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“अपनी सगी साली और बहन की चुदाई की”

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हेलो दोस्तों मैं  शादीशुदा हो चुका हूं आप को सुनानें जा रहा हूं एक दम सच्ची है| यह कुछ महीनें पहले की बात है| में अपनें दोस्त मनोज के घर गया था! वहां पर मैंनें एक बहुत खूबसूरत लड़की देखी और उसे देखकर मेरा लंड पैंट में ही खड़ा होनें लगा|
मेनें मनोज से उसके बारे में पूछा तो मनोज नें कहां पहचाना नहीं? यह अपनी भांजी है दीक्षा|| दीक्षा को ऊपर से नीचे तक देखता हुआ में बोला यह तो बहुत बड़ी हो गई है| और फिर मैं अपनें घर आ गया और रात को मैं जब शालू को दीक्षा समझकर चोदनें लगा तो शालू नें कहा कि आज आपको क्या हुआ है? आज आपका वीर्य निकलनें का नाम नहीं ले रहा और मैं शालू को दीक्षा समझकर दनादन चोदे जा रहा है! और उस दिन मेरा वीर्य बहुत निकला और मैं दीक्षा को कैसे चोदा जाए यह सोचनें लगा और मेरे दिमाग में एक आईडिया आया|

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मैंनें मनोज से दीक्षा की शादी अपनें साले गोलू के साथ करनें की बात की और मनोज मेरी बात सुनकर बोला टोनी हमे और क्या चाहिए? और मैंनें यह बात अपनें ससुर जी से की तो वह भी मान गए और फिर गोलू और दीक्षा की सगाई हो गई| और उनकी शादी का मुहूर्त ४ महीनें बाद का निकला और मैं यही चाहता था| अभी मेरी दीक्षा से फोन पर सीधी बात होनें लगी और दीक्षा मुझे मामा से जीजू कहनें लगी|
मैंनें दीक्षा को कहा दीक्षा पहले तो मुझे मामा कहती थी अब जीजू कहनें लगी हो और कल कुछ और मत कह देना| मेरी बात सुनकर दीक्षा शरमा गई और कुछ नहीं बोली| एक दिन मैंनें दीक्षा को फोन करके कहा कि मैं तुझ से अकेले में मिलना चाहता हूं! दीक्षा नें कहा क्यों? मैंनें कहा कि मैं उसके ससुराल के बारे में पूरी बात करना चाहता हूं! दीक्षा नें कहा जीजू क्या बात है?

मैंनें कहा ऐसी घबरानें वाली कोई बात नहीं है| दीक्षा नें कहा जीजू फिर आप मेरे घर आ जाओ! मैंनें कहा मैं घर नहीं आऊंगा तुम घर बताकर भी मत आना कि तुम मुझ से मिलनें जा रही हो| दीक्षा कुछ देर चुप रही और फिर बोली ठीक है! आप कल आ जाओ फिर मैंनें कहा मैं कल सुबह ११ बजे तुम्हें फोन करूंगा और तुम आ जाना उसनें कहा ठीक है और फोन काट दिया|
अगले दिन में अपनी कार लेकर घर से दीक्षा को मिलनें चल पड़ा| मेरे और दीक्षा के शहर की दूरी ५० किलोमीटर थी और मैं ९:३० बजे वहां पहुंच गया और शहर से २ किलोमीटर दूर एक होटल में रूम बुक किया! और वेटर को १०० रूपये देकर उसे इशारा दे कर समझा दिया|
मैंनें बैड पर सेट कर के एक वीडियो कैमरा सेट किया और मार्केट से शेव करनें का सामान लेकर दीक्षा को फोन कर के आनें को कहा| दीक्षा नें मुझे अपनें घर के पास वाले चौक में आनें को कहा! मैं वहां पहुंच गया जहा दीक्षा नें मुझे आनें को कहा था और मेरे वहां पहुंचते ही दीक्षा आ गई|
दीक्षा कार के पीछे वाली सीट पर बैठनें लगी! मैंनें उसे अपनें साथ वाली सीट पर बैठनें को बोला और दीक्षा मेरे पास वाली सीट पर बैठ गई| फीर मैं दीक्षा को लेकर होटल में आया और रूम में आ कर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और दीक्षा को बेड पर बिठा कर उसकी जिस्म से कपड़े के ऊपर से खेलनें लगा|
दीक्षा यह देख कर बोली की जीजू आप क्या कर रहे हो? मैं आपके साले की होनें वाली पत्नी हु! मैंनें कहा फिर क्या हुआ? तू थोड़ी देर के लिए मुझे अपना पति मान ले| दीक्षा नें कहा जीजू प्लीज मुझे छोड़ दो! मैं आपके आगे हाथ जोड़ती हूं|
