मैनें चलनें को कहा तो वो बोली|

मोनिका- अभी रुकिये…चलते है कुछ देर मे|

हम वहीं बैठकर बातें करनें लगे| तो उसनें अपनें बारे मे बताया| वो एक गरीब से परिवार की लड़की थी| बाप नें उसकी मा को छोड़कर दूसरी शादी कर ली थी! क्योंकि उसकी माँ नें 3 बेटियों को जन्म दिया था|

उसकी 2 बहनेंं है जो दिल्ली मे है उसकी माँ के पास! वो वहीं पढ़ाई करती है| ये यहां से पैसे भेजती रहती है|

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मै बोला- तुम यहां तक कैसे पहुंच गयीं| और तुम्हारे घर वालों को इस बारे मे पता है|

वो बोली- मेरे बारे मे तुमनें भी ऑफिस मे जो सुना है! सब झूठ है मेरा किसीसे कोई संबंध नहीं है| हाँ बस बॉस के साथ है जोकि मेरी मजबूरी थी| और अब मेरी जरूरत है! मै किसी और से सम्बन्ध बनाना नहीं चाहती| लेकिन अब जिस्म की जरूरत को भी पूरा करना है|

मै कुछ बोल न सका| वो बाहर की तरफ देख रही थी! उसके चेहरे पर उसका दर्द झलक रहा था| तभी बारिश शुरू हो गयी|

मुम्बई और पूना मे ज्यादा अंतर नहीं है| इसी वजह से मुम्बई की तरह ही यहां भी कभी कभी बेमौसम बरसात हो ही जाती है|

वो बाहर बारिश मे आकर भीगनें लगी| ऐसा लग रहा था जैसे बहुत खुश हो| जब अपनें मन की कोई बात किसी को बता दो तो ऐसा ही लगता है! क्योंकि मै भी ये महसूस कर रहा था|

थोड़ी देर बाद हम चल दिए| बारिश अभी भी पड़ रही थी| बारिश मे भीगनें की वजह से उसे जुकाम हो गया था| गाड़ी मे चला रहा था| हमे वहां रुकनें की वजह से शाम हो गयी थी| और बारिश की वजह से शहर मे घुसते घुसते और भी देर हो गयी| उसनें बॉस को फोन कर दिया| अब हम घर की और चल दिए|

जाम बहुत ज्यादा लगा हुआ था| धीरे धीरे हम आगे बढ़ रहे थे! कि एक चौराहे पर पुलिस चेकपोस्ट लगा था| जिधर हम जा रहे थे वो उधर ही था| वो लोग सभी गाड़ियों को वापस लौटा रहे थे| किसी और रास्ते से जानें के लिए|

मै वहां पहुँचा तो एक हवलदार नें बताया की आगे रोड पर तीन पेड़ टूटकर गिर गए है! और उनके साथ ही बिजली के तार भी टूट कर पड़े है| इसीलिए आप किसी और रोड से होकर चले जाइए|

मैनें गाड़ी अपनें घर की और मौड़ दी| भीगनें की वजह से मोनिका की हालत खराब हो गयी थी| और इतनी देर से वो उन्ही भीगे कपड़ों मे बैठी थी तो उसे ठंड भी लग रही थी| मैनें गाड़ी अपनें घर लेजाकर रोक दी! और उसे अंदर चलनें को कहा|

मोनिका बोली- अरे नहीं मै…चली जाऊँगी|

मै बोला- ढंग से बोल भी तो नहीं पा रही हो| थोड़ी देर ही रुक लो| कपड़े बदलकर कॉफी पीकर चली जाना| वो मेरे साथ अंदर आ गयी| मैनें उसे अपनी एक शर्ट दे दी| वो अंदर बाथरूम मे गयी| और शर्ट पहनकर बाहर आ गयी|

जब वो बाथरूम से बाहर आई! मैनें उसकी तरफ देखा वो बहुत हसीन लग रही थी|

फिगर तो उसका कातिल था ही वो अब और भी हसीन लग रही थी| वो आकर मेरे पास ही बैठ गयी| शर्ट उसके जांघो तक थी| बैठनें की वजह से वो और ऊपर हो गयी| अंदर उसनें कुछ नहीं पहना था|

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