मैंनें कहा दीक्षा सीधे से मान जाओ वरना मैं सबको बता दूंगा कि तूनें मुझे बुलाकर मेरे साथ अपना मुंह काला करनें की कोशिश की है और तेरी सगाई टूट जाएगी और तेरी बदनामी होगी| अब यह तेरी मर्जी है कि तुझे क्या चाहिए बदनामी या जिंदगी|
मेरी धमकी का असर दीक्षा पर हुआ और वह अब चुप हो गई! फीर मैं उसके कपड़े उतारनें लगा और एक एक करके दीक्षा के कपड़े उतार कर नंगी कर दिया| दीक्षा अपनें हाथों से अपनें दोनों चुचे छुपानें लगी और अपनी टांगे भीच कर अपनी चूत छुपा दी|
दीक्षा को फिर कहा दीक्षा अगर तूनें मेरी बात नहीं मानी तो मे तेरे कपड़े अपनें साथ ले जाऊंगा और तुम जैसे थी बैठी रहना और दीक्षा के कपड़े उठाकर जानें लगा| दीक्षा नें हाथ अपनें चूचों से हाथ हटा दिए और मैनें जट से दीक्षा के दोनों चुचे पकड़ लिए और मसलनें लगा| फिर अपना एक हाथ दीक्षा के जिस्म पर फेरता रहा और अपना हाथ उस की चूत पर लगा दिया|
उसकी चूत पर बहुत बाल थे| मैं दीक्षा से पूछा अपनी चूत अभी साफ नहीं की? दीक्षा कुछ नहीं बोली! मैंनें फिर कहा दीक्षा अगर तुम मेरी बात का जवाब नहीं दोगी तो मैं चला जाता हूं| दीक्षा नें कहा कि जीजू मैंनें सफाई इसलिए नहीं कि क्योंकि में शादी के टाइम कर लूंगी| फिर दीक्षा को ले कर बाथरूम में गया और दीक्षा की चूत पर शेविंग क्रीम लगाई|
फिर रेजर से उसकी चूत साफ की! दीक्षा की चूत साफ होकर चमक उठी और मैंनें दीक्षा की चूत को चूम लिया! और दीक्षा नें आह औऊ स्सीईइ किया| पहली बार दीक्षा के मुह से आह सुन कर में मस्त हो गया! में दीक्षा के मुंह से कहां सुन कर मस्त हो गया और दीक्षा की चूत को पानी से अच्छे से साफ करके दीक्षा को गोद में उठा कर बेड पर ले आया और दीक्षा को चूची मसलनें लगा|
दीक्षा आऊऊ अह्ह्ह ओह्ह हहह औऊ ओह हहह औउ ओह हहह करनें लगी और मेरा  लंड पकड़कर मेरी मुठ मारनें लगी| मैंनें पूछा दीक्षा मजा आ रहा है? दीक्षा नें कहा जीजू  बहुत मजा आ रहा है! जल्दी अपना मुसल जैसा लंड मेरी चूत में डाल दो और मुझे जोर से चोदो|
फिर मैंनें दीक्षा को बेड पर लेटा कर उसकी टांगे खोल दी और दीक्षा की चूत को चूमकर अपनी जीभ दीक्षा की चूत में डाल दि और दीक्षा की चूत को चाटनें लगा और दीक्षा आहह औउ इह्ह हहह उऔउ माआआ करनें लगी और अपनी गांड उठा कर अपनी चूत मेरे मुंह में देनें लगी| ५ मिनट बाद दीक्षा चूत से सफेद पानी निकलनें लगा और दीक्षा पानी छोड़नें लगी|
में दीक्षा की चूत से निकल रहे पानी को चाट गया और अच्छे से चाट कर चूत साफ कर दी| फिर मेरे दीक्षा को अपनी गोद में बिठाकर पूछा और क्या क्या मालूम है तुझे मेरे बारे में? दीक्षा मेरा लंड पकड़ कर मेरा हाथ अपनें चुचो पर लगाते हुए बोली जीजू वह सब की आपनें कैसे शालू दीदी के सामनें अंजनी दीदी को चोदा था|
अंजनी दीदी नें कहा कि शादी के बाद हम दोनों को जीजू से एक साथ चुदना है| मैंनें पूछा दीक्षा तुम अंजनी को यह मत बताना कि मैं तुझे चोद चुका हूं| दीक्षा नें कहा कि जीजू आप नें मुझे चोदा ही कब है? और मेरे लंड पर अपनी चूत रख कर बैठनें लगी| मेनें दीक्षा को गोद से उठा कर बेड पर लेटाया और उसकी टांगे अपनें कंधे पर रख कर अपनें लंड का सुपाड़ा दीक्षा की चूत के सुराख पर रखा और दीक्षा की चूत पर फेरनें लगा|
दीक्षा निचे से उछल कर मेरा लंड अपनी चूत में लेनें की कोशिश करनें लगी और बोली मेरे प्यारे जीजू अब मत तड़पाओ और डाल दो अपना लंड मेरी चूत में और मेनें हल्का सा धक्का मारा और मेरे लंड का सुपाड़ा दीक्षा की चूत में फंस गया और दीक्षा स्सीईईइ  करनें लगी! मैंनें पूछा क्या हुआ?
दीक्षा मदहोश हो कर बोली कि जीजू बहुत मजा आ रहा है| जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दो और मैंनें एक धक्का मारा और मेरा लंड दीक्षा की चूत की सील तोड़ता हुआ आधा चूत में चला गया और दीक्षा दर्द से तिलमिलानें लगी|
मेनें उसनें दोनों चुचे पकड़ लिए और जोर दार धक्का मारा और अपना सारा लंड दीक्षा की चूत में पेल दिया! वह दर्द से बिलबिला उठी और मुझे लंड निकालनें को बोलनें लगी| में उसकी चूची मसलते हुए धीरे धीरे दीक्षा की चूत में धक्के लगानें लगा और दीक्षा को मजा आनें लगा और वह अपनी गांड उठा कर जीजू जोर से और जोर से चोदो मुझे कहनें लगी|
२५ मिनट बाद मैंनें अपना वीर्य दीक्षा की चूत में छोड़ दिया और अपना लंड दीक्षा की चूत से निकाल लिया| मेरा लंड निकलते ही दीक्षा नें अपनी चूत से निकलते खून को देख कर डर गई और बोलि जीजू मेरी चूत से खून निकल रहा है|
मेनें कहां दीक्षा मेरे लंड नें तेरी चूत की सील तोड़ दी है इसलिए तेरी चूत से खून निकल रहा है| दीक्षा नें कहा जीजू चूत की सील टूटनें से इतना खून निकलता है? मैंनें कहा दीक्षा यह तो तेरी चूत से बहुत कम खून निकला है और सबसे ज्यादा खून तेरी शालू दीदी की चूत से निकला था|
मुझे तो लगता है किसी नें पहले भी तेरी चूत में लंड या फिर उंगली डाली है| दीक्षा नें कहा कि जब अंजनी दीदी आपसे अपनी चुदाई की बात करती है तो मैं अपनी उंगली अपनी चूत में डालती हु और फिर में दीक्षा को लेकर बाथरूम में गया और वहां मेनें दीक्षा की चूत को अच्छे से साफ किया और दीक्षा नें मेरे लंड पर लगा अपनी चूत का खून साफ किया|
उस नें मुझसे पूछा कि जबी आप शादी के बाद मुझे चोदनें वाले थे तो फिर आज क्यों? मैंनें कहा दीक्षा डार्लिंग जो मजा आज तुझे कच्ची कली से फूल बनानें में आया है वह मजा शादी के बाद कहां मिलता? और मैं फिर से उस के चूचो से खेलनें लगा और दीक्षा भी मेरे लंड से खेलनें लगी! मुझे कहनें लगी जीजू मैं आप के मुंह से अंजनी दीदी को अपनें शालू दीदी के सामनें कैसे चोदा यह सुनना चाहती हूं|
मैंनें कहा सुनो यह तब की बात है जब शालू पहली बार मां बननें वाली थी और उसे ७वा  महीना चल रहा था और शादी से लेकर आज तक कोई भी दिन ऐसा नहीं था जब मैंनें शालू की चूदाई ना की हो| में रात को पीछे से शालू की चूत में लंड डाल कर जब उसे चोद देता तो मजा नहीं आता था|
एक दिन शालू  नें मुझे कहा जब आप अपना लंड मेरी चूत में डालते हो तब आपको मजा नहीं आता और मुझे दर्द होता है अगर आप बोलो तो मैं कल मम्मी से बात करके अंजनी को बुला लू|
मैंनें कहा क्यों? शालू नें कहा एक तो मुझे आराम मिल जाएगा और आपका काम भी चल जाएगा! और अगले दिन शालू नें मम्मी को फोन करके कहा कि मम्मी अब मैं बहुत ज्यादा काम नहीं कर सकती और अगर हो सके तो जब तक मेरी डिलीवरी नहीं हो जाती तुम या अंजनी में से कोई एक मेरे पास आ जाओ! मम्मी नें कहा मेरा आना तो मुश्किल है मैं अंजनी को तेरे पास भेज देती हूं|
अगले दिन अंजनी आ गई और शालू नें कहा मैंनें तो अपना काम कर दिया अब अंजनी को कैसे चोदना है यह आपका काम है| रात को मैंनें अंजनी को अपनें साथ ही सोनें को बोला और अंजनी मान गई|
और जब हम सोनें लगे तो शालू नें कहा मुझसे बीच में नहीं सोया जाता और मैं दोनों बहनों के बीच सो गया| जब अंजनी सो गई शालू नें कहा मुझे नंगा सोनें की आदत है और अपनी नाईटी उठा कर नंगी मेरी बाहों में सोनें लगी और मैं शालू की चूची पकड़ कर मसलनें लगा और शालू अहह औउ ह हहह ओह अह्ह्ह  करनें लगी और मुझे अंजनी की तरफ इशारा कर के बोली की अंजनी जाग रही है और आप अपना काम चालू करो|
मैंनें अपना लंड अंजनी की गांड पर सलवार के ऊपर से लगाया और अपना हाथ अंजनी की चूची पर रखा! उस नें बहुत टाइट ब्रा पहनी थी मेरे हाथ में अंजनी का बूब्स नहीं आया|
मैंनें अंजनी की शर्ट में हाथ डालकर उसकी ब्रा अंजनी की चुचे से हटाई और अंजनी का चुचा पकड़ कर मसल दिया और अंजनी नें धीरे से  मुझे कहा कि जीजू क्या कर रहे हो? और दीदी देख रही है| मैनें कहा नहीं वह तो सो गई है! और अब सुबह से पहले नहीं उठेगी| और मे अंजनी के चुचे मसलनें लगा और अंजनी नें मेरा लंड पकड़ लिया और मैंनें अपना हाथ अंजनी की सलवार में डाल दिया|
जब मेरा हाथ अंजनी की चूत पर लगा तो उसकी चूत पर भी तेरी चूत जितनें बड़े-बड़े  बाल थे और मैंनें अंजनी को अपनी चूत साफ करनें को बोला| अंजनी नें कहा जीजू आज  रात रात रुक जाओ और मैं कल अपनी चूत की सफाई कर लूंगी! और हम सो गए| सुबह जब शालू उठ गई मैंनें अंजनी को बोला कि वह बाथरुम में मेरे सामनें नंगी होकर नहाए और अपनी चूत साफ करें! और शालू को इशारे से रूम में आनें को मना कर दिया|
फिर अंजनी मेरे सामनें नंगी होकर नहाई और अपनी चूत साफ करके मुझे दिखाइ| और अंजनी की सील बंद चूत देखकर मेरा लंड अकड़ गया! वह दिन मेरी जिंदगी का सबसे लंबा दिन था और उस दिन बहुत मुश्किल से रात हुई और मैं शालू और सजनी को ले कर बेड पर सोनें लगा और जब शालू सो गई मैंनें अंजनी को जल्दी कपड़े उतारनें को बोला और हम दोनों नंगे हो कर एक दूसरे के जिस्म से खेलनें लगे|
जब मैं अंजनी की चूत चाट रहा था तब अंजनी मेरा लंड चूस रही थी हम 69 की पोजिशन में थे! तभी शालू नें कहा यह क्या हो रहा है? और उस की आवाज सुनकर अंजनी डर गई पर मैं और शालू हंसनें लगे| और फिर शालू नें मेरा लंड पकड़कर अंजनी की चूत पर रखा और मैंनें अपना लंड अंजनी की चूत में डाल दिया और अंजनी की चूत की सील टूटनें से वह दर्द से तड़पनें लगी|
ऐसा मेनें तीन महीनें जब तक शालू की डिलीवरी नहीं हुई अंजनी को खूब चोदा| दीक्षा नें कहा कि ३ महीनें तक जब आप अंजनी को चोदते रहे तो क्या अंजनी दीदी गर्भ से नहीं हूइ? मैंनें कहा मैं कंडोम लगाकर अंजनी को चोदता था और कभी-कभी अपना वीर्य अंजनी को पिला देता था! दीक्षा नें कहां जीजू वीर्य पिया भी जाता है?
मैंनें कहा पी कर देख लो और मैंनें दीक्षा को दो बार और चोदा एक बार अपना वीर्य दीक्षा की चूत में डाला और एक बार उसके मुंह में! और फिर मैंनें और दीक्षा नें लंच किया और मैंनें दीक्षा को वहीं छोड़ कर आया जहा से लिया था और अपनें घर आ गया|
रात को जब मैं शालू को चोदनें लगा तो शालू नें मेरा लंड पकड़ कर पूछा क्यों जि आज किस को चोद कर आए हो? मैंनें कहा क्यों तुम ऐसा क्यों पूछ रही हो? उसनें कहा कि एक तो आपका लंड बता रहा है कि वह आज काफी जोरदार चूदाई करके आया है और दूसरा आपकी कार से मुझे यह मिला है और मुझे कंडोम का पैकेट दिखानें लगी|
फिर मैंनें शालू को दीक्षा की चूदाई की पूरी स्टोरी बता दी| मेरी बात सुनकर शालू नें दीक्षा को फोन लगा दिया और दीक्षा की मां नें उठाया और कहनें लगी कि दीक्षा आज पूरा दिन अपनें फ्रेंड के साथ मस्ती कर के आई है और बोल रही थी उसकी टांगों में बहुत दर्द है! और अब वह सो गई है! अगर कोई जरूरी बात है तो मैं उसे उठा देती हूं| शालू नें कहा नहीं ऐसी कोई बात नहीं है! फिर मुझ से कहनें लगी पता नहीं उस बेचारी के साथ क्या किया होगा आपनें? उसकी टांगों में नहीं चूत में दर्द हो रहा होगा| एक तो आपका लंड इतना बड़ा है और दूसरा जब आप चूदाई करते हो और वह भी सील बंद चूत की तो आप आगे पीछे कुछ नहीं देखते! मैंनें कहा मेरी जान मैंनें ऐसा कुछ नहीं किया||
अगले दिन दीक्षा का फोन आया और शालू नें पूछा दीक्षा तेरे जीजू से चूदाई करवाकर कैसा लगा? दीक्षा शर्मा गयी| शालू नें फिर पूछा तो दीक्षा नें कहा दीदी बहुत मजा आया| शलु नें कहा अब तेरी चूत का दर्द कैसा है? रात तेरी मम्मी बोल रही थी कि तेरी टांगों में दर्द है|
दीक्षा नें कहा दीदी अब बिल्कुल ठीक है| शालू नें कहा दीक्षा कभी शादी से पहले एक बार हमारे घर आ जाओ! फिर हम दोनों तेरे जीजू से एक साथ अपनी चूदाई करवाएंगे| दीक्षा नें कहा दीदी मम्मी कह रही थी क्या मामा के यहां जाना है और जब भी आएगी तो मैं आपके पास जरूर आऊंगी| और दो दिन बाद दीक्षा का फोन आया कि वह कल आ रही है|
और जब दीक्षा आई तो शालू उसे हमारे घर लेकर आइ तब हमारे दोनों बच्चे स्कूल में थे और मैं घर में नंगा शालू हो और दीक्षा का इंतजार कर रहा था! और उनके आते ही मैंनें उन दोनों की चूदाई की और शालू नें मुझे कंडोम लगाकर दीक्षा को चोदनें को बोला|
दीक्षा नें कहा दीदी अब आप के होते हुए मुझे क्या डर मां बननें का? और फिर मेंनें शालू और दीक्षा की एक साथ चूदाई की| दीक्षा के जानें के बाद अंजनी का फोन आया के उसे कुछ शॉपिंग करनी है और वह आ रही है! और अगले दिन अंजनी आ गई|
मैंनें दीक्षा को भी बुला लिया और फिर मैंनें तीनो की मिलकर एक साथ चूदाई की और जब दीक्षा की शादी के बाद मैंनें अपनी साले गोलू को सुहागरात के बारे में पूछा तो उसनें कहा कि जीजू मजा आ गया और मैंनें दीक्षा को पूछा तो उसनें कहा जीजू अच्छा हुआ कि आपनें मुझे पहले चोद दिया वरना आज सील टूटनें पर ना तो इतना दर्द होना था और ना ही उतना मजा आना था|

  1. क्योकि की आप के साले साब का लंड आपके लंड जैसा नहीं है और ना ही आपके लंड जितना वीर्य निकलता है! अबी दीक्षा ६ महीनें की प्रेग्नेंंट है! अंजनी की शादी होनें वाली है| यह थी मेरी अपनी साली और साले की पत्नी की चूदाई की पूरी कहानी|
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